Sat Oct 31, 2026 | 12:12 AM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

ओवुलेशन के दौरान महिलाओं को क्यों होती है ऐंठन और दर्द? जानिए इसका कारण

ओव्यूलेशन के दौरान कई महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है, जिसे मिटेलश्मर्ज कहते हैं। यह दर्द फॉलिकल फटने, फैलोपियन ट्यूब संकुचन और प्रोस्टाग्लैंडीन स्राव जैसे कारणों से होता है।
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पीरियड साइकिल के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। कई महिलाओं को पीरियड्स के अलावा महीने के बीच में यानी ओव्यूलेशन के समय पेट के निचले हिस्से में अचानक हल्का या तेज दर्द महसूस होता है। ओव्यूलेशन के दौरान होने वाले इस दर्द को मिटेलश्मर्ज कहा जाता है। यह दर्द आमतौर पर पीरियड साइकिल के ठीक बीच में होता है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि ओव्यूलेशन के दौरान हल्का दर्द होना आम बात है और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ओव्यूलेशन के दौरान दर्द क्यों होता है?

Dr. Anju Suryapani का कहना है कि ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडाशय से एक परिपक्व अंडा बाहर निकलकर फैलोपियन ट्यूब में आता है। इस प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को दर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-

1. फॉलिकल का फटना

अंडा रिलीज होने से पहले अंडाशय के अंदर एक छोटी थैली जैसी संरचना बढ़ती है। जब अंडा पूरी तरह परिपक्व हो जाता है, तो वह इस थैली को फाड़कर बाहर निकलता है। इस फटने की प्रक्रिया के दौरान थोड़ी सी सूजन, तरल पदार्थ या हल्की ब्लीडिंग हो सकती है, जो पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करती है और दर्द का अहसास कराती है।

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2. फैलोपियन ट्यूब का संकुचन

अंडे को फैलोपियन ट्यूब के जरिए आगे बढ़ाने के लिए ट्यूब की मांसपेशियां सिकुड़ती और फैलती हैं। इन मांसपेशियों के संकुचन के कारण भी पेट के निचले हिस्से में ऐंठन या चुभन जैसा दर्द महसूस हो सकता है।

3. प्रोस्टाग्लैंडीन का स्राव

हार्मोनल बदलावों के कारण शरीर में प्रोस्टाग्लैंडीन जैसे केमिकल बनते हैं, जो मांसपेशियों को सिकोड़ते हैं। यह दर्द अक्सर पेट के उसी तरफ महसूस होता है, जिस तरफ का अंडाशय उस महीने अंडा रिलीज कर रहा होता है।

National Library of Medicine के अनुसार, ओव्यूलेशन के दौरान होने वाला दर्द पीरियड साइकिल के मध्य महिलाओं में विकसित हो रहे फॉलिकल की तरफ निचले पेट में होने वाला एक सौम्य दर्द है। यह दर्द ब्लड प्लाज्मा में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन हाई लेवल के समय होता है, जो प्रोस्टाग्लैंडीन-मेडिएटेड पाथवे के जरिए अंडाशय के आस-पास की चिकनी मांसपेशियों में संकुचन बढ़ाकर दर्द पैदा करता है।

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ओव्यूलेशन पेन के लक्षण

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, महिलाओं में ओव्यूलेशन पेन होने पर कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे-

  • यह आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने से लगभग 14 दिन पहले होता है, अगर आपका साइकिल 28 दिनों का है।
  • पेट के निचले हिस्से में एक तरफ हल्का खिंचाव, सुई चुभने जैसा दर्द या भारीपन होना।
  • यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है और कभी-कभी 24 से 48 घंटों तक भी बना रह सकता है।
  • इसके साथ हल्की वेजाइनल स्पॉटिंग, हल्का मरोड़ या जी मिचलाने की हल्की समस्या महसूस हो सकती है।

ओव्यूलेशन पेन से राहत पाने के नेचुरल उपाय

Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि यह एक सामान्य और नेचुरल शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इससे राहत पाने के लिए आमतौर पर भारी दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती है। इन आसान उपायों की मदद से आप ओव्यूलेशन के दौरान होने वाले दर्द से राहत पा सकते हैं।

  1. हीटिंग पैड- पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड रखने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम होता है।
  2. पर्याप्त पानी पिएं- डिहाइड्रेशन से मांसपेशियों की ऐंठन बढ़ सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  3. हल्की सिकाई या बाथ- गुनगुने पानी से नहाने से शरीर की जकड़न और तनाव दूर करने में मदद मिल सकती है।
  4. हल्की एक्सरसाइज या योग- स्ट्रेचिंग या हल्के योगासन करने से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे ओव्यूलेशन पेन कम हो सकता है।

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डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

ओव्यूलेशन के दौरान दर्द होना एक आम बात है, लेकिन अगर दर्द बहुत तेज हो, लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ कुछ लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें-

  • ज्यादा तेज और असहनीय दर्द जो रोजमर्रा के काम को प्रभावित करे
  • तेज बुखार, उल्टी या चक्कर आना
  • पीरियड्स के अलावा हैवी ब्लीडिंग होना
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होना

निष्कर्ष

ओव्यूलेशन के दौरान होने वाला हल्का दर्द इस बात का संकेत है कि आपका शरीर हेल्दी तरीके से काम कर रहा है और ओवरी सही समय पर अंडा रिलीज कर रही है। इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अगर दर्द सामान्य से बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।
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FAQ

  • ओव्यूलेशन का दर्द कितने दिन तक रहता है?

    ओव्यूलेशन का दर्द आमतौर पर कुछ घंटों से लेकर ज्यादा से ज्यादा 24 से 48 घंटों तक रहता है। यह दर्द हल्का और अस्थायी होता है, जो एग रिलीज होने के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। 
  • ओवुलेशन के कितने दिन बाद पीरियड आता है?

    ओवुलेशन के 14 दिन के बाद पीरियड आता है, क्योंकि ल्यूटियल फेज की अवधि आमतौर पर हर महिला में लगभग 12 से 16 दिन होती है। हालांकि, महिलाओं के साइकिल के हिसाब से इसमें थोड़ा अंतर भी हो सकता है। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 30, 2026 22:17 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani