कोलेजन हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक बहुत अहम प्रोटीन है, जो हड्डियों, स्किन, मांसपेशियों और ब्लड वेसल्स को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर के अलग-अलग टिशू को आपस में जोड़ने और उन्हें लचीलापन बनाए रखने का काम करता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कोलेजन की धीरे-धीरे कमी होने लगती है, जिससे स्किन पर झुर्रियां पड़ना और जोड़ों में कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए, हेल्दी और युवा बने रहने के लिए शरीर में कोलेजन की सही मात्रा होना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि शरीर के लिए कोलेजन क्यों जरूरी है और शरीर में इसका लेवल कितना होना चाहिए?
कोलेजन क्या है और यह क्यों जरूरी है?
Cleveland Clinic के अनुसार, कोलेजन आपके शरीर में सबसे ज्यादा पाए जाने वाला प्रोटीन है। यह आपके शरीर के कुल प्रोटीन का लगभग 30% हिस्सा होता है। कोलेजन आपके शरीर की स्किन, मांसपेशियों, हड्डियों, टेंडन, लिगामेंट्स और दूसरे कनेक्टिव टिश्यू का आधार है।
Dr. Akshay Chugh के अनुसार कोलेजन ब्लड वेसल्स और पाचन तंत्र की अंदरूनी परत को भी आपस में जोड़कर रखने और उन्हें मजबूत बनाने का काम करता है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कोलेजन का अलग-अलग काम होता है। जैसे-
1. त्वचा की सेहत
हमारी स्किन का लगभग 75% से 80% हिस्सा कोलेजन से बना होता है। यह स्किन को इलास्टिसिटी और कसाव देता है। जब शरीर में कोलेजन का लेवल अच्छा होता है तो स्किन चमकदार, मजबूत और झुर्रियों से बची रहती है।
2. जोड़ों और हड्डियों की मजबूती
हमारे जोड़ों के बीच जो कार्टिलेज होता है, जो दो हड्डियों को आपस में टकराने से रोकता है, वह कोलेजन से बना होता है। यह जोड़ों में उम्र बढ़ने के साथ होने वाले अर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द से बचाता है।
साल 2021 में Amino Acids के जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, रोजाना 5 से 15 ग्राम कोलेजन लेने से जोड़ों की चोटों की जल्दी रिकवरी होती है और एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।
3. बाल और नाखून
कोलेजन अमीनो एसिड्स से भरपूर होता है, जो केराटिन प्रोटीन बनाने में मदद करते हैं। केराटिन ही आपके बालों और नाखूनों को मजबूत बनाता है, जिससे बाल घने होते हैं और नाखून बार-बार टूटते नहीं हैं।
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4. गट हेल्थ
कम ही लोग जानते हैं कि कोलेजन हमारे पाचन तंत्र की अंदरूनी परत को री-बिल्ड और सील करने में मदद करता है। यह लीकी गट सिंड्रोम जैसी समस्याओं से बचाव करता है।

उम्र के साथ क्यों घटता है कोलेजन?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अमिनो एसिड्स, विटामिन सी, कॉपर और जिंक की मदद से कोलेजन का निर्माण खुद करता है। हालांकि, 20 से 25 साल की उम्र के बाद हमारे शरीर में कोलेजन बनने की नेचुरल प्रक्रिया हर साल लगभग 1 प्रतिशत तक धीमी होने लगती है। जब आप 40 की उम्र पार करते हैं, तो शरीर में कोलेजन का लेवल तेजी से कम होता है। महिलाओं में मेनोपॉज के शुरूआती 5 सालों में लगभग 30 प्रतिशत तक कोलेजन खत्म हो जाता है। शरीर में कोलेजन तेजी से कम होने के अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं, जैसे-
- बहुत ज्यादा धूप में रहने के कारण सूरज की यूवी किरणें स्किन के अंदर कोलेजन फाइबर्स को तोड़ देती हैं।
- ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करने से ग्लाइकेशन नाम की प्रक्रिया होती है, जो कोलेजन को कमजोर बना देती है।
- स्मोकिंग करने के दौरान सिगरेट का धुआं शरीर में ऑक्सीजन और ब्लड फ्लो को कम करता है, जिससे कोलेजन का निर्माण रुक जाता है।
- तनाव और नींद की कमी के कारण शरीर में कोर्टिसोल का लेवल बढ़ने से कोलेजन खत्म होने लगता है।
शरीर में कितना होना चाहिए कोलेजन का लेवल?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि ब्लड टेस्ट के जरिए सीधे तौर पर कोलेजन का न्यूमैरिकल लेवल मापना मुमकिन नहीं है, क्योंकि कोलेजन कोई घुलनशील लिक्विड या हार्मोन नहीं है, जो खून में बहता हो बल्कि यह एक स्ट्रक्चरल टिश्यू है। हालांकि, क्लिनिकल प्रैक्टिस में हम मरीज के लक्षणों और कुछ खास बायोलॉजिकल मार्कर्स से इसके लेवल और कमी का पता लगा सकते हैं।
कोलेजन सप्लीमेंट्स की सही खुराक क्या है?
अगर आप डॉक्टर की सलाह से कोलेजन सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इसकी सही खुराक आपकी जरूरत पर निर्भर करती है-
- स्किन और बालों की सेहत के लिए 2.5 ग्राम से 5 ग्राम रोजाना
- जोड़ों के दर्द और हड्डियों के लिए 8 ग्राम से 10 ग्राम कोलेजन रोजाना
- एथलीटों और वर्कआउट करने वालों के लिए 10 ग्राम से 15 ग्राम रोजाना ताकि मसल रिकवर हो सके
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शरीर में कोलेजन बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय क्या हैं?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि मार्केट में महंगे पैकेज्ड सप्लीमेंट खरीदने से पहले हमेशा अपने मरीजों को नेचुरल और डाइट-बेस्ड तरीके अपनाने चाहिए। इसके लिए आप अपनी डाइट में शामिल करें-
- विटामिन सी- शरीर बिना विटामिन सी के कोलेजन नहीं बना पाता है। इसके लिए आंवला, नींबू, संतरा, शिमला मिर्च और अमरूद का सेवन रोज करें।
- प्रोटीन-रिच डाइट- अंडा, चिकन, पनीर, दालें, बीन्स, सोयाबीन और मछली अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें प्रोलीन और ग्लाइसिन जैसे अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं।
- बोन ब्रोथ- नॉन-वेजिटेरियन लोगों के लिए हड्डियों का सूप नेचुरल कोलेजन का सबसे अच्छा सोर्स होता है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स: पालक, मेथी, बादाम और कद्दू के बीज का सेवन भी कोलेजन बढ़ाने में फायदेमंद हो सकते हैं। इन फूड्स में कॉपर और जिंक होता है, जो कोलेजन सिंथेसिस के लिए जरूरी माना जाता हैं।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि कोलेजन सिर्फ चेहरे की खूबसूरती या एंटी-एजिंग के लिए ही जरूरी नहीं होता है, बल्कि यह आपके पूरे शरीर को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। उम्र के साथ इसका कम होना एक आम प्रक्रिया है, लेकिन सही खान-पान, सनस्क्रीन का इस्तेमाल, तनाव से बचकर और अच्छी लाइफस्टाइल से आप अपने शरीर में कोलेजन का लेवल सुरक्षित रख सकते हैं। अगर आप जोड़ों के ज्यादा दर्द, स्किन पर अचानक बदलाव, बाल झड़ने आदि समस्याएं बढ़ें तो खुद से सप्लीमेंट्स लेना शुरू करने के स्थान पर पहले किसी डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।
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FAQ
कोलेजन कम होने का क्या कारण है?
शरीर में कोलेजन की कमी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र और खराब लाइफस्टाइल के कारण होती है। कोलेजन एक जरूरी प्रोटीन है, जो स्किन, हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते है।कोलेजन कितनी उम्र से लेना चाहिए?
डॉक्टर की सलाह पर कोलेजन सप्लीमेंट का सेवन आमतौर पर 25 से 30 साल की उम्र के बीच लेना शुरू कर देना चाहिए।
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Aug 06, 2026 16:23 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh