Thu Oct 15, 2026 | 04:53 AM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या कम सोने से स्किन पर एजिंग के लक्षण ज्यादा जल्दी दिखते हैं? जानें डॉक्टर से

कम सोने से स्किन एजिंग की प्रक्रिया में तेजी आती है। हालांकि, इस प्रक्रिया को समझना जरूरी है ताकि आप समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार कर सकें। 
क्या कम सोने से स्किन पर एजिंग के लक्षण ज्यादा जल्दी दिखते हैं? जानें डॉक्टर सेक्या कम सोने से स्किन पर एजिंग के लक्षण ज्यादा जल्दी दिखते हैं? जानें डॉक्टर से

यह तो आप जानते ही होंगे कि रात की नींद हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। अगर हम रोजाना गहरी और अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो इसकी वजह से हमारा समग्र स्वास्थ्य, जैसे हार्ट हेल्थ आदि पर प्रभावित होते हैं। कुछ लोगों का यह मानना है कि कम सोने का स्किन पर भी असर पड़ता है और स्किन एजिंग भी तेजी से होती है। सवाल है, क्या यह वाकई सच है या महज एक मिथक? आइए, जानते हैं राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से।

क्या कम सोने से वाकई स्किन एजिंग तेजी से होती है?

can lack of sleep cause premature skin ageing 02 (4)can lack of sleep cause premature skin ageing 02 (4)

हां, यह पूरी तरह सच है कि नींद की कमी स्किन को प्रभावित करती है और एजिंग प्रक्रिया को भी तेज कर देती है। इस संबंध में डाॅ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "अगर कोई लंबे समय से नींद की कमी से जूझ रहा है, तो ऐसे में हमारी स्किन खुद को सही तरह से रिपेयर नहीं कर पाती है। ऐसे में स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान होने लगता है, जिससे स्किन एजिंग की प्रक्रिया पर असर पड़ता है।"

इसे भी पढ़ें: रात के समय स्किन खुद को ज्यादा तेजी से क्यों रिपेयर होती है? डॉक्टर से जानें

कम सोने से स्किन एजिंग तेजी से कैसे होती है?

can lack of sleep cause premature skin ageing 01 (18)can lack of sleep cause premature skin ageing 01 (18)

कोलेजन का टूटनाः डाॅ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार अच्छी नींद के दौरान, शरीर अपने अधिकांश कोलेजन और इलास्टिन का प्रोडक्शन करता है। ये वो प्रोटीन हैं, जो त्वचा को झुर्रियों से मुक्त रखने में मदद करते हैं। नींद की कमी से मैट्रिक्स मेटालोप्रोटीनिस नामक एंजाइम बढ़ जाते हैं, जो सक्रिय रूप से कोलेजन को तोड़ते हैं।

स्किन बैरियर को नुकसानः रोजाना गहरी नींद न लेने की वजह से हमारी स्किन सेल्स खुद को रिपेयर नहीं कर पाती हैं। जब कोई लंबे समय तक अच्छी नींद नहीं लेता है, तो इसकी वजह से हमारी स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान होने लगता है, जिससे स्किन डल और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में स्किन एजिंग की प्रक्रिया भी बढ़ती है। 

कोर्टिसोल का स्तर बढ़नाः नींद की कमी से स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में त्वचा में एक्ने-पिंपल की समस्या हो जाती है। असल में, नींद की कमी से त्वचा में सूजन बढ़ जाती है, जो कि स्किन एजिंग प्रक्रिया को भी ट्रिगर करती है।

इसे भी पढ़ें: रात में सोने से पहले जरूर करें त्वचा की देखभाल, जानें Night Skincare क्यों है जरूरी?

निष्कर्ष

हर व्यक्ति को रोजाना 8-9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। विशेषकर, स्किन की रिपेयर प्रक्रिया के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है। अगर किसी वजह से आप पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं, तो बेहतर है कि आप एक्सपर्ट से मिलें और अपना ट्रीटमेंट कराएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • त्वचा को बूढ़ा होने से बचाने के लिए कम से कम कितने घंटे की नींद जरूरी है?

    रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और आरामदायक नींद स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करती है।
  • नींद की कमी से डार्क सर्किल क्यों होते हैं?

    पर्याप्त नींद नहीं लेने की वजह से शरीर थक जाता है और आंखों के नीचे ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं। इसी वजह से डार्क सर्कल्स और पफीनेस होने लगता है।
  • क्या दिन में सोने से रात की अधूरी नींद और स्किन डैमेज की भरपाई हो सकती है?

    नहीं, रात की गहरी नींद का कोई विकल्प नहीं है।

Read Next

→ कम उम्र में बाल सफेद होने के क्या कारण हो सकते हैं? बता रहे हैं डॉक्टर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 21, 2026 09:24 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 21, 2026 09:24 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra