Sun Oct 11, 2026 | 11:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

नाभि के पास दर्द कब सामान्य और कब अपेंडिक्स का संकेत? जानें डॉक्टर से

नाभि के आस-पास दर्द को सामान्य पेट दर्द मानकर इग्नोर कर दिया जाात है, लेकिन कई बार यह दर्द अपेंडिक्स हो सकता है। अगर अपेंडिक्स के दर्द का समय पर इलाज न कराया जाए, तो इससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इस लेख में डॉक्टर ने अपेंडिक्स या सामान्य दर्द के बारे में विस्तार से बताया है।  
नाभि के पास दर्द कब सामान्य और कब अपेंडिक्स का संकेत? जानें डॉक्टर सेनाभि के पास दर्द कब सामान्य और कब अपेंडिक्स का संकेत? जानें डॉक्टर से

नाभि के आस-पास दर्द होने को कई बार पेट का दर्द या गैस समझ लिया जाता है, लेकिन कई बार यह अपेंडिक्स का दर्द भी हो सकता है। हालांकि, कई मामलों में इसकी वजह कब्ज, खाना ठीक न पचना या पेट में संक्रमण जैसी सामान्य परेशानी भी हो सकती है, लेकिन हर बार पेट के दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस बारे में दिल्ली के Aakash Healthcare के Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy विभाग के Senior Consultant & Director Dr. Sharad Malhotra ने बताया कि पेट दर्द के साथ होने वाले दूसरे लक्षणों और दर्द के बढ़ने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। अगर दर्द नाभि के आस-पास शुरू हो और कुछ समय के बाद पेट के दाहिने निचले हिस्से में महसूस हो, तो यह अपेंडिसाइटिस यानी अपेंडिक्स में सूजन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में दर्द को सिर्फ गैस समझकर नजरअंदाज करना परेशानी बढ़ा सकता है।

नाभि के आसपास दर्द होने की क्या वजह हो सकती है?

Dr. Sharad Malhotra कहते हैं, “नाभि के आस-पास दर्द होने का कारण हमेशा अपेंडिक्स नहीं होता। कई बार अगर किसी ने ज्यादा खाना खा लिया, तो पेट में भारीपन, गैस, अपच या कब्ज की वजह से असहजता महसूस हो सकती है। पेट में इंफेक्शन होने पर भी दर्द के साथ दस्त, उल्टी या बुखार हो सकता है। कई बार जिम में हैवी एक्सरसाइज या भारी वजन उठाने से भी पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण नाभि के आसपास दर्द महसूस होता है। ऐसे में दर्द की वजह समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि वह कितनी देर से है, बढ़ रहा है या कम हो रहा है और उसके साथ दूसरे लक्षण भी हैं या नहीं।”

अपेंडिक्स का दर्द कैसे शुरू होता है?

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के मुताबिक, अपेंडिक्स की पहचान ऐसे की जा सकती है।

  • नाभि के पास दर्द शुरू होकर नीचे दाहिनी ओर बढ़ सकता है।
  • दर्द अचानक शुरू हो सकता है और सोते समय आपकी नींद भी खुल सकती है।
  • हिलने-डुलने, गहरी सांस लेने, खांसने या छींकने पर दर्द और बढ़ सकता है
  • दर्द इतना तेज हो सकता है कि जो आपने पहले महसूस न किया हो।
  • कुछ ही घंटों में बहुत गंभीर हो सकता है।

अपेंडिक्स के ये लक्षण न करें नजरअंदाज

Dr. Sharad Malhotra सलाह देते हैं कि अपेंडिसाइटिस में पेट दर्द के अलावा कुछ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण जरूरी नहीं हैं कि एक साथ हों, इसलिए पेट दर्द के साथ अगर ये लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

  • भूख कम लगना
  • मतली या उल्टी होना
  • बुखार आना
  • पेट में सूजन या छूने पर दर्द महसूस होना
  • कब्ज या दस्त होना

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पेट में गैस और अपेंडिक्स के दर्द की पहचान कैसे करें?

Dr. Sharad Malhotra कहते हैं कि गैस, अपच या कब्ज के कारण होने वाला दर्द कई बार पेट में ऐंठन, भारीपन या फूलने जैसा महसूस होता है। कुछ मामलों में पॉटी या गैस निकलने के बाद राहत मिल सकती है। वहीं अपेंडिक्स का दर्द नाभि के आसपास शुरू हुआ दर्द दाहिने निचले पेट में पहुंच सकता है और चलने या खांसने पर ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए खुद ही बीमारी तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

अपेंडिक्स की जांच कैसे की जाती है?

Dr. Sharad Malhotra ने बताया कि डॉक्टर मरीज से पेट में दर्द शुरू होने का समय, जगह और लक्षणों के बारे में पूछते हैं। इसके बाद फिजिकल चेकअप किया जाता है। अगर पेट का दर्द अपेंडिक्स महसूस होता है, तो जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, पेशाब की जांच या स्कैन, अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन की सलाह दी जा सकती है। जांच कराने की सलाह मरीज की उम्र और लक्षणों पर निर्भर करती है।

अपेंडिक्स के दर्द का इलाज न करना क्यों खतरनाक हो सकता है?

Cleveland Clinic के अनुसार, अपेंडिक्स का समय पर इलाज न कराने पर मरीज की जान भी जा सकती है। इसलिए अपेंडिक्स को मेडिकल इमरजेंसी माना गया है।

  • अपेंडिक्स में गंभीर रूप से सूजन आने के कारण ब्लड रुक सकता है और सूजन बढ़ने से अपेंडिक्स के टिश्यू सड़ने लगते हैं।
  • टिश्यू सड़ने से इंफेक्शन होने का रिस्क बढ़ सकता है।
  • अपेंडिक्स के आस-पास संक्रमण होने पर इसके बाहरी हिस्से में मवाद की थैली बन सकती है, जो अपेंडिक्स के चारों ओर गांठ बना सकती है। हालांकि, यह संक्रमण को रोककर रखती है, लेकिन यह कभी भी फट सकती है।
  • अपेंडिक्स फटने पर पेट के अंदरूनी हिस्सों में इंफेक्शन फैल सकता है, जो सेप्टिक शॉक का कारण बन सकता है। यह कंडीशन जानलेवा भी हो सकती है।

निष्कर्ष

Dr. Sharad Malhotra कहते हैं कि अगर नाभि के आस-पास दर्द लगातार बढ़ता रहे और पेट के निचले हिस्से में फैलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसे दर्द को दबाने के लिए खुद से दवा न लें, क्योंकि अगर यह दर्द अपेंडिक्स का हुआ, तो गंभीर रिस्क हो सकता है। हालांकि, हर बार दर्द अपेंडिक्स का नहीं होता, लेकिन मरीज को लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए।

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FAQ

  • क्या दर्द निवारक दवा खाने से अपेंडिक्स का दर्द दब सकता है?

    अपेंडिक्स होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर या एंटासिड नहीं खानी चाहिए। दवा खाने से दर्द अस्थायी रूप से छिप जाता है, जिससे बीमारी की सही पहचान में देरी हो सकती है और अपेंडिक्स फटने का खतरा बढ़ जाता है।
  • क्या बच्चों में नाभि के आसपास दर्द होने पर अपेंडिक्स होने की संभावना ज्यादा होती है?

    बच्चों में पेट दर्द अक्सर आंतों में इंफेक्शन या कब्ज से होता है। हालांकि, अगर बच्चा नाभि के पास दर्द के साथ पैर ऊपर पेट की तरफ सिकोड़कर रोए, पेट छूने न दे और लगातार उल्टी करे, तो इसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 17, 2026 18:38 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra