Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान नींबू पानी पीना ठीक है? डाइटिशियन से जानें

वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग को फायदेमंद माना जाता है। इसमें लोग 16 घंटे का फास्ट करते हैं, जिसमें वे कुछ नहीं खाते हैं। इस दौरान बिना कैलोरी वाली ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, लेकिन क्या इसमें नींबू पानी पिया जा सकता है?

आज के समय में बहुत से लोग वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा लेते हैं। वजन कम करने के लिए ये काफी लोकप्रिय तरीका है। इसमें ज्यादातर लोग 16 घंटे की फास्टिंग करते हैं और बाकी 8 घंटे के विडो टाइम में खाना खाते हैं। हालाकिं 16 घंटे का टाइम लोग अपने हिसाब से तय करते हैं। फास्टिंग के दौरान लोग बिना कैलोरी वाली चीजे लेते हैं, जिसको लेकर अक्सर लोग सोचते हैं कि इस दौरान क्या पिया जा सकता है? और कई बार यह सवाल भी उठता है कि क्या इस दौरान नींबू पानी पीना सही है? ऐसे में आइए जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें इस बारे में।

इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने का एक ऐसा तरीका है, जिसमें व्यक्ति 16 घंटे फास्टिंग करते हैं और 8 घंटे के दौरान खाना खाते हैं। कुछ लोग 16 घंटे की फास्टिंग के बजाए 14 या 18 घंटे की फास्टिंग भी अपनाते हैं। खाने के इस पैटर्न को फॉलो करते समय शरीर पहले से जमा एनर्जी का इस्तेमाल करता है। यह प्रक्रिया वजन कम करने में सहायक है। ऐसे में वजन कम करने के लिए इस दौरान खानपान का भी खास ध्यान रखना जरूरी है। 

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क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग में नींबू पानी पीना सही है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग में नींबू पानी पी सकते हैं या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि नींबू पानी किस तरीके से बनाया गया है। वजन कम करने के लिए इस दौरान बिना कैलोरीज वाले नींबू पानी का सेवन किया जा सकता है। साल 2008 में Journal of Clinical Biochemistry and Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नींबू में मौजूद पॉलीफेनोल्स शरीर के वजन को बढ़ने से रोकने और शरीर में फैट के जमाव को कम करने में मदद करते हैं।

अगर कोई व्यक्ति मेडिकल कंडीशन में इस फास्टिंग को करता है, तो इससे पहले डाइटिशियन या डॉक्टर से सलाह जरूर लें, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

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नींबू पानी पीते समय किन बातों का ध्यान रखें?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना का कहना है, इंटरमिटेंट  फास्टिंग के दौरान नींबू पानी किस तरह का है इस बात पर ध्यान देना जरूरी है। कई लोग स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू पानी में चीनी या शहद मिला लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से इसकी कैलोरीज बढ़ जाती हैं। इससे फास्टिंग पर असर पड़ता है। ऐसे में अगर फास्टिंग में आप नींबू पानी पीना चाहते हैं तो सादे पानी में थोड़ी मात्रा में नींबू का रस मिलाएं और इसका सेवन करें। ध्यान रहे, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पूरे दिन पर्याप्त पानी पिएं।

किन लोगों को नहीं पीना चाहिए नींबू पानी?

हर व्यक्ति को नींबू पानी सूट नहीं करता है। कुछ लोगों को खाली पेट खट्टी चीजें लेने से सीने में जलन और एसिडिटी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में अगर नींबू पानी पीने के बाद कोई परेशानी महसूस होती हैं, तो इसका सेवन करने से बचें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को पहले से गैस्ट्रिक अल्सर, पेट से जुड़ी समस्याएं हैं और गंभीर एसिड रिफ्लक्स की समस्याएं हैं, तो इनका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

साल 2022 में European Journal of Nutrition में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, नींबू का रस पेट के एसिड को बढ़ाता है। इसलिए, जिन लोगों को पहले पेट में एसिडिटी, अल्सर या पेट से जुड़ी समस्या है, उन्हें खाली पेट या इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान नींबू का पानी पीने से बचना चाहिए।  

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इंटरमिटेंट फास्टिंग में कौन सी ड्रिंक्स पिएं?

इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान शरीर को हाइड्रेट करने के लिए नॉर्मल पानी पीना एक अच्छा ऑप्शन है। इसके अलावा, बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी, ग्रीन टी या बिना चीनी वाली ड्रिंक्स का सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहे, वजन कम करने के लिए सिर्फ नींबू पानी या इंटरमिटेंट फास्टिंग निर्भर ना रहें। इसके लिए नियमित एक्सरसाइज करें, हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त नींद लें, स्ट्रेस कम करें और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

अगर किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी, ब्लड शुगर, पेट से जुड़ी गंभीर समस्या या कोई अन्य पुरानी बीमारी है या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिला और प्रेग्नेंसी के दौरान इंटरमिटेंट फास्टिंग को करने से बचना चाहिए। इसको शुरु करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, इस दौरान अगर किसी व्यक्ति को कमजोर, अधिक थकान और चक्कर आने जैसे लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान बिना चीनी या शहद वाला सादा नींबू पानी पीना सेफ है, क्योंकि इसमें कैलोरी नहीं होती है, लेकिन ध्यान रहे, एसिडिटी, अल्सर या गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं को इसका सेवन या फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या होता है?

    इंटरमिटेंट फास्टिंग एक तरह का ईटिंग पैटर्न है, जिसको ज्यादातर लोग वजन कम करने के लिए फॉलो करते हैं। इसमें लोग दिन के 16 घंटे फास्टिंग करते हैं और बाकी 8 घंटे के विंडो में खाना खाते हैं।
  • नींबू पानी पीने के फायदे?

    नींबू पानी में अच्छी मात्रा में शरीर को डिटॉक्स करने, वजन को नियंत्रित करने, विटामिन सी की कमी को दूर करने, पाचन को दुरुस्त करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, स्किन को हेल्दी रखने और शरीर को हाइड्रेट करने में मदद मिलती है।  

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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