Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

किस उम्र में शरीर को कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? डॉक्टर से जानें

अलग-अलग उम्र के लोगों और शारीरिक गतिविधियों के आधार पर प्रोटीन की रोजाना की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, प्रेग्नेंट महिला और बुजुर्ग सभी को अपनी उम्र और स्थिति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी है। 

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। यह न सिर्फ मांसपेशियों को हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि हमारे शरीर के हर सेल्स, बालों, स्किन, एंजाइम और इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी होता है। शरीर में प्रोटीन की कमी हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। साल 2016 में Food & Function में प्रकाशित अध्ययनो के अनुसार कम शारीरिक गतिविधि करने वाले हेल्दी व्यक्ति के लिए एक दिन में उसके शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम के आधार पर 0.8 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है।

प्रोटीन की जरूरत हर उम्र के हिसाब से व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर उम्र में हमारे शरीर की जरूरतें बदलती रहती हैं, इसलिए प्रोटीन की मात्रा भी उम्र और शारीरिक गतिविधि के अनुसार तय होनी चाहिए। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Consultant - Internal Medicine, Metro Hospital, Noida से विस्तार में जानते हैं कि किस उम्र में आपके शरीर को कितनी प्रोटीन की सही जरूरत होती है?

प्रोटीन की जरूरत नापने का सही तरीका क्या है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि उम्र के हिसाब से प्रोटीन की जरूरतों को समझने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि शरीर में इसकी मात्रा नापने का सही फॉर्मूला क्या है? एक नॉर्मल, हेल्दी और कम एक्टिव व्यक्ति को रोजाना अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 से 1.0 ग्राम तक प्रोटीन की जरूरत होती है। अगर आपका वजन 60 किलो है और आप एक नॉर्मल लाइफस्टाइल जीते हैं तो आपको रोजाना लगभग 48 से 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत है।

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उम्र के अनुसार कितना प्रोटीन है जरूरी

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि हर उम्र में प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग होती है, जैसे-

1. शिशु, बच्चे और किशोरावस्था में प्रोटीन की जरूरत

Dr. Akshay Chugh के मुताबिक इस उम्र में बच्चे का शरीर, हड्डियां और मांसपेशियां बहुत तेजी से विकसित हो रही होती हैं। शरीर के अंगों के सही तरह से बनने और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अहम भूमिका निभाते हैं।

  • 0 से 11 महीने: इस उम्र में बच्चों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मां के दूध से मिल जाता है।
  • 1 से 3 साल: इस उम्र के बच्चों को रोजाना लगभग 13 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • 4 से 8 साल: जब बच्चा स्कूल जाना और बाहर खेलना शुरू करते हैं, उनके शरीर की जरूरत भी बढ़ने लगती है, जिस वजह से रोजाना 19 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • 9 से 13 साल: इस उम्र में बच्चों का शारीरिक विकास बहुत तेजी से होता है, इस कारण उन्हें रोजाना लगभग 30 से 35 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • 14 से 18 साल: उम्र का यह पड़ाव प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था का समय होता है। इस उम्र में लड़कों और लड़कियों की जरूरतें अलग हो जाती हैं। इसलिए, शारीरिक बदलावों और हार्मोनल एक्टिविटी के कारण लड़कियों को रोजाना लगभग 46 ग्राम और तेजी से बढ़ रहे लड़कों को लगभग 52 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि बच्चों को प्रोटीन सप्लीमेंट देने से बचना चाहिए और इसके स्थान पर उनकी डाइट में दूध, पनीर, नट्स, दालें और अंडे जैसे नेचुरल सोर्स शामिल करने चाहिए।

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2. युवाओं के लिए प्रोटीन कितना प्रोटीन जरूरी

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, 19 से 50 साल की उम्र में शरीर का विकास रुक चुका होता है, लेकिन मांसपेशियों को रिपेयर करने, मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने और रोजाना की एनर्जी को बनाए रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है।

  • महिला: एक सामान्य वजन वाली युवा महिलाओं को रोजाना कम से कम 46 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • पुरुष: एक नॉर्मल वजन वाले यंग पुरुष को रोजाना कम से कम 56 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं: प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर विकास के लिए और डिलीवरी के बाद मां का दूध बनने के लिए प्रोटीन की मांग उनके शरीर में बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को नॉर्मल से लगभग 20 से 25 ग्राम ज्यादा प्रोटीन रोजाना लेने की सलाह दी जाती है।
  • जिम जाने वाली या एक्टिव लोगों के लिए: अगर आप हैवी वर्कआउट करते हैं, दौड़ते हैं या किसी स्पोर्ट्स में हैं तो मांसपेशियों को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। ऐसी स्थिति में आप अपने वजन के प्रति किलोग्राम पर 1.2 से 2.0 ग्राम तक जरूरत के अनुसार प्रोटीन ले सकते हैं।

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3. बुजुर्ग के लिए प्रोटीन की जरूरत

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि बुजुर्गों में अक्सर सार्कोपेनिया की समस्या देखने को मिलती है। इस स्थिति में उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां नेचुरल रूप से कम होने लगती हैं। 50 की उम्र के बाद शरीर प्रोटीन को उतने बेहतर तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता है। इस उम्र में मांसपेशियों के नुकसान पहुंचने से रोकने, हड्डियों को फ्रैक्चर से बचाने और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए बुजुर्गों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। कई बुजुर्ग दाल या हैवी प्रोटीन लेना छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह पचने में मुश्किल होगा, जो गलत है। उन्हें अपनी डाइट में आसानी से पचने वाला प्रोटीन जैसे छाछ, पनीर, दही, मूंग या उबला हुआ अंडा नियमित रूप से शामिल करना चाहिए।

साल 2013 में प्रकाशित Journal of the American Medical Directors Association के अनुसार बुजुर्गों की मांसपेशियों को बनाए रखने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए नॉर्मल व्यक्ति से ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है, जिसके लिए इन्हें रोजाना प्रति किलोग्राम वजन के 1.0 से 1.2 g प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि प्रोटीन की जरूरत हर उम्र और स्थिति में व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। इसलिए, हेल्दी रहने और शरीर को बेहतर रखने के लिए आपके शरीर को कितने प्रोटीन की जरूरत है इसके लिए आप डॉक्टर या डाइटिशियन से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • प्रोटीन की कमी होने पर क्या खाएं?

    प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डेली डाइट में अंडे, चिकन, मछली, ग्रीक योगर्ट, पनीर, दाल और फलियां शामिल करें।
  • प्रोटीन की कमी के क्या लक्षण हैं?

    प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान, बालों का झड़ना, रूखी स्किन और बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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