नाक बंद होना, लगातार नाक बहना, रात में खांसी या चेहरे के आसपास भारीपन होना साइन से लक्षण होते हैं। आमतौर पर लोग इसे नॉर्मल सर्दी-जुकाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर परेशानी बार-बार होने लगे और लंबे समय तक बनी रहे, तो साइनस की समस्या हो सकती है। हालांकि, बच्चों और वयस्कों में साइनस की समस्या हो सकती है, लेकिन इसके लक्षण अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बच्चों व वयस्कों के साइनस के अंतर को समझने के लिए हमने Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, ENT Expert, MedFirst ENT Centre, Delhi से बात की।
वयस्कों और बच्चों में साइनस में अंतर
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “हालांकि बच्चों और वयस्कों दोनों में साइनस हो सकता है, लेकिन दोनों के साइनस एक जैसे नहीं बने होते। बच्चों में साइनस की बनावट अभी विकसित हो रही होती है, जबकि वयस्कों में सभी साइनस काफी हद तक विकसित हो चुके होते हैं। इस वजह से दोनों में लक्षण और पैटर्न अलग-अलग दिख सकते हैं।”
बच्चों में साइनस |
वयस्कों में साइनस |
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साइनस का विकास |
जन्म के समय साइनस पूरी तरह विकसित नहीं होते। केवल मैक्सिलैरी और एथमॉयड साइनस मौजूद होते हैं फ्रंटल और सफनॉयड साइनस किशोरावस्था में विकसित होते हैं। नाक का रास्ता काफी छोटा और संकरा होता है। |
सभी चारों साइनस पूरी तरह से विकसित हो चुके होते हैं। |
मुख्य लक्षण |
लगातार नाक बंद रहना और बहना दिन और रात में खांसी होना मुंह से सांस लेना सांस में बदबू आना चिड़चिड़ापन नींद में परेशानी होना |
माथे, गालों व आंखों के आसपास दबाव या दर्द तेज सिरदर्द चेहरा झुकाने पर दर्द बढ़ना गाढ़ा पीला या हरा डिस्चार्ज निकलना गंध महसूस न होना |
रिस्क फैक्टर |
शुरुआती सालों में नाक, कान और साइनस के लगातार संक्रमण होना वायरल कोल्ड एलर्जी से नली में सूजन आना |
स्मोकिंग एयर पॉल्यूशन लंबे समय की एलर्जी नेजल पॉलिप्स टेढ़ी नाक की हड्डी |
इलाज |
ज्यादातर मामलों में वायरल साइनस का इलाज लक्षणों के आधार पर होना गंभीर बैक्टीरियल मामलों में एंटीबायोटिक्स |
वायरल संक्रमण में सिम्टोमैटिक इलाज |
साइनस क्या है?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने बताया कि साइनस नाक से जुड़ी होती है, जो अंदर म्यूकस बनाने वाली लाइनिंग होती है। इसका काम सांस के साथ आने वाली हवा में नमी बनाए रखने में मदद करती है। आमतौर पर चार साइनस होते हैं, जो अलग-अलग समय पर विकसित होते हैं।
- मैक्सिलैरी साइनस (Maxillary sinuses)
- एथमॉयड साइनस (Ethmoid sinuses)
- फ्रंटल साइनस (Frontal sinuses)
- सफनॉयड साइनस (Sphenoid sinuses)
बच्चों में साइनस के लक्षण
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj का कहना है, “बच्चों में सभी साइनस जन्म के समय विकसित नहीं होते और यही बच्चों और वयस्कों के साइनस में सबसे बड़ा अंतर है। बच्चों की नाक और साइनस ड्रैनेज का रास्ता काफी छोटा और संकरा होता है। जब बच्चे को वायरल कोल्ड या एलर्जी होती है, तो नाक की लाइनिंग में सूजन आ सकती है। इससे म्यूकस के बाहर निकालने का रास्ते पर असर पड़ सकता है। ऐसे में छोटे बच्चे के लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।”
- लगातार नाक बंद रहना
- लंबे समय तक नाक बहना
- दिन में या रात में खांसी
- मुंह से सांस लेना
- नाक से सांस लेने में परेशानी
- सांस में बदबू आना
- चिड़चिड़ापन या नींद में परेशानी

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रिसर्च क्या कहती है?
American Academy of Otolaryngology Head And Neck Surgery के अनुसार, बच्चों में वायरल साइनसिटिस का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, बैक्टीरियल साइनसिटिस के गंभीर मामलों में एंटीबायोटिक्स दिया जा सकता है। जिन मामलों में दवाइयों से सुधार नहीं होता, उनमें सर्जरी करने की सलाह दी जा सकती है। छोटे बच्चों के शुरुआती कुछ सालों में नाक, साइनस और कान के इंफेक्शन का रिस्क ज्यादा हो सकता है।
वयस्कों में साइनस के लक्षण
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “वयस्कों में साइनस पूरी तरह से विकसित हो चुका होता है। इसलिए साइनस के लक्षण अलग हो सकते हैं। आमतौर पर वयस्कों को स्मोकिंग, एयर पोल्यूशन, लंबे समय तक एलर्जी, नेजल पॉलिप्स या नेजल सेप्टम होने से साइनस और ज्यादा गंभीर हो सकता है। इसके लक्षण कुछ ऐसे हो सकते हैं।”
- माथे, गालों या आंखों के आसपास प्रेशर या दर्द महसूस होना
- सिरदर्द की समस्या
- नाक बंद होना
- नाक से गाढ़ा डिस्चार्ज निकलना
- गंध महसूस न होना
- चेहरा या सिर झुकाने पर ज्यादा प्रेशर महसूस होना
CDC के अनुसार, साइनस चेहरे की हवा से भरे साइनस में फ्लूड में कीटाणुओं के पनपने से हो सकता है। आमतौर पर साइनस वायर के कारण होते हैं, तो कुछ मामलों में बैक्टीरिया की वजह से भी साइनस हो सकता है। अगर किसी को पहले से जुकाम, एलर्जी या सेकेंड हैंड स्मोक से हो सकता है। कुछ लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिसकी वजह से साइनस हो सकता है।
साइनस में जांच कैसे होती है?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने बताया कि बच्चों और वयस्कों, दोनों में साइनस की जांच लक्षणों को आधार पर की जाती है। आमतौर पर अगर बच्चे को एक्यूट बैक्टीरियल साइनस है, तो इसके लिए CT स्कैन की सलाह नहीं दी जाती। अगर बीमारी बार-बार हो रही है या इलाज के बावजूद समस्या बनी हुई है, तो नेजल एंडोस्कोपी या CT PNS किया जा सकता है।
साइनस से बचाव कैसे करें?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj सलाह देते हैं कि बच्चों और बड़ों, दोनों को साइनस से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
- हाथों की रेगुलर सफाई रखें।
- धूल और धुएं से बचें।
- एलर्जी को कंट्रोल में रखें।
- बच्चों को सिगरेट के धुएं से बचाना चाहिए।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
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निष्कर्ष
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं कि अगर बच्चे को बार-बार जुकाम, सर्दी, एलर्जी या नाक में ब्लॉकेज होती है, तो बार-बार कफ सिरप या एंटीबायोटिक बिल्कुल न दें। इसके कारणों को जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। वयस्कों और बच्चों के लक्षणों में अंतर हो सकता है, इसलिए बच्चों के सर्दी जुकाम को सामान्य समझकर इग्नोर न करें, बल्कि डॉक्टर से जांच कराएं, ताकि समय पर बीमारी की पहचान हो सके।
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FAQ
क्या बच्चों को साइनस के लिए बड़ों की तरह नेजल एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड स्प्रे दिए जा सकते हैं?
बच्चों में स्प्रे और एंटीबायोटिक दवाओं की खुराक उम्र और वजन के अनुसार बहुत सीमित होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के बड़ों वाले स्प्रे बच्चों की नाक में डालने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।बच्चों और बड़ों में साइनस क्रोनिक कब माना जाता है?
अगर साइनस के लक्षण 12 हफ्ते (3 महीने) या उससे ज्यादा समय तक लगातार बने रहें और दवाओं से ठीक न हों, तो इसे क्रोनिक राइनोसाइनसिस कहा जाता है।
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Aug 31, 2026 19:35 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj