Sun Oct 11, 2026 | 02:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

फोन ज्यादा चलाने के बाद सिर दर्द क्यों होता है? आंखों और दिमाग पर पड़ सकता है असर

आज के समय में स्मार्टफोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लंबे समय तक फोन चलाने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिर दर्द और आंखों में थकान हो सकती है।
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आज के समय में स्मार्टफोन लोगों की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है। चाहे ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग, वीडियो देखना या दोस्तों से चैट करना, ज्यादातर लोग दिन का बड़ा हिस्सा मोबाइल स्क्रीन पर बिताते हैं। कई लोगों की आदत बन चुकी है कि सुबह आंख खुलते ही फोन हाथ में आ जाता है और रात को सोने से पहले तक लगातार स्क्रीन देखते रहते हैं। हालांकि तकनीक ने जिंदगी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हेल्थ पर नकारात्मक असर भी डाल रहा है। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी से जानिए, फोन ज्यादा चलाने के बाद सिर दर्द क्यों होता है?

फोन ज्यादा चलाने के बाद सिर दर्द क्यों होता है?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति लगातार फोन स्क्रीन को देखता रहता है, तो आंखों की मांसपेशियां लंबे समय तक एक ही दूरी पर फोकस बनाए रखती हैं। इससे आंखों पर दबाव बढ़ने लगता है, जिसे डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। इस स्थिति में आंखों में जलन, धुंधला दिखना, आंखों का थक जाना और माथे के आसपास भारीपन महसूस हो सकता है। यही परेशानी आगे चलकर सिरदर्द का कारण बनती है। कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ऐसा होना आंखों और मेंटल हेल्थ दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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  • फोन इस्तेमाल करते समय ज्यादातर लोग सामान्य से कम पलक झपकाते हैं। बार-बार पलक झपकाने से आंखें नम बनी रहती हैं, लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर ब्लिंकिंग कम हो जाती है। इससे आंखें सूखने लगती हैं और ड्राईनेस बढ़ जाती है।
  • आंखों में सूखापन होने पर जलन, चुभन और भारीपन महसूस हो सकता है, जो धीरे-धीरे सिरदर्द को ट्रिगर करता है।
  • यही वजह है कि लंबे समय तक मोबाइल देखने के बाद कई लोगों को आंखों के पीछे दर्द महसूस होने लगता है।
  • डॉ. सुरिसेट्टी के अनुसार, फोन इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर गर्दन को आगे झुकाकर बैठते हैं। यह आदत गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
  • जब गर्दन की मांसपेशियों में तनाव बढ़ता है, तो यह दर्द धीरे-धीरे सिर तक पहुंच सकता है और टेंशन हेडेक का कारण बन सकता है।
  • लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठना केवल सिरदर्द ही नहीं बल्कि गर्दन दर्द और पीठ दर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ा सकता है।

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सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी सलाह देते हैं कि स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। फोन इस्तेमाल करते समय हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इसके अलावा फोन को आंखों के लेवल पर रखें, अंधेरे में ज्यादा ब्राइटनेस पर स्क्रीन न देखें और लंबे समय तक लगातार स्क्रॉलिंग से बचें। नियमित रूप से पलक झपकाने की आदत आंखों को ड्राई होने से बचाती है और सिरदर्द का खतरा कम कर सकती है।

निष्कर्ष

लगातार और लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना आंखों, गर्दन और दिमाग पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे सिरदर्द, आंखों में जलन और थकान जैसी समस्याएं होने लगती हैं। डिजिटल आई स्ट्रेन, ड्राई आंखें और गलत पोश्चर इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। हालांकि सही स्क्रीन आदतें अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

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FAQ

  • डिजिटल आई स्ट्रेन क्या होता है?

    लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या स्क्रीन देखने से आंखों में होने वाली थकान और तनाव को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है।
  • क्या फोन की ब्लू लाइट सिरदर्द बढ़ा सकती है?

    ब्लू लाइट आंखों पर असर डाल सकती है और माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या बढ़ा सकती है।
  • क्या देर रात फोन चलाने से सिरदर्द हो सकता है?

    देर रात स्क्रीन देखने से नींद प्रभावित होती है, जो सिरदर्द का कारण बन सकती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 22, 2026 13:24 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 22, 2026 13:24 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti