कोलेजन सप्लीमेंट्स या क्रीम का इस्तेमाल वर्तमान में लोगों के बीच बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कोलेजन स्किन पर बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। मार्केट में कोलेजन पाउडर, कैप्सूल और क्रीम हर रूप में मिलती है, जिस कारण लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि उनके लिए बेस्ट क्या है? कोलेजन क्रीम को हम सीधे तौर पर अपनी स्किन पर लगाते हैं, इसलिए यह ऊपर से हमारी स्किन को हेल्दी रख सकता है, लेकिन अंदरूनी समस्याओं के कारण होने वाली स्किन से जुड़ी परेशानियों से नहीं राहत दिला सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से विस्तार से जानते हैं कि स्किन के लिए कोलेजन पाउडर, कैप्सूल या क्रीम में से क्या सबसे ज्यादा असरदार होती है?
कोलेजन क्रीम, कैप्सूल और पाउडर में अंतर
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि कोलेजन स्किन के लिए एक सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करता है, जो स्किन को टाइट, लचीला और जवान बनाए रखने में मदद करता है। स्किन को हेल्दी रखने और एजिंग से जुड़े लक्षणों को कम करने में कोलेजन पाउडर काफी असरदार होता है। लोग इसे क्रीम, कैप्सूल और पाउडर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इन तीनों में क्या ज्यादा असरदार होता है इस बारे में जानना बहुत जरूरी है।
| कोलेजन का प्रकार | त्वचा पर असर | कितना प्रभावी? | निष्कर्ष |
कोलेजन पाउडर |
सबसे बेस्ट और असरदार, झुर्रियां कम करता है और स्किन की नमी को बढ़ाता है। |
90 दिनों तक कोलेजन पाउडर लेने से स्किन एजिंग को कम करने में ज्यादा असरदार होता है। |
यह पानी में आसानी से घुलकर सीधे ब्लडस्ट्रीम में अवशोषित हो जाता है। |
कोलेजन कैप्सूल |
काम करता है, लेकिन रोजाना की जरूरी डोज पूरी करना मुश्किल हो सकता है। |
रोजाना 2.5g से 10g कोलेजन चाहिए, जिसके लिए दिन में 5 से 10 कैप्सूल खाने पड़ सकते हैं। इतनी ज्यादा मात्रा पेट की सेहत को प्रभावित कर सकती है। |
खाने में सुविधाजनक होता है, लेकिन लंबे समय के लिए पाउडर से कम असरदार हो सकता है। |
कोलेजन क्रीम |
कोई स्थायी असर नहीं होता है, सिर्फ ऊपरी स्किन को कुछ समय के लिए मुलायम बनाता है, झुर्रियां ठीक नहीं करता। |
कोलेजन मॉलिक्यूल का साइज बहुत बड़ा होता है, जिससे यह स्किन के पोर्स पार करके त्वचा के अंदर नहीं जा पाता। |
यह स्किन में नया कोलेजन नहीं बना सकती, सिर्फ त्वचा के ऊपर नमी रोकने में थोड़ा असरदार होती है। |
स्किन के लिए कोलेजन क्रीम कितनी असरदार है?
जब आप किसी दुकान या ऑनलाइन स्टोर पर फैंसी पैकेजिंग वाली एंटी-एजिंग कोलेजन क्रीम या सीरम देखते हैं, तो लगता है कि इसे सीधे चेहरे पर लगाने से स्किन तुरंत जवान हो जाएगी। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार यह एक मिथक है। Dr. Akshay Chugh का कहना है कि कोलेजन एक बहुत ही बड़ा और कॉम्प्लेक्स प्रोटीन मॉलिक्यूल होता है। हमारी स्किन की सबसे ऊपरी परत एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। कोलेजन मॉलिक्यूल का साइज इतना बड़ा होता है कि वह स्किन के पोर्स को पार करके अंदरूनी परत तक पहुंच ही नहीं पाती है। क्रीम में मौजूद कोलेजन आपकी स्किन के ऊपर एक परत बना देता है, जो नमी को रोकती है। इससे स्किन कुछ समय के लिए मुलायम लग सकती है, लेकिन यह अंदर से झुर्रियों को ठीक नहीं कर सकती है या नया कोलेजन नहीं बना पाती है। इसलिए अगर आप एंटी-एजिंग के लिए सिर्फ कोलेजन क्रीम पर निर्भर रहते हैं तो यह जान लें कि यह आपके लिए असरदार नहीं होता है।
कोलेजन कैप्सूल लेने का फायदा और तरीका
कोलेजन कैप्सूल या टैबलेट का इस्तेमाल भी कई लोग अपने शरीर में कोलेजन की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। कोलेजन कैप्सूल सही तरह से काम करते हैं क्योंकि यह ओरल सप्लीमेंट हैं यानी इन्हें खाया जाता है। हालांकि, इसे खाने के दौरान डोज की मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। Dr. Akshay Chugh के अनुसार, स्किन पर विजिबल असर देखने के लिए शरीर को रोजाना कम से कम 2.5 ग्राम से 10 ग्राम (2500mg से 10000mg) हाइड्रोलाइज्ड कोलेजन की जरूरत होती है।
साल 2023 में Nutrients में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार कोलेजन का असर समय के साथ बढ़ता है। 4, 6, 8 और 12 हफ्तों तक इसका सेवन करने से सुधार होता है। 8 हफ्तों से ज्यादा समय तक कोलेजन का इस्तेमाल करने पर स्किन पर इसका ज्यादा फायदा दिखता है।
Dr. Akshay Chugh ने यह भी बताया कि शरीर एक नॉर्मल कोलेजन कैप्सूल 500mg से 1000mg का होता है, यानी एक दिन की खुराक पूरी करने के लिए आपको दिन में 5 से 10 कैप्सूल खाने पड़ सकते हैं, जो आपके पेट के लिए अच्छा नहीं होता है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह पर ही सही तरह से सही खुराक लेनी चाहिए।
कोलेजन पाउडर क्यों होता है बेस्ट?
कोलेजन सप्लीमेंट लेने का सबसे आम और लोकप्रिय तरीका पाउडर फॉर्म में लेना है। कोलेजन पाउडर को हाइड्रोलाइज्ड कोलेजन पाउडर (Hydrolyzed Collagen Powder) या कोलेजन पेप्टाइड्स के रूप में भी जाना जाता है। हाइड्रोलाइज्ड का मतलब होता है कि इस पाउडर में बड़े कोलेजन प्रोटीन को साइंटिफिक प्रक्रिया द्वारा बहुत ही छोटे-छोटे टुकड़ों यानी पेप्टाइड्स में तोड़ दिया जाता है। जब आप इस पाउडर को पानी या स्मूदी में मिलाकर पीते हैं, तो यह आपके पेट और गट में बहुत आसानी से और तेजी से अवशोषित होकर सीधे आपके ब्लडस्ट्रीम में पहुंच जाता है।
साल 2021 में International Journal Of Dermatology में प्रकाशित एक स्टडी में कोलेजन पाउडर और स्किन एजिंग को लेकर क्लिनिकल ट्रायल किया गया है। इस ट्रायल में 1125 लोगों पर 19 अलग-अलग क्लिनिकल ट्रायल किए गए। इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि 90 दिनों तक कोलेजन पाउडर का इस्तेमाल स्किन एजिंग से जुड़ी समस्याओं के बढ़ने के संकेतों को कम करने में काफी असरदार माना जाता है। इसके सेवन से झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा की नमी बनी रहती है।
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कोलेजन क्रीम, कैप्सूल और पाउडर: तीनों में से क्या है सबसे बेस्ट?
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, कोलेजन पाउडर (Hydrolyzed Collagen) कोलेजन कैप्सूल और क्रीम से ज्यादा आपकी स्किन के लिए असरदार होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह पाउडर बहुत बारीक टुकड़ों में होता है, जिसे हमारा पेट आसानी से पचाकर सीधे ब्लड में पहुंचा देता है। साथ ही, स्किन को हेल्दी और एजिंग को कम करने के लिए रोजाना जितने कोलेजन की जरूरत होती है, वह पाउडर के एक या दो चम्मच से आसानी से मिल जाती है। अगर आप 2 से 3 महीने तक रोजाना इस पाउडर को पानी या स्मूदी में मिलाकर पीते हैं, तो चेहरे की झुर्रियां कम होने लगती हैं और स्किन ग्लोइंग और हाइड्रेटेड रहती है।

त्वचा के लिए सबसे प्रभावी कोलेजन सप्लीमेंट कैसे चुनें?
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि अगर आप कोलेजन पाउडर लेना शुरू करने का सोच रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें-
- मरीन बनाम बोवाइन कोलेजन बाजार में टाइप-1 और टाइप-3 कोलेजन के रूप में मिलते हैं। स्किन के लिए Type-1 (Marine Collagen) मछलियों से निकाला जाता है। इस कोलेजन को सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इसका अवशोषण शरीर में 1.5 गुना ज्यादा तेजी से होता है। वेजिटेरियन लोग प्लांट-बेस्ड कोलेजन ले सकते हैं, जो शरीर में कोलेजन बनाने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
- शरीर में कोलेजन के बनाने की प्रक्रिया के लिए विटामिन सी बहुत जरूरी होता है। इसलिए, कोलेजन के लिए ऐसा सप्लीमेंट चुनें, जिसमें विटामिन सी और हयालूरोनिक एसिड पहले से मिक्स हो या फिर इसे लेते समय नींबू पानी या संतरे का जूस पिएं।
- स्किन के सेल्स रिपेयर होने में समय लगता है। इसलिए, आपको कम से कम 8 से 12 हफ्तों तक लगातार इसका सेवन करना होगा, ताकि सही असर आपकी स्किन पर नजर आ सके।
- अगर आप सिगरेट पी रहे हैं, मीठा ज्यादा खा रहे हैं, और बिना सनस्क्रीन लगाए धूप में जाते हैं तो इन आदतों से बचें। लाइफस्टाइल और खानपान से जुड़ी ये आदतें आपके कोलेजन सप्लीमेंट के असर को कम कर सकती हैं, जिससे आपको नतीजे सही नहीं मिलेगा।
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निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि कोलेजन पाउडर, कैप्सूल और क्रीम से काफी ज्यादा प्रभावी होता है। क्रीम सिर्फ ऊपरी चमक को बढ़ाता है, कैप्सूल की सही खुराक लेना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, अगर आप अपनी स्किन को अंदर से जवान बनाना चाहते हैं तो एक अच्छी क्वालिटी का हाइड्रोलाइज्ड मरीन कोलेजन पाउडर का इस्तेमाल करें। हालांकि, अगर आपको किसी भी तरह की कंफ्यूजन हो तो आप डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह ले सकते हैं।
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FAQ
कोलेजन सप्लीमेंट्स लेने के क्या फायदे हैं?
कोलेजन सप्लीमेंट्स लेने से शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने, स्किन की लोच और नमी में सुधार करने और झुर्रियों को कम करने में मदद मिलती है।किस प्रकार का कोलेजन त्वचा के लिए सबसे अच्छा है?
स्किन के लिए सबसे अच्छा टाइप 1 कोलेजन माना जाता है, जो हमारे शरीर का लगभग 90 प्रतिशत कोलेजन बनाता है। इसके साथ ही, मरीन हाइड्रोलाइज्ड कोलेजन पेप्टाइड्स को सबसे बेहतरीन माना जाता है।
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Jul 18, 2026 11:20 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh