वैसे तो स्मोकिंग करना हमारे समग्र स्वास्थ्य के लिए खराब है। स्मोकिंग करने की वजह से हार्ट हेल्थ पर असर पड़ता है, शरीर में सूजन बढ़ जाती है, प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है और त्वचा पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। यहां एक सवाल यह भी उठता है कि क्या स्मोकिंग करने से कोलेजन प्रोडक्शन भी कम हो सकता है? आपको बता दें कि कोलेजन हमारी स्किन के लिए बहुत जरूरी है। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है। यह स्किन की इलास्टिसिटी बनाए रखने के लिए आवश्यक है। आइए, आगे इस लेख में जानते हैं कि स्मोकिंग करने से कोलेजन प्रोडक्शन कैसे प्रभावित होता है और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है? इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।
स्मोकिंग करने से कोलेजन प्रोडक्शन कैसे कम होता है?
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रिपोर्ट क्या कहती है?
National Institutes of Health (NIH) | (.gov) में प्रकाशित एक लेख यह पूरी तरह स्पष्ट करता है, "स्मोकिंग करने की वजह से कोलेजन पर बुरा असर पड़ता है। कोलेजन उत्पादन में कमी आती है, जिससे त्वचा की रंगत फीकी नजर आने लगती है, कम उम्र में झुर्रियां और झाइयां भी आ सकती हैं और त्वचा अधिक लटकी हुई महसूस होती है।" आखिर ऐसा क्यों होता है? इस बारे में रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सिगरेट के धुएं में मौजूद केमिकल कोलेजन सिंथेसिस रेट (कोलेजन बनने की प्रक्रिया) को कम करते हैं और एंजाइम (मैट्रिक्स मेटालोप्रोटीनेसिस) को एक्टिवेट करते हैं। इससे मौजूदा कोलेजन और इलास्टिन नष्ट हो जाते हैं।
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डॉक्टर की राय
NIH में प्रकाशित इस रिपोर्ट को सही बताते हुए डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "यह पूरी तरह सच है कि सिगरेट में कई ऐसे तत्व होते हैं, जिनका बहुत बुरा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। इसकी वजह कोलेजन प्रोडक्शन भी कम होता है। दरअसल, तंबाकू का धुआं एंजाइम (मेटालोप्रोटीनैस- एक प्रकार का एंजाइम) को प्रेरित करता है, जो कोलेजन को तोड़ते हैं, जिससे त्वचा की इलास्टिसिटी प्रभावित होती है। यहां तक कि तंबाकू ब्लड वेसल को सिकोड़ता है, जिससे स्किन सेल्स तक जरूरी ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स नहीं पहुंच पाते हैं। इसका भी त्वचा पर बुरा असर पड़ता है।"
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कोलेजन प्रोडक्शन को कैसे बढ़ाएं?
अगर कोई नियमित रूप से स्मोकिंग करता है, तो उनकी त्वचा डल और फीकी नजर आने लगती है। कोलेजन प्रोडक्श्न भी कम हो जाता है। स्मोकिंग करने वाले कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स-
- सबसे पहले आप स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ दें। जरूरी हो, तो एक्सपर्ट की मदद लें।
- अपनी डाइट में विटामिन सी युक्त चीजें अधिक शामिल करें, जैसे बेरीज, सिट्रस फ्रूट आदि। इससे त्वचा में मौजूद कोलेजन को प्रोटेक्शन मिलती है।
- अपनी त्वचा की नियमित रूप से देखभाल करें। संभव हो, तो विटामिन-सी युक्त सीरम लगाएं।
- आवश्यक हो, तो एक्सपर्ट की मदद कोलेजन बढ़ाने का ट्रीटमेंट ले लें।
- लाइफस्टाइल में भी जरूरी बदलाव करके आप ऐसा कर सकते हैं, जैसे दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि स्मोकिंग का त्वचा पर बहुत बुरा असर पड़ता है और कोलेजन प्रोडक्शन भी कम होने लगता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके चेहरे की रंगत में सुधार हो, इलास्टिसिटी बनी रहे और फर्मनेस (कसाव) दिखे तथा लंबे समय तक चेहरे पर जवानी बनी रहे, तो इसके लिए स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ दें। इसके साथ-साथ जीवनशैली में जरूरी बदलाव करके भी आप कोलेजन प्रोडक्शन में सुधार कर सकते हैं।
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FAQ
क्या स्मोकिंग छोड़ने के बाद कोलेजन वापस बन सकता है?
हां, अगर आप स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ देते हैं, तो शरीर अपने आप रिपेयर मोड में आ जाता है। साथ ही अगर आप स्किन केयर करें, तो कोलेजन प्रोडक्शन बेहतर हो सकता है।क्या पैसिव स्मोकिंग से भी कोलेजन कम होता है?
विशेषज्ञों की मानें, तो पैसिव स्मोकिंग से भी कोलेजन प्रोडक्शन कम हो सकता है। असल में हवा में मौजूद सिगरेट के धुएं के जहरीले तत्व भी त्वचा के संपर्क में आने पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। इससे कोलेजन को नुकसान होने लगता है।
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Feb 25, 2026 17:56 IST
Modified By : Meera Tagore Feb 25, 2026 17:56 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra