Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

क्या भरपूर पानी पीने के बाद भी आपका शरीर डिहाइड्रेट रह सकता है? जानें ऐसा क्यों और कब होता है?

दिन भर में भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं, फिर भी शरीर डिहाइड्रेट रहता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे हार्मोनल असंतुलन, हाई ब्लड शुगर आदि। डॉक्टर से जानें, कारणों के बारे में विस्तार से।

हाइड्रेशन की बात आते ही कहा जाता है कि रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और डिहाइड्रेशन के कारण होने वाली समस्याएं नहीं होती हैं। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि भरपूर पानी पीने के बाद भी बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है? जी, हां ऐसा होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर शरीर में मिनरल्स जैसे इलेक्ट्रोलाइट संतुलित नहीं है, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। आइए, Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Hospital, Delhi से जानते हैं इसके तमाम कारणों के बारे में।

पानी पीने के बावजूद शरीर डिहाइड्रेट क्यों होता है?

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इलेक्ट्रोलाइट के स्तर में गिरावट

Dr. Vineeta Singh Tandon बताती हैं, "सिर्फ पानी पीने से बॉडी हाइड्रेट नहीं होती है। डॉक्टर कहते हैं, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट, जैसे सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का स्तर भी महत्वपूर्ण होता है। ये सभी पोषक तत्व पानी को शरीर में होल्ड करने में मदद करते हैं, ताकि शरीर में लंबे समय तक पानी की कमी न हो। इन पोषक तत्वों की कमी के कारण पानी बिना अवशोषित हुए पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है।"

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हाई ब्लड शुगर की समस्या

Dr. Vineeta Singh Tandon के शब्दों में, "आपने देखा होगा कि जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें बार-बार पेशाब आता है। दरअसल, डायबिटीज की वजह से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। नतीजतन, किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे मरीज को बार-बार पेशाब आ सकता है। इस तरह की स्थिति में मरीज भले ही जितनी ज्यादा मात्रा में पानी पी ले, लेकिन शरीर में फ्लूइड की कमी हो जाती है और डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है।"

अत्यधिक कैफीन का सेवन

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Dr. Vineeta Singh Tandon आगे बताती हैं, "अगर आप उन लोगों में से हैं, जो दिन भर में काफी ज्यादा मात्रा में कॉफी पीते हैं, तो ध्यान रखें कि पानी पीने के बावजूद शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। असल में, कैफीन एक ड्यूरेटिक के रूप में काम करता है। जानकारी के लिए बता दें कि ड्यूरेटिक वह तत्व है, जो किडनी को पेशाब की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। कई दवाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है। खैर, कैफीन के कारण बार-बार पेशाब की समस्या हो सकती है, जिससे पानी पीने के बावजूद शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है।" हालांकि, PLOS ONE में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से सीमित मात्रा में कॉफी पीने पर, उसमें मौजूद पानी का स्तर शरीर को उतना ही हाइड्रेट रखता है जितना कि सादा पानी।

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दवाओं का प्रभाव

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2019 में MDPI Nutrients में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, कई दवाएं भी बॉडी को डिहाइड्रेट कर सकती हैं। दरअसल, ये दवाइयां मूत्रवर्धक होती हैं। कुछ मामलों में दवाएं, प्यास लगने की क्षमता या भूख को कम कर देती हैं, जिससे मरीज चाहकर भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी  पाता है। इसके अलावा, ब्लड प्रेशर या हार्ट से जुड़ी कुछ बीमारियों में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जिससे किडनी को बार-बार पेशाब बनाने का संकेत मिलता है। यही कारण है कि आप जितना ज्यादा मात्रा में पानी पीते हैं, ये दवाएं उतनी ही तेजी से पानी को पेशाब के रास्ते से बाहर निकाल देती हैं।

Dr. Vineeta Singh Tandon बताती हैं कि कई दवाएं ऐसी भी होती हैं, जो पानी के साथ-साथ शरीर से सोडियम को भी बाहर निकाल देती हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स के बिना कोशिकाएं पानी को रोककर नहीं रख पाती हैं।

बहुत ज्यादा पसीना बहना

कई बार आपने नोटिस किया होगा कि इंटेंस वर्कआउट के दौरान बार-बार प्यास लगती है। प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर में पानी की कमी हो रही है। ऐसे में आप काफी मात्रा में पानी पीते रहते हैं। हां, अगर इसके बाद भी बार-बार पसीना आता रहे, तो पानी पीने के बावजूद शरीर में पसीने के रूप में कई जरूरी मिनरल्स बह जाते हैं।

पाचन संबंधी समस्या

निश्चित रूप से पाचन संबंधी समस्या होने पर भी आपको डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, दस्त या उल्टी जैसी परेशानी में काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बावजूद बॉडी डिहाइड्रेटेड रहती है। इसी वजह से दस्त या उल्टी होने पर मरीज को इलेक्ट्रोलाइट वॉटर पीने के लिए दिया जाता है, ताकि शरीर में इनका संतुलन बना रहे।

हार्मोनल असंतुलन 

क्या आपने कभी महसूस किया है कि पर्याप्त पानी पीने के बावजूद शरीर में पानी की कमी हो रही है? ऐसा हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकता है। विशेषज्ञ समझाते हैं कि हार्मोनल असंतुलन के कारण कई ऑर्गन सही तरह से काम नहीं कर पाते हैं। इसमें किडनी भी शामिल है। दरअसल, जब हार्मोन सही से काम नहीं करते हैं, तो पानी शरीर में इस्तेमाल होने के बजाय सीधा शरीर से पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है।

साल 2016 में  MDPI Nutrients नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में फ्लूइड को नियंत्रित करने वाले हार्मोन (जैसे ADH) सही तरीके से काम करते हैं। हालांकि इसे किसी मेडिकल हार्मोनल असंतुलन का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

निष्कर्ष

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बावजूद शरीर में पानी की कमी हो रही है, तो इस स्थिति की अनदेखी न करें। ऐसा करने से सेहत को भारी नुकसान हो सकता है। असल में, पानी पीने के बाद भी शरीर डिहाइड्रेट रहता है, तो यह किसी न किसी तरह की बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसमें हाई बीपी, ब्लड शुगर का बढ़ना या किडनी पर अतिरिक्त दबाव आदि। आप अपनी समस्या को समझें और समय पर डॉक्टर के पास जाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • हाइपोनेट्रेमिया के लक्षण क्या हैं?

    जब कोई व्यक्ति बिना इलेक्ट्रोलाइट्स के जरूरत से ज्यादा पानी पी लेता है, तो उसे हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं। ऐसा होने पर जी मिचलाना, सिरदर्द, भ्रम, थकान और गंभीर मामलों में दौरे आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • डिहाइड्रेशन का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है?

    इसके लिए Skin Turgor Test किया जाता है। यह टेस्ट करने के लिए हाथ की स्किन को दो उंगली की मदद से ऊपर की ओर यानी चुटकी से ऊपर खींचकर छोड़ने पर यदि त्वचा तुरंत अपनी सामान्य स्थिति में वापस नहीं लौटती और कुछ सेकंड के लिए सिकुड़ी रहती है, तो इससे पता चलता है कि शरीर में फ्लूइड की कमी है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 17, 2026 16:48 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon

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