Mon Oct 12, 2026 | 05:35 AM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

हर समय हेल्दी खाने के पीछे रहते हैं ऑब्सेस्ड? ये है ‘Orthorexia’ का संंकेत, समझें क्या ये बीमारी है

ऑर्थोरेक्सिया एक कंडीशन है ज‍िसमें लोग हेल्‍दी खाने को लेकर बहुत पाबंद हो जाते हैं और सख्‍त डाइट फॉलो करने लगते हैं। इसका असर उनकी मानस‍िक और शारीर‍िक सेहत पर होता है।
हर समय हेल्दी खाने के पीछे रहते हैं ऑब्सेस्ड? ये है ‘Orthorexia’ का संंकेत, समझें क्या ये बीमारी है
हर समय हेल्दी खाने के पीछे रहते हैं ऑब्सेस्ड? ये है ‘Orthorexia’ का संंकेत, समझें क्या ये बीमारी है

हेल्‍दी खाना अच्‍छी बात है, लेक‍िन कहते हैं न कि‍ जब क‍िसी चीज की अति‍ हो जाती है, तो वह हान‍िकारक होती है। ठीक वैसे ही जरूरत से ज्‍यादा हेल्‍दी खाने का जुनून आपको बीमार बना सकता है। ऑर्थोरेक्सिया एक कंडीशन है ज‍िसमें व्‍यक्‍त‍ि हर समय हेल्‍दी खाने के बारे में सोचता रहता है और उसे हर समय अपनी सेहत की च‍िंता रहती है। इससे व्‍यक्‍त‍ि की शारीर‍िक और मानस‍िक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। ऑर्थोरेक्सिया के लक्षण, कारण, इलाज जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

ऑर्थोरेक्सिया क्‍या है?

orthorexia-treatment-in-hindiorthorexia-treatment-in-hindi

कई लोग हेल्‍दी खाने को लेकर बहुत ज्‍यादा च‍िंतन करते हैं, यह अच्‍छी आदत नहीं बल्‍क‍ि ऑर्थोरेक्सिया हो सकता है। यह आदत इसल‍िए भी खतरनाक है क्‍योंक‍ि लोग डाइट से जरूरी चीजों को धीरे-धीरे हटाने लगते हैं।

यह भी पढ़ें- ज्यादा खुशी या दुख में करता है तरह-तरह की चीजें खाने का मन? जानें इमोशनल ईट‍िंग से जुड़ी ये 5 बातें

ऑर्थोरेक्सिया के लक्षण क्‍या हैं?

  • कभी-कभी अनहेल्‍दी खाने पर भी अपराध करने जैसा महसूस करना इसका लक्षण हो सकता है।
  • हर समय हेल्‍दी खाने के बारे में सोचना और जरूरत से ज्‍यादा हेल्‍दी चीजों का सेवन करना।
  • खाने की मात्रा चेक करके खाना और हर वक्‍त डाइट की च‍िंता होना।
  • हेल्‍दी खाने के व‍िकल्‍प, कुक‍िंग का तरीका और इंग्रीड‍ि‍एंट्स को लेकर सख्‍त न‍ियम‍ बनाना।

यह भी पढ़ें- Binge Eating Disorder: जरूरत से ज्यादा खाना कौन सी बीमारियों को बढ़ा सकता हैं? डॉक्टर से जानें मैनेज करने के तरीके

ऑर्थोरेक्सिया के कारण

  • एंग्जायटी या ऑब्सेसिव व्यवहार होना।
  • हर चीज को कंट्रोल में रखने की आदत।
  • गलत या अधूरी न्यूट्रिशन जानकारी को सच मान लेना।
  • ईट‍िंग ड‍िसऑर्डर का श‍िकार होना।
  • वजन बढ़ने या बीमार होने का ज्‍यादा डर होना।

यह भी पढ़ें- बॉडी शेमिंग के कारण हो सकती है मानसिक बीमारियां, साइकोलॉजिस्ट बता रहे हैं इससे उबरने का तरीका

ऑर्थोरेक्सिया का इलाज कैसे किया जाता है?

  • योग, मेडिटेशन जैसी तकनीक से मन को शांत कर सकते हैं और इस समस्‍या से बाहर न‍िकल सकते हैं।
  • पर‍िवार और दोस्‍तोंं की मदद से सामान्‍य ईटि‍ंग पैटर्न बनाने में मदद म‍िलती है।
  • खाने के बारे में ज्‍यादा सोचने की समस्‍या को कंट्रोल करने के ल‍िए CBT थेरेपी की मदद ली जाती है।
  • डायटीशियन या न्यूट्रिशनिस्ट की मदद ली जाती है जो व्यक्ति को संतुलित डाइट का महत्व समझाते हैं।

यह भी पढ़ें- ज्यादा खाने (ओवरईटिंग) से हो सकती हैं ये 5 गंभीर बीमारियां, यूं करें खुद का बचाव

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • खाने को लेकर हर समय तनाव महसूस होना।
  • कई जरूरी फूड्स का सेवन न करना।
  • तेजी से वजन कम होना।
  • कमजोरी, थकान या चक्‍कर महसूस होना।
  • मानस‍िक और शारीर‍िक सेहत प्रभाव‍ित होना।

न‍िष्‍कर्ष:

ऑर्थोरेक्सिया होने पर व्‍यक्‍त‍ि हेल्‍दी खाने के बारे में जरूरत से ज्‍यादा सोचता है। हेल्‍दी खाना अच्‍छी बात है, लेक‍िन जब यह जुनून बन जाए और इससे मानस‍िक और शारीर‍िक सेहत प्रभाव‍ित होने लगे, तो ऑर्थोरेक्सिया खतरनाक हो सकता है इसल‍िए इसके लक्षण नजर आने पर एक्‍सपर्ट से संपर्क करें।

FAQ

  • ऑर्थोरेक्सिया से कैसे बचें?

    ऑर्थोरेक्सिया या जरूरत से ज्‍यादा हेल्‍दी खाने की आदत से बचने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट लें, एक्‍सरसाज करें और काउंसलर या न्‍यूट्र‍िशन एक्‍सपर्ट की सलाह लें। 
  • ऑर्थोरेक्सिया होने पर क्‍या न करें?

    खाने को लेकर जरूरत से ज्‍यादा सख्‍त न‍ियम‍ न बनाएं। हर समय हेल्‍दी फूड के बारे में न सोचें और न ही बार-बार अपना वजन चकें, इससे आप बीमार हो सकते हैं।

Read Next

→ फोन ज्यादा चलाने के बाद सिर दर्द क्यों होता है? आंखों और दिमाग पर पड़ सकता है असर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 22, 2026 16:15 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 22, 2026 16:15 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha