महिलाओं के शरीर में 40 की उम्र के बाद कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। इस उम्र में महिलाओं की हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है और मांसपेशियों में भी कमी आती है। इसके अलावा, मेटाबॉलिज्म भी धीमा होने लगता है। ऐसे में महिलाओं के लिए जरूरी हो जाता है कि वे अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि प्रोटीन खाने से न सिर्फ महिलाओं की मांसपेशियों और हड्डियों को ताकत मिलती है बल्कि बढ़ती उम्र में वजन कंट्रोल रखने और स्किन व बालों को हेल्दी रखने में भी मदद मिल सकती है।
40 की उम्र के बाद महिलाओं को डाइट में प्रोटीन क्यों बढ़ाना चाहिए?
साल 2015 में The Journal of Nutrition, Health and Aging में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, बढ़ती उम्र और मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन बहुत जरूरी है, क्योंकि यह मांसपेशियों के नुकसान को रोकने या धीमा करने में मदद करता है। स्टडी में बताया गया है कि तय मात्रा से कम प्रोटीन लेने वाली महिलाओं में चलने की गति और शारीरिक संतुलन काफी कमजोर पाया गया।
Dr. Anju Suryapani का कहना है कि 30 से 40 साल की उम्र के बाद हर महिला के लिए प्रोटीन कोई चॉइस नहीं होती है, बल्कि यह मेडिकल जरूरत बन जाती है। प्रोटीन उनके शरीर के लिए कई तरह से जरूरी होता है।
1. मसल मास के नुकसान को रोकना
30 से 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में नेचुरल तरीके से मांसपेशियों की कमी शुरू होने लगती है, जिसे मेडिकल की भाषा में सरकोपेनिया कहते हैं। 30 की उम्र के बाद हर दशक में लगभग 3% से 8% तक मांसपेशियां कम होने लगती हैं। पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से मांसपेशियों का नुकसान और तेजी से होता है।
प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। अगर महिलाएं पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेंगी तो शरीर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बाकी मौजूद मांसपेशियों को ही तोड़ने लगेगा, जिससे शरीर ढीला पड़ने लगेगा और कमजोरी हो सकती है।
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2. हड्डियों को मजबूत बनाना और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव
महिलाओं को अक्सर लगता है कि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम और विटामिन डी ही काफी हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। हमारी हड्डियों का लगभग 50% वॉल्यूम प्रोटीन का ही बना होता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियां बहुत तेजी से खोखली और कमजोर होने लगती हैं। इसलिए, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने से हड्डियों का डेंसिटी स्ट्रक्चर बना रहता है, जिससे बढ़ती उम्र में फ्रैक्चर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
3. मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन कंट्रोल करता है
30 से 40 की उम्र के बाद अक्सर महिलाएं शिकायत करती हैं कि उनके पेट और हिप्स के आस-पास की चर्बी बढ़ने लगी है। इसका मुख्य कारण मेटाबॉलिज्म का स्लो होना है। इसलिए, जब महिलाएं अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाती हैं तो शरीर उसे पचाने में कार्बोहाइड्रेट या फैट की तुलना में ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। इतना ही नहीं, प्रोटीन खाने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन कम होता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
4. हार्मोनल संतुलन और मेनोपॉज के लक्षण को मैनेज करना
40 की उम्र के आस-पास महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स में काफी उतार-चढ़ाव आते हैं, जिससे मूड स्विंग्स, रात में पसीना आना और चिड़चिड़ापन होने की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में सही मात्रा में प्रोटीन का सेवन ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा कम होता है, मूड और एनर्जी लेवल दिनभर बनी रहती है।
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5. बाल, त्वचा और नाखूनों को हेल्दी रखना
उम्र बढ़ने के साथ स्किन में झुर्रियां आना और बालों का पतला होना काफी आम बात है। हमारी स्किन की चमक और कसाव कोलेजन नाम के प्रोटीन पर निर्भर करता है और बाल केराटिन प्रोटीन से बनते हैं। ऐसे में अगर आपकी डाइट में प्रोटीन कम है तो शरीर सबसे पहले बालों और स्किन को प्रोटीन देना बंद कर देता है ताकि वह दिल और लिवर को प्रोटीन दे सके। इसलिए, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने से आपकी स्किन में इलास्टिसिटी बनी रहती है और बालों का झड़ना कम हो सकता है।
महिलाओं को रोजाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि 30 से 40 से ऊपर की महिला को अपने प्रति किलो वजन पर कम से कम 1 ग्राम से 1.2 ग्राम प्रोटीन रोजाना लेना चाहिए। अगर आपका वजन 60 किलो है तो आपको दिनभर में लगभग 60 से 70 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। अगर आप एक्टिव हैं या एक्सरसाइज करती हैं, तो यह आवश्यकता 1.2 से 1.5 ग्राम प्रति किलो तक हो सकती है।
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प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए डाइट में क्या शामिल करें?
Dr. Anju Suryapani कहती हैं कि महिलाओं को अपनी हर मील यानी सुबह के नाश्ते, दोपहर का भोजन और रात के खाने में थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन जरूर शामिल करना चाहिए। आप अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार इन प्रोटीन सोर्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं:
- पनीर और टोफू
- दालें और राजमा
- ग्रीक योगर्ट या दही
- सोयाबीन
- नट्स और सीड्स
- सत्तू और बीन्स
- अंडे
- ग्रिल्ड चिकन ब्रेस्ट
- फिश
निष्कर्ष
Dr. Anju Suryapani कहती हैं कि 30 से 40 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी थाली में कार्बोहाइड्रेट को थोड़ा कम और प्रोटीन की मात्रा को थोड़ा बढ़ाना चाहिए। अगर डाइट से प्रोटीन की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही हो तो आप डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह पर प्रोटीन पाउडर या अन्य सप्लीमेंट्स भी ले सकती हैं।
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FAQ
महिलाओं में प्रोटीन की कमी के क्या लक्षण हैं?
महिलाओं में प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में थकान, कमजोरी और बाल झड़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।सुबह-सुबह प्रोटीन के लिए क्या खाना चाहिए?
सुबह के नाश्ते में प्रोटीन के लिए अंडे, पनीर, मूंग दाल या बेसन का चीला और स्प्राउट्स जैसे ऑप्शन शामिल कर सकती हैं।
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Sep 06, 2026 19:57 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Sep 06, 2026 19:57 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani
