सिरदर्द होना इतना आम है कि कई बार लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। कई बार दर्द माथे में महसूस होता, तो कभी आंखों के आस-पास भारीपन के साथ सिरदर्द महसूस होता है, लेकिन लोग इसमें अंतर ही नहीं कर पाते। खासतौर पर जिन लोगों को साइनस और माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। अगर सिर्फ आंखों के आसपास भारीपन महसूस हो या नाक बंद हो, तो कतई मतलब नहीं कि यह साइनस का ही सिरदर्द होगा। कई बार साइनस का दर्द और माइग्रेन या दूसरे तरह के सिरदर्द एक जैसे महसूस हो सकते हैं। इसलिए इनके बीच अंतर समझना जरूरी है। साइनस और माइग्रेन के अंतर को समझने के लिए हमने Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, ENT Expert, MedFirst ENT Centre, Delhi से बात की।
साइनस का दर्द और माइग्रेन में अंतर
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने साइनस और माइग्रेन में अंतर को कुछ ऐसे स्पष्ट किया है।
अंतर |
साइनस का दर्द |
माइग्रेन का दर्द |
दर्द का प्रकार |
गहरा, लगातार बना रहने वाला दर्द या चेहरे पर भारी दबाव |
धड़कने या पल्स की तरह तेज टीस उठने वाला दर्द |
नाक का स्राव |
गाढ़ा, पीला या हरे रंग का बलगम/कफ निकलना |
पानी जैसा साफ पानी बहना या नाक सूखी रहना |
मुख्य लक्षण |
नाक बंद होना, बुखार, सूंघने की क्षमता कम होना और ऊपरी दांतों में दर्द |
मतली, उल्टी, तेज रोशनी और तेज आवाज से बहुत ज्यादा परेशानी |
ट्रिगर्स |
चेहरा आगे झुकाने पर दबाव बढ़ना |
चलने या झुकने से दर्द का बढ़ना |
समय |
जब तक संक्रमण या कंजेशन रहता है। डीकंजेस्टेंट या एंटीबायोटिक्स से आराम मिलना |
बिना इलाज 4 से 72 घंटे तक रहता है। सोने या माइग्रेन की दवाओं से सुधार होना |
साइनस का दर्द
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “जब नाक और चेहरे की हड्डियों के आसपास हवा से भरी छोटी-छोटी कैविटी होती है, जिसे साइनस कहा जाता है। जब इनमें सूजन या इंफेक्शन हो जाती है, तो साइनसाइटिस की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों में एलर्जी, नाक के अंदर सूजन या अन्य समस्याओं के कारण भी साइनस की परेशानी लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसमें सिर्फ सिरदर्द नहीं होता, बल्कि नाक बंद होना, नाक से स्राव आना और चेहरे पर दबाव या भारीपन भी महसूस हो सकता है।”
साइनस के दर्द की पहचान कैसे करें?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं कि साइनस का दर्द आमतौर पर माथे, आंखों के आसपास, नाक के दोनों ओर, गालों या ऊपरी जबड़े में महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को ऐसा लगता है जैसे चेहरे पर वजन रखा हो या अंदर से दबाव बन रहा हो। कई बार सिर या चेहरा आगे की तरफ झुकाने पर दबाव और दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।
American Migraine Foundation के अनुसार, साइनस के ये लक्षण हो सकते हैं।
- नाक बंद रहना
- नाक से गाढ़ा फ्लूड आना
- सूंघने की क्षमता कम होना
- चेहरे पर भारीपन या दबाव
- गले में कफ उतरना
- बुखार
- ऊपरी दांतों में दर्द
migraine and sinus diiference
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माइग्रेन
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने कहा, “माइग्रेन का दर्द कई बार साइनस के दर्द जैसा लग सकता है। खासकर जब दर्द माथे या आंखों के आसपास हो। यही वजह है कि कुछ लोग माइग्रेन को साइनस की समस्या समझ लेते हैं। माइग्रेन में दर्द अक्सर धड़कने या पल्स करने जैसा महसूस हो सकता है और कई लोगों में सिर के एक हिस्से में ज्यादा होता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में दर्द सिर्फ एक तरफ ही हो।”
माइग्रेन के लक्षण
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने माइग्रेन के लक्षणों की पहचान करने की सलाह दी है।
- मतली या उल्टी
- तेज रोशनी से परेशानी
- तेज आवाज से परेशानी
- नॉर्मल काम करने पर दर्द बढ़ना
- आंखों के सामने चमक महसूस होना
- कुछ लोगों में माइग्रेन शुरू होने से पहले ऑरा महसूस होना
साइनस के दर्द की जांच कैसे होती है?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं कि आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि अगर दर्द माथे, आंखों या चेहरे के आसपास है, तो यह हमेशा साइनसाइटिस का दर्द है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। इसलिए साइनस के दर्द की जांच कराना जरूरी होता है। साइनस में पहले मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ली जाती है और इसके बाद नाक और गले की जांच की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नेजल एंडोस्कोपी भी की जा सकती है।
माइग्रेन की जांच
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj के मुताबिक, माइग्रेन की जांच अक्सर मरीज के लक्षणों और सिरदर्द के पैटर्न को समझकर किया जाता है। हर मरीज को CT या MRI की जरूरत नहीं होती। कई बार मरीज की फैमिली हिस्ट्री भी चेक करके माइग्रेन को डाग्नोज किया जा सकात है।
साइनस और माइग्रेन के दर्द में अंतर करना मुश्किल क्यों होता है?
American Migraine Foundation के मुताबिक, माइग्रेन से पीड़ित 45% लोग अटैक के दौरान नाक बंद होने या आंखों से पानी आने जैसे लक्षण महसूस कर सकते हैं। अमेरिकन माइग्रेन स्टडी में लगभग तीस हजार लोगों पर हुए अध्ययन में देखा गया कि माइग्रेन से पीड़ित सिर्फ 50% लोग ही अपनी बीमारी के बारे में जानते थे और गलत डायग्नोज में सबसे आम साइनस का सिरदर्द था।
साइनस और माइग्रेन से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने मरीजों को माइग्रेन और साइनस से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी है।
- साइनस से बचाव के लिए एलर्जी जैसे धूल और धुआं से बचने की कोशिश करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- हाथों की साफ–सफाई का ध्यान रखें।
- सर्दी-जुकाम में सावधानी बरतनी चाहिए।
- माइग्रेन के ट्रिगर्स की पहचान करके उससे बचें।
- रात की नींद पूरी करें।
- लंबे समय तक भूखे पेट न रहें।
- स्ट्रेस को मैनेज करें।
डॉक्टर की सलाह
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj सभी लोगों को सलाह देते हैं कि सिरदर्द चाहे माइग्रेन का हो या फिर साइनस का, बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर बिल्कुल न लें। कुछ लोग सिरदर्द होते ही खुद से पेनकिलर लेना शुरू कर देते हैं। लंबे समय तक पेनकिलर लेने से किडनी पर असर पड़ सकता है। इसलिए अगर सिरदर्द के साथ बुखार, चेहरे या आंखों के आस-पास सूजन या नजर में बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
निष्कर्ष
साइनसाइटिस और माइग्रेन के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इसके इलाज का तरीका अलग हो सकता है। इसलिए सही कारणों की पहचान करके इलाज कराना जरूरी है। अगर सिर में दर्द गंभीर हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की दवा न लें।
FAQ
क्या माइग्रेन का दर्द भी नाक बंद होने या पानी आने का कारण बन सकता है?
माइग्रेन के दौरान ट्राइजेमिनल तंत्रिका और ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम के एक्टिव होने से नाक बंद होना, पानी आना या आंखों से पानी गिरने जैसे साइनस के लक्षण हो सकते हैं।मौसम बदलने या ठंडी हवा से होने वाला दर्द साइनस है या माइग्रेन?
यह दोनों को ट्रिगर कर सकता है। ठंडी हवा से साइनस में सूजन बढ़ जाती है, जबकि मौसम और तापमान का अचानक बदलाव माइग्रेन अटैक का एक बड़ा ट्रिगर माना जाता है।
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Current Version
Aug 24, 2026 18:55 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj
