Thu Sep 24, 2026 | 01:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

सुबह उठते ही शरीर में अकड़न क्यों रहती है? डॉक्टर से जानें

सुबह उठने पर शरीर में अकड़न कई कारणों से हो सकती है, जैसे गलत स्थिति मे सोने, डिहाइड्रेशन या बढ़ती उम्र। हल्की अकड़न के लिए स्ट्रेचिंग और हाइड्रेशन सहायक हैं, लेकिन अगर यह लंबे समय तक रहे या दर्द के साथ हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
सुबह उठते ही शरीर में अकड़न क्यों रहती है? डॉक्टर से जानेंसुबह उठते ही शरीर में अकड़न क्यों रहती है? डॉक्टर से जानें

रात की अच्छी नींद के बाद लोग अक्सर फ्रेश और एनर्जेटिक उठने की उम्मीद करते हैं, लेकिन कई बार लोगों को सोकर उठने पर थकान तो महसूस होती ही है, कुछ लोगों को हाथ-पैर, गर्दन और जोड़ों में भारीपन और अकड़न भी महसूस होती है। कई लोग इसको शुरू में नजरअंदाज करते हैं, लेकिन आराम करने के कई घंटों बाद भी परेशानी कम नहीं होती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

सुबह उठते ही शरीर में अकड़न क्यों रहती है?

डॉ. पूजा के अनुसार, सुबह अकड़न इसलिए हो सकती है, क्योंकि सोते समय शरीर कई घंटों तक एक ही स्थिति में रहता है, जिससे मांसपेशियां और जोड़े कुछ समय के लिए कम फ्लेक्सिबल हो जाते हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है। जैसे-

  • शारीरिक रूप से थका देने वाले दिन
  • गलत तरीके से सोने
  • लंबे समय तक कोई एक्टिविटी न करने
  • डिहाइड्रेशन या पानी की कमी
  • बढ़ती उम्र के साथ और भी ज्यादा महसूस हो सकती है।

हल्की अकड़न नहीं है चिंता की बात

डॉ. पूजा कहती हैं, हल्की अकड़न जो बिस्तर से उठने, चलने-फिरने या गर्म पानी से नहाने के बाद ठीक हो जाती है, वह अक्सर चिंता की बात नहीं होती है, लेकिन अकड़न का पैटर्न और समय इसके कारण के बारे में जरूरी जानकारी दे सकते हैं।

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अकड़न कब है गंभीर समस्याओं का संकेत?

डॉ. पूजा बताती हैं, अगर अकड़न बार-बार होती है या नॉर्मल से ज्यादा समय तक रहती है, तो इसके कुछ गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस
  • मांसपेशियों में खिंचाव
  • जोड़ों के आसपास सूजन
  • विटामिन या मिनरल की कमी
  • स्ट्रेस में रहने
  • रुमेटॉयड आर्थराइटिस जैसी सूजन वाली बीमारियां

साथ ही, खराब नींद, स्ट्रेस और नियमित फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी मांसपेशियों में जकड़न का कारण बन सकती है।

हल्की अकड़न को कम करने के लिए क्या करें?

डॉ. पूजा बताती हैं, सुबह होने वाली हल्की अकड़न को कम करने के लिए कुछ कामों को किया जा सकता है और इनको अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • हल्के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें
  • हेल्दी वजन बनाए रखें।
  • सुबह के समय हल्का गुनगुना पानी पिएं।
  • शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखें।
  • आरामदायक स्थिति में सोएं।
  • सही गद्दे का इस्तेमाल करें।

डॉ. पूजा आगे कहती हैं, आरामदायक स्थिति में सोना और जागने के बाद धीरे-धीरे जोड़ों को हिलाना-डुलाना मददगार हो सकता है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को सिर्फ बढ़ती उम्र का नतीजा नहीं मानना चाहिए।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2015 में Arthritis Care Research में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सुबह उठने के बाद जोड़ों का अकड़ जाना रुमेटॉयड आर्थराइटिस का सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा, यह पता लगाने के लिए कि बीमारी कितनी गंभीर है, डॉक्टर यह भी देखते हैं कि अकड़न पूरी तरह कब ठीक होती है, सामान्य काम-काज शुरू करने में कितना समय लगता है या अकड़न कितनी ज्यादा तेज है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. पूजा का कहना है, अगर सुबह की अकड़न नियमित रूप से 30-60 मिनट से ज्यादा समय तक रहती है, बदतर होती जा रही है, जोड़ों में सूजन, गर्माहट या तेज दर्द का कारण बनती है, कई बार जोड़ों को प्रभावित करती है या इसके साथ बुखार, बिना किसी कारण वजन कम होना, कमजोरी या नॉर्मल एक्टिविटी करने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखते हैं, तो डॉक्टर से इसकी जांच करवाएं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि लंबे समय तक रहने वाली अकड़न, खासकर जब यह हिलने-डुलने से ठीक हो जाती है, कभी-कभी जोड़ों में सूजन वाली बीमारी का संकेत हो सकती है। जिसके लिए इलाज की जरूरत होती है। कौन से जोड़ (joint) प्रभावित हैं, अकड़न कितने समय तक रहती है और क्या सूजन या दर्द है, इस बात का ध्यान रखने से डॉक्टर को संभावित कारण का पता लगाने और यह तय करने में मदद मिल सकती है कि आगे और टेस्ट की जरूरत है या नहीं।

निष्कर्ष

सुबह उठते ही शरीर में अकड़न महसूस होना ज्यादातर मामलों में दिनभर की थकान, गलत तरीके से सोने, लंबे समय तक एक्टिव न रहने, डिहाइड्रेशन, बढ़ती उम्र, ऑस्टियोआर्थराइटिस, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों के आसपास सूजन, स्ट्रेस, खराब नींद, फिजिकल एक्टिविटी न करने और रुमेटॉयड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों के कारण होती है।

इससे राहत के लिए पर्याप्त पानी पीने, सही गद्दे का इस्तेमाल करने, हल्की स्ट्रेचिंग करें, एक्सरसाइज करें और शरीर को दिनभर में हाइड्रेट रखें। ध्यान रहे, अगर अकड़न रोज उठने के 30 से 60 मिनट तक बनी रहती है और इसके साथ जोड़ों में दर्द, सूजन, रेडनेस और बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ऐसा करने से इसके सही कारण का पता लगाया जा सकता है, जिससे समय से इलाज हो सकता है।

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FAQ

  • शरीर में अकड़न किसकी कमी से होती है?

    शरीर या मांसपेशियों में अकड़न की समस्या मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन डी और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की कमी और पानी की कमी के कारण होती है।
  • सुबह उठते ही हाथ और पैरों में दर्द क्यों होता है?

    रातभर मांसपेशियों के इनएक्टिव रहने, ब्लड सर्कुलेशन ठीक से न होने और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं के कारण लोगों को सुबह उठने पर हाथ-पैरों में दर्द होने की समस्या होती है। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 24, 2026 12:15 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai

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