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हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रोज कितना चुकंदर खाएं? जानें डाइटिशियन से सही तरीका

आज की खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण शरीर का हीमोग्लोबिन लेवल कम होना एक आम समस्या है, खासकर महिलाओं में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। यहां जानिए, हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रोज कितना चुकंदर खाएं?

आज के समय में अक्सर लोग अचानक कमजोरी, चक्कर आना, चेहरे पर पीलापन, बाल झड़ने या सांस चढ़ने जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। कई बार इन लक्षणों को लोग मौसम का असर मान लेते हैं, लेकिन असल वजह शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल का गिरना हो सकती है। हीमोग्लोबिन की कमी आज सिर्फ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि किशोरों, ऑफिस जाने वाले लोगों और जिम करने वालों में भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट जिस एक चीज का नाम सबसे पहले लेते हैं, वह है चुकंदर। चुकंदर वह सब्जी है जिसे शायद बच्चे सबसे कम पसंद करते हैं और बड़े भी उसे थोड़े संकोच से ही खाते हैं लेकिन यही चुकंदर आपके खून में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता बढ़ाता है, नई RBC बनाता है और शरीर में आयरन की कमी को प्राकृतिक रूप से पूरा करता है। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से जानिए, हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रोज कितना चुकंदर खाएं?

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रोज कितना चुकंदर खाएं? - How Much Beetroot Per Day To Increase Hemoglobin

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 1 मीडियम साइज चुकंदर (100-150 ग्राम) खाना पर्याप्त माना जाता है। अगर आपका हीमोग्लोबिन काफी कम है या आपको एनीमिया है, तो आप रोजाना 150-200 ग्राम तक चुकंदर ले सकते हैं। अगर आपको किडनी स्टोन की समस्या है, तो मात्रा बहुत कम रखें और प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही मात्रा लेनी चाहिए।

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  • चुकंदर का जूस दिन में एक बार ही पिएं।
  • चुकंदर को ज्यादा लेने से शुगर लेवल और पेशाब के लाल होने की समस्या हो सकती है।
  • किडनी स्टोन वाले मरीज को इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए।

चुकंदर खाने के तरीके - Best Ways to Consume Beetroot

चुकंदर को कई तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है। सही तरीका अपनाने से हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है और शरीर इसे बेहतर तरीके से अवशोषित करता है।

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1. चुकंदर का जूस

सुबह खाली पेट 100-150 ml चुकंदर का जूस पीने से आयरन आसानी से शरीर में अवशोषित होता है। इसे गाजर, आंवला या अनार के साथ मिलाकर पीने से फायदा दोगुना हो जाता है।

2. सलाद के रूप में

कच्चा चुकंदर पतले स्लाइस में काटकर सलाद के रूप में खाना सबसे प्राकृतिक तरीका है। इसमें नींबू डालें जिससे विटामिन C आयरन को बेहतर तरह से अवशोषित करने में मदद करेगा।

3. उबालकर या स्टीम करके खाना

उबालने से चुकंदर थोड़ा मुलायम हो जाता है और कमजोरी वाले लोगों के लिए पचाना आसान होता है।

4. सूप के रूप में

सर्दियों में चुकंदर सूप शरीर को गर्म रखता है और आयरन की कमी तेजी से पूरी करता है।

how much beetroot per day

चुकंदर के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? - Foods to Eat and Avoid with Beetroot

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए सिर्फ चुकंदर खाना काफी नहीं है। यह भी जानना जरूरी है कि किन चीजों के साथ इसे खाना फायदेमंद है और किन चीजों से इसका असर कम हो सकता है।

कैटेगरी खाना चाहिए क्यों फायदेमंद? बचना चाहिए वजह
विटामिन C नींबू, आंवला, संतरा आयरन अवशोषण बढ़ाता है चाय टैनिन आयरन अवशोषण रोकते हैं
प्रोटीन दही, पनीर RBC बनाने में मदद कॉफी कैफीन आयरन घटाती है
आयरन सोर्स पालक, मेथी, अनार हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ाते हैं ज्यादा डेयरी कैल्शियम आयरन को ब्लॉक करता है
हेल्दी फैट नट्स, बीज पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाते तले हुए फूड्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं

निष्कर्ष

चुकंदर हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है। रोजाना 100-150 ग्राम चुकंदर खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है, एनर्जी लेवल बढ़ता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है लेकिन इसे सही मात्रा में, सही तरीके से और सही फूड कॉम्बिनेशन के साथ लेना बेहद जरूरी है।

All Images Credit- Freepik

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 18, 2025 19:45 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Nov 18, 2025 19:45 IST

    Published By : Akanksha Tiwari

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