Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Doctor Verified

दिन भर AC में रहने से है बदन दर्द और मांसपेशियों में अकड़न? जानें कैसे दूर करें इसे

गर्मियों में ज्यादातर लोग एसी में ही रहते हैं। जिसके कारण मांसपेशियों में अकड़न की समस्या होती है। ऐसे में इससे राहत के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है।

गर्मियों में इससे बचने के लिए अक्सर लोग एसी में ही बैठे रहते हैं। इसके कारण कई लोगों को मांसपेशियों में अकडन और दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार लोग समझ नहीं पाते हैं कि इससे बचने के लिए क्या करें? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bangalore से जानें।

दिनभर AC में रहने से मांसपेशियों में अकड़न और दर्द क्यों होता है?

डॉ. अरविंदा एस एन के अनुसार, "एयर-कंडीशन्ड जगहों पर लंबे समय तक रहने से कभी-कभी शरीर में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न और जोड़ों में परेशानी हो सकती है, खासकर अगर तापमान बहुत कम हो जाए या शरीर लंबे समय तक बिना हिले-डुले एक ही जगह पर रहे। जब ठंडी हवा लगातार चलती रहती है, तो मांसपेशियों में खून का बहाव धीमा हो सकता है। इससे मांसपेशियां कस जाती हैं और आपको एक तरह का अकड़ा हुआ और भारी दर्द महसूस होता है। जो लोग ऑफिस का काम करते हैं, AC के पास सो जाते हैं या घंटों तक एक ही पोस्चर में बैठे रहते हैं, उन्हें अक्सर गर्दन में दर्द, कंधों में अकड़न, पीठ दर्द और यहां तक कि मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत होती है।

इसे भी पढ़ें: एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों की जकड़न कैसे दूर करें? अपनाएं ये 3 आसान उपाय

बढ़ सकती है पुरानी समस्याएं

डॉ. अरविंदा एस एन आगे कहते हैं, "AC से निकलने वाली सूखी हवा के कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है, जिससे मांसपेशियों की थकान और शरीर का आम दर्द और भी बढ़ सकता है। कुछ लोगों के लिए, ठंडी स्थितियां बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं होती हैं। वे गठिया, साइनस की समस्या या मांसपेशियों में स्ट्रेस से होने वाले सिरदर्द जैसी पुरानी समस्याओं को और भी बढ़ा सकती हैं।"

how to get rid of body pain and muscle stiffness caused by air conditioner 01 (5)

मांसपेशियों की अकड़न को कैसे दूर करें?

डॉ. अरविंदा एस एन के अनुसार, "मांसपेशियों की अकड़न से बचने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।

  • इस परेशानी को कम करने के लिए AC का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा रखने के बजाय उसे मध्यम स्तर पर रखें।
  • सीधे AC की हवा के नीचे बैठने से बचें।
  • अगर आपको ठंड लगे, तो एक हल्का शॉल या पतली जैकेट पहन लें।
  • पर्याप्त पानी पिएं: हां, पूरे दिन पानी पीते रहें, क्योंकि जब शरीर में पानी की सही मात्रा होती है, तो मांसपेशियां अपना काम बेहतर तरीके से कर पाती हैं।
  • हर घंटे थोड़ी-बहुत स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों में खून का बहाव बेहतर होता है और शरीर में अकड़न या जकड़न महसूस नहीं होती है।
  • हल्का-फुल्का योग करें
  • थोड़ी देर टहलें
  • गर्म पानी से नहाना भी मांसपेशियों को आराम दे सकता है।
  • काम करते समय एक आरामदायक (एर्गोनोमिक) कुर्सी का इस्तेमाल करने और अपनी बैठने की मुद्रा (पोस्चर) को सही रखने से भी गर्दन और पीठ पर पड़ने वाला स्ट्रेस कम हो सकता है।"

इसे भी पढ़ें: हाथ-पैरों में अचानक होने वाले दर्द को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर से जानें इसके कारण

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अरविंदा एस एन के अनुसार, "अगर दर्द लगातार बना रहता है, बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या इसके साथ सूजन, कमजोरी या कोई अन्य चिंताजनक लक्षण दिखाई देते हैं, तो किसी भी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का पता लगाने के लिए डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो सकता है।"

निष्कर्ष

लंबे समय तक ठंडे तापमान में रहने से मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाती है। ऐसे में इससे राहत के लिए पर्याप्त पानी पिएं, थोड़ी देर टहलें, हल्का योग करें, ठंड लगने पर जैकेट पहनें, एसी के सामने बैठने से बचें और गर्म पानी से नहाएं। ऐसा करने से मांसपेशियों को आसाम मिलता है। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • एसी में रहने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

    एसी में लंबे समय तक रहने से व्यक्तिको सांस से जुड़ी, डिहाइड्रेशन, जोड़ों में दर्द और स्किन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • मांसपेशियों अकड़न को कम करने के लिए क्या करें?

    मांसपेशियों में अकड़न की समस्या से राहत के लिए गर्म या ठंडी सिकाई करें, हल्के हाथों से मालिश करें, स्ट्रेचिंग करें, पर्याप्त पानी पिएं, भरपूर नींद लें और पोटेशियम से युक्त फूड्स खाएं। 

Read Next

हर समय हेल्दी खाने के पीछे रहते हैं ऑब्सेस्ड? ये है ‘Orthorexia’ का संंकेत, समझें क्या ये बीमारी है

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 23, 2026 23:22 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • May 23, 2026 23:22 IST

    Published By : Priyanka Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content