Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

महिलाओं को उम्र के साथ कैलोरी नहीं, प्रोटीन पर ज्यादा ध्यान क्यों देना चाहिए? जानें एक्सपर्ट से

क्या आप उन महिलाओं में हैं, जो प्रोटीन के बजाय कैलोरी को अधिक महत्व देती हैं? अगर हां, तो आपको बता दें कि कैलोरी के साथ-साथ महिलाओं के लिए प्रोटीन की जरूरत भी बढ़ जाती है। जानें, ऐसा क्यों होता है?

ज्यादातर महिलाएं यही सोचती हैं कि प्रोटीन मसल्स बिल्डिंग के लिए होता है और उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत नहीं है। यही कारण है कि ज्यादातर महिलाएं अपनी डाइट में फाइबर तो शामिल करती हैं, लेकिन प्रोटीन को लेकर ज्यादा कॉन्शस नहीं रहती हैं। क्या आप जानते हैं कि महिलाओं को उम्र के साथ-साथ कैलोरी की नहीं, बल्कि प्रोटीन की ज्यादा जरूरत होती है। सवाल है, ऐसा क्यों है? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी की राय।

अधिक उम्र में महिलाओं को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत क्यों होती है?

women need to focus more on protein than calories with age 1 (13)

यह सोच पूरी तरह गलत है कि महिलाओं को अधिक उम्र में प्रोटीन की जरूरत नहीं होती है। असल बात यह है कि अधिक उम्र में महिलाओं के शरीर के लिए प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है। जहां तक सवाल इस बात है कि ऐसा क्यों होता है? इस बारे में दिव्या गांधी बताती हैं, ‘जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती है, शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और भोजन से मांसपेशियां बनाने की शरीर की क्षमता भी कम होने लगती है। ऐसे में डाइट में प्रोटीन बढ़ाने से मसल्स बिल्डिंग में मदद मिलती है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं। यहां तक कि प्रोटीन का पर्याप्त सेवन करने से अधिक उम्र की महिलाओं में ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है और हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है। इसके विपरीत, अगर कोई महिला सिर्फ कैलोरी युक्त डाइट पर जोर देती है, इसकी वजह से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और शरीर में कमजोरी व बुढ़ापा जल्दी आ सकता है।

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महिलाओं के लिए अधिक उम्र में प्रोटीन लेने के फायदे

मसल्स लॉस में सुधारः जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, मांसपेशियों की क्षमता कमजोर हो जाती है और मसल्स लाॅस भी होने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा आमतौर पर 30 साल की उम्र के बाद से ही शुरू हो जाता है। चूंकि, अधिक उम्र में शरीर में प्रोटीन को प्रोसेस करने की क्षमता में कमी आने लगती है, ऐसे में उन्हें ज्यादा मात्रा में प्रोटीन को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।

हड्डियों की मजबूतीः एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों को मजबूत रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जानकारी के लिए बता दें कि मेनोपॉज के दौरान और उसके बाद, शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिरता है, जिसकी वजह से ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के टूटने का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं अगर महिलाएं हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए पर्याप्त कैल्शियम लेती हैं और उसके एब्जॉर्प्शन (अवशोषण) के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेती हैं, तो इसकी वजह से हड्डियां मजबूत होती हैं और बोन डेंसिटी में सुधार होता है

ब्लड शुगर को नियंत्रित करनाः उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। प्रोटीन भोजन को पचाने की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक से कोई बदलाव नहीं होता है। प्रोटीन की मदद वजन को कंट्रोल करने में और क्रेविंग को शांत करने में भी मदद मिलती है।

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निष्कर्ष

बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में मसल्स लाॅस होने लगता है, मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और कई अन्य समस्याएं भी होने लगती हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है, जिसे रोका नहीं जा सकता है। यही कारण है कि अधिक उम्र में महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए, क्योंकि एक उम्र के बाद शरीर की प्रोटीन बनाने की क्षमता भी कम हो जाती है। डाइट में प्रोटीन को शामिल करने से ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है, हड्डियों को मजबूती मिलती है और वजन को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या केवल कैल्शियम खाने से मेनोपॉज के बाद हड्डियां मजबूत रह सकती हैं?

    नहीं, हड्डियों में कैल्शियम को सही तरीके से एब्जॉर्ब कराने और बोन डेंसिटी बेहतर करने के लिए पर्याप्त प्रोटीन भी जरूरी है।
  • वजन घटाने के लिए सिर्फ कैलोरी कम करना महिलाओं के लिए क्यों नुकसानदेह है?

    सिर्फ कैलोरी कम करने वजन में कमी आ सकती है, लेकिन इससे मांसपेशियां और हड्डियां बेहद कमजोर हो जाती हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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