Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dt Swetha A , Deputy Chief Dietitian

पोस्ट सर्जरी क्‍यों फायदेमंद है प्रोटीन र‍िच डाइट? डॉक्‍टर से जानें तेजी से र‍िकवरी में इसकी भूम‍िका

सर्जरी के बाद प्रोटीन र‍िच डाइट लेने से इम्‍यून‍ सि‍स्‍टम मजबूत होता है, हील‍िंग तेज होती है, ट‍िशूज फंक्‍शन बेहतर होता है ज‍िससे घाव जल्‍दी भरता है। जानते हैं सर्जरी के बाद प्रोटीन फूड्स आख‍िर क्‍यों जरूरी हैं?

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सर्जरी के बाद र‍िकवरी का स्‍टेप बहुत अहम होता है। इस दौरान मरीज को अत‍िर‍िक्‍त केयर की जरूरत होती है। र‍िकवरी के ल‍िए दवाएं, डॉक्‍टर की सलाह, एक्‍सरसाइज, आराम के अलावा हेल्‍दी डाइट की भी खास अहम‍ियत होती है। एक्‍सपर्ट्स मानते हैं क‍ि सर्जरी के बाद प्रोटीन र‍िच डाइट लेना चाह‍िए। इससे घाव जल्‍दी भरते हैं और र‍िकवरी स्‍पीड बढ़ाने में मदद म‍िलती है। प्रोटीन र‍िच फूड्स का सेवन करने से ट‍िशूज र‍िपेयर होते हैं, एनर्जी लेवल बढ़ती है, गट हेल्‍थ मजबूत होती है और इंफेक्‍शन का खतरा घटता है। आइए जानते हैं सर्जरी के बाद तेजी से र‍िकवरी में प्रोटीन की क्‍या भूम‍िका होती है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Swetha. A, Deputy Chief Dietitian At Yashoda Hospitals, Secunderabad से बात की।

प्रोटीन घाव भरने में कैसे मदद करता है?

Dietitian Swetha. A ने बताया क‍ि प्रोटीन शरीर में नए ट‍िशूज और कोलेजन को बूस्‍ट करने में मदद करता है। कोलेजन घाव को मजबूत बनाने के ल‍िए जरूरी माने जाते हैं। साथ ही यह र‍िपेयर प्रक्र‍िया को भी तेज करता है। अगर शरीर में प्रोटीन की कमी है, तो घाव भरने में देरी हो सकती है। साल 2025 में Advances In Wound Care में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, प्रोटीन की कमी से घाव भरने की प्रक्र‍िया धीमी हो सकती है और इंफेक्‍शन का खतरा भी बढ़ सकता है।

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सर्जरी के बाद प्रोटीन र‍िच डाइट लेने से घाव जल्‍दी भरता है

Dietitian Swetha. A ने बताया क‍ि सर्जरी के बाद शरीर को हीलि‍ंग प्रक्र‍िया से गुजरना होता है और इसके ल‍िए प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन से अमीनो एस‍िड्स म‍िलते हैं जो डैमेज ट‍िशूज को र‍िपेयर करने का काम करते हैं, इससे घाव को ठीक होने में मदद म‍िलती है और इंफेक्‍शन के ख‍िलाफ इम्‍यून सेल्‍स भी व‍िकस‍ित होते हैं। Wounds International जर्नल में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, घाव भरने के ल‍िए सामान्‍य डाइट काफी नहीं होती। इसके ल‍िए मरीज को अध‍िक पोषण और खासतौर पर प्रोटीन की जरूरत होती है। लेख में यह भी बताया गया है क‍ि घाव जल्‍दी न भरने का एक कारण कुपोषण भी है।

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सर्जरी के बाद प्रोटीन रि‍च डाइट क्‍यों लेना चाह‍िए?

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  • साल 2024 में Sports Medicine And Health Science में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सर्जरी के बाद प्रोटीन लेने से मांसपेश‍ियों के नुकसान को कम करने और र‍िकवरी में मदद मि‍लती है। स्‍टडी में ऑर्थोपेड‍िक सर्जरी के बाद प्रोटीन सप्‍लीमेंट लेने से मरीजों की र‍िकवरी पर अच्‍छा प्रभाव देखा गया।
  • सर्जरी के दौरान या बाद में शरीर की मेटाबोल‍िक जरूरतें बढ़ जाती हैं और एक्‍सरसाइज हो नहीं पाती ज‍िसके कारण मसल मास कम हो सकता है। प्रोटीन की मदद से मसल मास को बचाने में मदद म‍िलती है।
  • प्रोटीन की मदद से शरीर को ताकत म‍िलती है और घाव भरने की प्रक्र‍िया तेज होती है।
  • प्रोटीन ब्‍लड क्‍लाॅट बनने और शरीर में तरल का संतुलन बनाने में मदद करता है। इससे देर से घाव भरना या लंबी सूजन से न‍िजात म‍िलता है।
  • प्रोटीन स्राेत जैसे अंडे, लीन म‍ीट, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, दाल, सोया प्रोडक्‍ट्स, प्रोटीन सप्‍लीमेंट्स (डॉक्‍टर की सलाह के साथ) वगैरह लेने से हील‍िंग प्रक्र‍िया तेज होती है।
  • नोट: सर्जरी या घाव के बाद शरीर की र‍िकवरी में प्रोटीन र‍िच डाइट अहम भूम‍िका न‍िभाती है, लेक‍िन मरीज की उम्र, सर्जरी का टाइप या अन्‍य बीमारियों का ध्‍यान में रखकर ही डाइट तय की जाती है। इसल‍िए डॉक्‍टर की सलाह के बगैर हाई प्रोटीन डाइट न लें।

सर्जरी के बाद क‍ितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाह‍िए?

एक स्‍वस्‍थ वयस्‍क द‍िनभर में 25 से 30 ग्राम प्रोटीन ले सकता है। हालांक‍ि, सर्जरी के बाद प्रोटीन की जरूरत हर व्‍यक्‍त‍ि में अलग हो सकती है। वजन, उम्र, स्‍वा‍स्‍थ्‍य स्‍थ‍िति‍ के मुताब‍िक डॉक्‍टर और डाइट एक्‍सपर्ट मरीज का प्रोटीन इंटेक फ‍िक्‍स करते हैं। डॉक्‍टर की सलाह के बगैर ज्‍यादा प्रोटीन सप्‍लीमेंट लेने से बचना चाह‍िए।

सर्जरी के बाद र‍िकवरी के ल‍िए कौन से पोषक तत्‍व चाह‍िए?

सर्जरी के बाद र‍िकवरी के ल‍िए प्रोटीन के अलावा, आयरन, ज‍िंक, कैल्‍श‍ियम, व‍िटाम‍िन सी, व‍िटाम‍िन डी, ओमेगा 3, फाइबर और हाइड्रेशन की जरूरत होती है।

सर्जरी के बाद र‍िकवरी के ल‍िए क्‍या खाएं?

सर्जरी के बाद र‍िकवरी के ल‍िए दाल, पनीर, दही, अंडे, दाल, सीड्स, आंवला, डेयरी प्राेडक्‍ट्स, हरी सब्‍ज‍ियां, अखरोट, सब्‍ज‍ियां, फल और होल ग्रेन्‍स का सेवन कर सकते हैं।

सर्जरी के बाद क‍िन चीजों का सेवन नहीं करना चाह‍िए?

  • सर्जरी के बाद ज्‍यादा तले-भुने या प्रोसेस्‍ड फूड्स जैसे पकौड़े, कचौड़ी या फ्राइड स्‍नैक्‍स के सेवन से बचना चाह‍िए। इस वजह से गट हेल्‍थ खराब हो सकती है और हील‍िंग प्रक्र‍िया धीमी हो सकती है।
  • सर्जरी के बाद र‍िफाइंड शुगर, अल्‍कोहल, कैफीन, ज्‍यादा म‍िर्च वाली चीजें खाने से भी बचना चाह‍िए। इससे सूजन बढ़ सकती है और न्‍यूट्र‍िएंट्स एब्‍जॉर्ब होने में द‍िक्‍कत हो सकती है।
  • सर्जरी के बाद हैवी ग्रेवी, घी या हैवी मील्‍स लेने से बचना चाह‍िए, इसे पचाना मुश्‍क‍िल हो सकता है क्‍योंक‍ि सर्जरी के बाद दवाओं के असर से पाचन धीमा हो जाता है इसल‍िए सर्जरी के बाद लाइट मील्‍स लें।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्जरी के बाद शरीर और घाव को र‍िकवरी के ल‍िए पोषक तत्‍वों से भरपूर डाइट की जरूरत होती है, खासकर प्रोटीन की जरूरत अहम होती है। प्रोटीन से अमीनो एस‍िड्स म‍िलते हैं जो डैमेज ट‍िशूज को र‍िपेयर करने का काम करते हैं। प्रोटीन का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी मजबूत होती है, मसल लॉस से बचने में मदद म‍िलती है, ताकत बढ़ती है और शरीर की हील‍िंग प्रक्र‍िया तेज होती है।

FAQ

  • सर्जरी के बाद क‍िन मरीजों को प्रोटीन की ज्‍यादा जरूरत होती है?

    सर्जरी या लंबे समय तक हॉस्‍पि‍टल में रहने वाले मरीजों को प्रोटीन की ज्‍यादा जरूरत होती है। कुपोषण या गंभीर चोट वाले मरीजों को भी प्रोटीन की ज्‍यादा जरूरत हो सकती है।
  • क्‍या सर्जरी के बाद प्रोटीन सप्‍लीमेंट की जरूरत होती है?

    सर्जरी के बाद हर मरीज को प्रोटीन सप्‍लीमेंट की जरूरत नहीं होती है। बुजुर्गों को या बड़ी सर्जरी होने पर डॉक्‍टर कुछ केस में मरीजों को सप्‍लीमेंट खाने की सलाह देते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 22, 2026 18:36 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dt Swetha A

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