आज के समय में अच्छे स्वास्थ्य के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। अच्छे और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को खाने के साथ-साथ कई लोग सीड साइकिलिंग (Seed Cycling) भी करते हैं। यह प्रक्रिया लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुकी है। इसको स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, खासकर महिलाओं के लिए, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में आइए जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से जानें सीड साइकिलिंग के फायदे और नुकसान के बारे में।
सीड साइकिलिंग क्या है?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सीड साइकिलिंग (Menstrual Cycle) एक तरह की डाइटरी प्रेक्टिस है। जिसको पीरियड्स के दौरान ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इससे हार्मोन्स को बैलेंस रखने में मदद मिलती है। इसको सही तरीके से करना जरूरी होता है और इसमें अलसी (Flaxseed), कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल (Sesame Seeds) और सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds) को शामिल किया जाता है।
इन सीड्स में अच्छी मात्रा में फाइबर, जिंक, सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, तो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से राहत देने में सहायक है।
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सीड साइकिलिंग के फायदे
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं, सीड्स में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई विटामिन्स पाए जाते हैं। ऐसे में सीड साइकिलिंग की प्रक्रिया को फॉलो करने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं, खासकर पीरियड्स के दौरान।
साल 2025 में Journal of Pharmacy and Bioallied Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीसीओएस (PCOS) की वजन है से इनफर्टिलिटी से परेशान महिलाओं के लिए सीड साइकिलिंग (Seed cycling) बेहद फायदेमंद हो सकती है। इससे महिलाओं के हार्मोन के स्तर में सुधार हुआ, पीरियड्स समय पर आने लगे और ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) भी बेहतर हुई।
हार्मोन्स को बैलेंस करे
इस प्रक्रिया को फॉलो करने से शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिलती है। जिससे पीएमएस (PMS), पीसीओएस (PCOS), अनियमित पीरियड्स, मेनोपॉज और हॉट फ्लैश जैसी समस्याओं के कारण होने वाली परेशानियों से राहत देने में मदद मिलती है।
फर्टिलिटी को बेहतर करे
इन सीड्स में अच्छी मात्रा में जिंक, सेलेनियम, हेल्दी फैट्स और कई अन्य पोषक तत्ल होते हैं। इनका सेवन करने से शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने के साथ-साथ फर्टिलिटी को बेहतर करने में मदद मिलती है।
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पीरियड्स की समस्या को दूर करे
सीड साइकिलिंग करने से पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लोटिंग, मूड स्विंग्स, पेट दर्द होने और चिड़चिड़ापन होने जैसी समस्याओं से राहत देने में मदद मिल सकती है।
बालों और स्किन के स्वास्थ्य में सुधार करे
सीड्स में मौजूद हेल्दी फैट्स बालों और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इसका सेवन करने से बालों को झड़ने से रोकने, हेल्दी रखने और हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण होने वाली स्किन से जुड़ी समस्या से राहत देने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है।
पीरियड्स को रेगुलर करे
सीड साइकिलिंग से शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिलती है, जिससे पीरियड्स को रेगुलर करने में मदद मिल सकती है।
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पाचन को दुरुस्त करे
सीड्स में अच्छी मात्रा में फाइबर और हेल्दी फैट्स होते हैं। इस प्रक्रिया को फॉलो करने से पाचन प्रक्रिया में सुधार करने और पेट को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। इससे वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।
हार्ट के लिए फायदेमंद
सीड्स में भरपूर मात्रा में हेल्दी फैट्स और कई अन्य पोषक तत्व होते हैं। इसका सेवन करने से हार्ट को हेल्दी रखने और शरीर को एनर्जी देने में मदद मिलती है।
सीड साइकिलिंग के साइड इफेक्ट
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, नॉर्मली सीड साइकिलिंग को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन कुछ लोगों को इससे परेशानियां भी हो सकती हैं, खासकर ज्यादा सीड्स खाने से।
- अधिक फाइबर युक्त सीड्स को खाने से व्यक्ति को गैस, पेट फूलना या कब्ज जैसी परेशानी हो सकती है।
- किसी बीज से एलर्जी होने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में उस सीड का सेवन नहीं करना चाहिए।
- अधिक मात्रा में बीज खाने से जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन हो सकता है।
- अगर कोई व्यक्ति ब्लड थिनर जैसी दवाइयों का सेवन कर रहा है या कोई मेडिकल कंडीशन है तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।
सीड साइकिलिंग कैसे करें?
अच्छे स्वास्थ्य के लिए सही तरीके से सीड साइकिलिंग करना भी उतना ही जरूरी है। इसको 2 स्टेप्स में किया जाता है। दोनों चरण 14-14 दिनों के होते हैं।
इसमें पहले चरण में 1 चम्मच अलसी (Flaxseed) और 1 चम्मच कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) को सेवन करें। वहीं, 14 दिन बाद दूसरे चरण में तिल (Sesame Seeds) और सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds) को खाना फायदेमंद माना जाता है।
इन सीड्स को दही, सलाद, स्मूदी, ओट्स, दलिया और सूप में मिलाकर खाया जा सकता है।
सावधानियां
किसी भी बीज से एलर्जी होने, मेडिकल कंडीशन, दवाइयों का सेवन करने, ब्रेस्टफीडिंग या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सीड साइकिलिंग की प्रक्रिया को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन अनुसार, अच्छे स्वास्थ्य के लिए बैलेंस डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं, स्ट्रेस कम करें और नियमित एक्सरसाइज करें। ध्यान रहे, हार्मोन्स को बैलेंस करने और पीरियड्स के अनियमित होने जैसी समस्याओं में सिर्फ सीड साइकिलिंग पर निर्भर न रहें, डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
सीड साइकिंग एक डाइटरी प्रेक्टिस है। सीड साइकिंग में अलसी, कद्दू, तिल और सूरजमुखी के बीजों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसके जरिए हार्मोन्स को बैलेंस करने, पीरियड्स और फर्टिलिटी को सुधारने करने जैसे कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं लेकिन ध्यान रहे, सीड्स का अधिक सेवन करने से गैस, एलर्जी या वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी मेडिकल कंडीशन, प्रेग्नेंसी या दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे अपनाना चाहिए। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
सीड साइकिलिंग के लिए किन सीड्स का इस्तेमाल करना चाहिए?
सीड साइकिलिंग में अलसी के बीज, कद्दू के बीज, तिल और सूरजमुखी के बीजों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। सीड साइकिलिंग करने से हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिलती है।सीड साइकिलिंग के लिए बीज खाने का सबसे अच्छा समय कब है?
सीड साइकिलिंग के लिए सीड्स को खाने का सबसे अच्छा टाइम पीरियड्स का पहला दिन होता है और इसको सुबह के समय नाश्ते में खाना फायदेमंद माना जाता है।
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Jul 15, 2026 23:55 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jul 15, 2026 23:55 IST
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Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain