Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

एक बार में ज्‍यादा प्रोटीन या दिनभर में बांटकर खाना बेहतर है? न्‍यूट्रि‍शन‍िस्‍ट से जानें सही तरीका

प्रोटीन मांसपेश‍ियों के ल‍िए ब‍िल्‍ड‍िंग ब्‍लॉक कहलाता है। कुछ लोग प्रोटीन को एक बार में लेना पसंद करते हैं, तो कुछ इसे द‍िनभर में बांटकर खाते हैं। जानें कौन सा तरीका ज्‍यादा बेहतर हो सकता है? 

अच्‍छी सेहत के ल‍िए प्रोटीन का सेवन जरूरी है। शरीर की ज्‍यादातर कोश‍िकाएं जैसे मसल्‍स, त्‍वचा, बाल, नाखून वगैरह प्रोटीन से बने होते हैं इसल‍िए इनकी मजबूती के ल‍िए हमें प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन लेने से मसल गेन में मदद मलती है, मसल लॉस से बचने में मदद म‍िलती है। प्रोटीन, ग्रोथ और ट‍िशूज के र‍िपेयर होने की प्रक्र‍िया को सपोर्ट करता है। कुछ लोगों को लगता है क‍ि हम, तो घर में रहते हैं और हम कोई बॉडी ब‍िल्‍डर नहीं है इसल‍िए हमें प्रोटीन की जरूरत नहीं है, लेक‍िन प्रोटीन क‍िसी एक श्रेणी के लोगों के ल‍िए नहीं बल्‍क‍ि सभी के ल‍िए जरूरी है। चाहे आपका फ‍िजि‍कल एक्‍ट‍िव‍िटी लेवल जो भी हो, प्रोटीन आपकी मसल्‍स, बोन्‍स और इम्‍यून स‍िस्‍टम के ल‍िए जरूरी है। अक्‍सर लोगों के मन में यह सवाल आता है क‍ि प्रोटीन को एक साथ लें या द‍िनभर के अलग-अलग मील्‍स में बांटकर लें? इस सवाल का जवाब जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

प्रोटीन को द‍िनभर में बांटकर खाएं

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Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि प्रोटीन मील को एक साथ लेने के बजाय पूरे द‍िन के अलग-अलग मील्‍स में बांटकर खाना ज्‍यादा बेहतर माना जाता है। जब शरीर को हर मील में प्रोटीन की संतुल‍ित मात्रा म‍िलेगी, तब शरीर में अमीनो एस‍िड बेहतर ढंग से एब्‍जॉर्ब होगा और फूड क्रेव‍िंग्‍स नहीं होंगी। जब आप द‍िनभर के अलग-अलग मील्‍स में प्रोटीन लेते हैं, तो प्रोटीन के अलग-अलग स्रोत खाते हैं। इससे प्रोटीन के फायदे दोगुने हो जाते हैं। शरीर को प्रोटीन के फायदे तभी म‍िलेंगे जब प्रोटीन की अलग-अलग वैरायटी चुनेंगे जैसे दाल, पनीर, टोफू, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, अंडे वगैरह। अगर आप क‍िसी क्रॉन‍िक बीमारी के मरीज हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह लेकर प्रोटीन की मात्रा तय करें।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2014 में The Journal Of Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, एक ग्रुप ने प्रोटीन को नाश्‍ता, दोपहर और रात में 30-30 ग्राम मात्रा में ल‍िया, दूसरे ग्रुप ने रात में ज्‍यादा प्रोटीन ल‍िया। पर‍िणाम में देखा गया क‍ि ज‍िन लोगों ने प्रोटीन काे तीनों टाइम में बराबर बांटकर खाया, उनमें मसल प्रोटीन स‍िंथेस‍िस लगभग 25 प्रत‍िशत था। स्‍टडी के मुताबि‍क, एक साथ ज्‍यादा प्रोटीन लेने के बजाय उसे बांटकर खाना ज्‍यादा फायदेमंद हो सकता है।

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द‍िनभर में प्रोटीन को कैसे बांटें?

  • प्रोटीन को द‍िनभर में बांटने का सबसे अच्‍छा तरीका यही है क‍ि उसे सुबह, दोपहर और शाम को बराबर मात्रा में ल‍िया जाए। इससे भूख कंट्रोल होगी, मसल मास बढ़ेगा और द‍िनभर शरीर में एनर्जी रहेगी।
  • सुबह हाई प्रोटीन ब्रेकफास्‍ट जैसे दो अंडे खाना, मूंग दाल का चीला खाना या टोफू, पनीर का सेवन करने से द‍िनभर शरीर में एनर्जी रहती है, शुगर स्‍पाइक नहीं होता और फूड क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • ध्‍यान रखें क‍ि डाइट में केवल प्रोटीन लेकर शरीर हेल्‍दी नहीं रहेगा। प्रोटीन के साथ हेल्‍दी कार्ब्स और फाइबर को भी शाम‍िल करना जरूरी है।

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एक मील में क‍ितना प्रोटीन लेना चाह‍िए?

एक मील में 20 से 35 ग्राम प्रोटीन ले सके हैं। साल 2018 में Journal Of The International Society Of Sports Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, हमारा शरीर हर मील में 20 से 25 ग्राम प्रोटीन का ही इस्‍तेमाल करता है। मसल ग्रोथ के ल‍िए स्‍टडी में 0.4 ग्राम प्रोटीन प्रत‍ि मील लेने की सलाह दी गई है।

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वजन के मुताब‍िक क‍ितना प्रोटीन लेना चाह‍िए?

द‍िनभर में करीब 1.3 से 1.7 ग्राम प्रोटीन वजन के प्रत‍ि कि‍लोग्राम लेना चाह‍िए। उदाहरण के ल‍िए क‍िसी का वजन अगर 60 क‍िलो है, तो उसे हर द‍िन 90 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाह‍िए। (60 kg x 1.5 g = 90 ग्राम प्रोटीन)

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क्‍या ज्‍यादा प्रोटीन सेहत के ल‍िए हान‍िकारक है?

  • शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है, लेक‍िन जरूरत से ज्‍यादा प्रोटीन, कब्‍ज, ब्‍लोट‍िंग, पेट में भारीपन, इर‍िटेबल बाउल स‍िंड्रोम जैसी समस्‍याओं का कारण बन सकता है। प्रोटीन के साथ सब्‍ज‍ियां, फल, होल ग्रेन्‍स वगैरह को भी डाइट में शाम‍िल करें।
  • जो लाेग एन‍िमल बेस्‍ड प्रोटीन जैसे रेड मीट का सेवन ज्‍यादा करते हैं, उनमें हार्ट ड‍िजीज का खतरा ज्‍यादा होता है।
  • प्रोटीन इंटेक के साथ-साथ पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना भी जरूरी है वरना ड‍िहाइड्रेशन हो सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

द‍िनभर में एक साथ प्रोटीन लेने के बजाय, प्रोटीन को अलग-अलग मील्‍स में बांटकर खाना ज्‍यादा फायदेमंद माना जाता है। एक मील में 20 से 35 ग्राम प्रोटीन ले सकते हैं। द‍िनभर में वजन के मुताबि‍क, करीब 1.3 से 1.7 ग्राम प्रोटीन प्रत‍ि क‍िलो लेना चाह‍िए।हालांक‍ि जरूरत से ज्‍यादा प्रोटीन कब्‍ज, हार्ट र‍िस्‍क और ड‍िहाइड्रेशन जैसी समस्‍याओं का कारण बन सकता है।

FAQ

  • प्रोटीन र‍िच फूड्स कौन से हैं?

    दालें, चने, राजमा, लोब‍िया, सोयाबीन, पनीर, टोफू, दूध, दही, मूंगफली, बादाम, काजू, क्विनोआ, ओट्स, अंडा वगैरह प्रोटीन र‍िच फूड्स हैं।
  • क‍िन लोगों को हाई प्रोटीन डाइट नहीं लेना चाह‍िए?

    ज‍िन लोगों को क्रॉन‍िक क‍िडनी डि‍जीज है या क‍िडनी में स्‍टोन है, उन्‍हें हाई प्रोटीन डाइट का सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बगैर नहीं करना चाह‍िए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 16, 2026 13:36 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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