नाक बहना, छींक आना, खांसी, स्किन पर रेड रैशेज या शरीर के किसी हिस्से में सूजन जैसी समस्याएं कई बार एक जैसी दिखाई देती हैं। ऐसे में यह समझना मुश्किल हो सकता है कि परेशानी एलर्जी के कारण है या किसी इंफेक्शन की वजह से, खासकर बदलते मौसम में नाक बहने और छींक आने जैसे लक्षण आम हैं, लेकिन हर बार इसका कारण इंफेक्शन ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। सही कारण समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि एलर्जी और इंफेक्शन का इलाज एक जैसा नहीं होता है। ऐसे में आइए Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानें इन दोनों स्थिति में क्या अंतर है?
एलर्जी और इंफेक्शन में अंतर
डॉ. पूजा के अनुसार, एलर्जी और इंफेक्शन को अक्सर लोग एक समझ लेते हैं, लेकिन ये दोनों की समस्याएं अलग हैं। हालांकि, इनके लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इनके इलाज अलग-अलग होते हैं। ऐसे में इसके अंतर को समझना जरूरी हो जाता है, ताकि समय से सही इलाज मिल सके।
| एलर्जी | इंफेक्शन | |
| कारण | एलर्जेन के प्रति शरीर की इम्यूनिटी की प्रतिक्रिया। | वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या पैरासाइट जैसे माइक्रोऑर्गेनिज्म। |
| लक्षण | खुजली, बार-बार छींक, आंखों से पानी, नाक बहना या बंद होना, पित्ती। | बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, थकान, दर्द, खांसी, नाक बहने, रैशेज होने, बैचेनी, डिस्चार्ज, सूजन या रेडनेस। |
| बुखार | एलर्जी में नहीं होता है। | कई इंफेक्शन में हो सकता है। |
| ट्रिगर | किसी खास चीज के संपर्क से बढ़ सकते हैं। | इंफेक्शन पैदा करने वाले ऑर्गेनिज्म के शरीर में जाने से होता है। |
| दूसरे व्यक्ति में फैलना | एलर्जी फैलती नहीं है। | कुछ इंफेक्शन फैल सकते हैं। |
| इलाज | ट्रिगर से बचाव और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं दी जाती हैं। | कारण के अनुसार इलाज होता है। कुछ बैक्टीरियल इंफेक्शन में एंटीबायोटिक की जरूरत हो सकती है। |
एलर्जी क्या होती है?
डॉ. पूजा के अनुसार, एलर्जी शरीर के इम्यून सिस्टम का ऐसा रिएक्शन है, जिसमें शरीर ऐसी चीज के प्रति तेजी से प्रतिक्रिया करता है, जो आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होती है। इसे एलर्जन कहते हैं। एलर्जी के लक्षण अक्सर किसी खास ट्रिगर के संपर्क में आने के बाद दिखते हैं और उस ट्रिगर से दूर होने पर व्यक्ति को आराम मिल सकता है।
धूल, पोलन, पालतू जानवरों की रूसी, कुछ खास फूड्स, कीड़े का काटना और कुछ दवाइयां एलर्जी पैदा करने वाले आम कारण हो सकते हैं। एलर्जी के लक्षण अक्सर किसी खास चीज के संपर्क में आने के बाद दिखाई देते हैं। उस चीज से दूर रहने पर कई लोगों में लक्षण कम भी हो सकते हैं।
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इंफेक्शन क्या होता है?
डॉ. पूजा बताती हैं, इंफेक्शन तब होता है, जब वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या पैरासाइट जैसे नुकसानदायक ऑर्गेनिस्म शरीर में घुसकर बीमारी पैदा कर सकते हैं। कुछ इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं, जबकि ऐसा हर इंफेक्शन के मामले में जरूरी नहीं है।
डॉ. पूजा आगे कहती हैं, इंफेक्शन के दौरान बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, थकान, दर्द, सूजन, लालिमा या असामान्य रिसाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इंफेक्शन के लक्षण इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि शरीर का कौन सा हिस्सा प्रभावित हुआ है और इंफेक्शन किस तरह का है।
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एलर्जी और इंफेक्शन में एक जैसे दिख सकते हैं लक्षण
डॉ. पूजा के अनुसार, कुछ इंफेक्शन में एलर्जी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे वायरल इंफेक्शन में नाक बहना और आंखों से पानी आना हो सकता है, जबकि एलर्जिक राइनाइटिस में भी नाक बहना, छींक आना और आंखों से पानी आना हो सकता है, लेकिन आमतौर पर इसमें बुखार नहीं होता है।
इसी तरह, गले में खराश या खांसी भी एलर्जी और इंफेक्शन दोनों में हो सकती है। इसलिए, असली कारण का पता लगाने के लिए लक्षणों की ड्यूरेशन, उससे जुड़े संकेत, ट्रिगर्स की हिस्ट्री और मेडिकल टेस्ट जरूरी हैं, खासकर तब जब लक्षण लगातार बने रहें, गंभीर हों या बार-बार लौटकर आएं।
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एलर्जी और इंफेक्शन के इलाज भी होता है अलग
डॉ. पूजा आगे कहती हैं, एलर्जी और इंफेक्शन की समस्याओं के इलाज भी अलग-अलग होते हैं। बता दें, एलर्जी के मामले में ट्रिगर्स यानी जिस चीज से परेशानी होती है, उससे बचना इलाज का जरूरी हिस्सा हो सकता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीहिस्टामाइन, नेजल स्प्रे या डॉक्टर की सलाह अनुसार अन्य दवाइयों का इस्तेमाल करके ठीक किया जा सकता है।
डॉ. पूजा का कहना है, बैक्टीरियल इंफेक्शन का इलाज उसके कारण पर भी निर्भर करता है। उसके लिए कुछ एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ सकती है और वायरल इंफेक्शन आमतौर पर सपोर्टिव केयर से ठीक हो जाते हैं। ध्यान रहे, एलर्जी के लिए एंटीबायोटिक्स नहीं लेनी चाहिए और न ही वायरल बीमारियों के लिए इनका बेवजह इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि इससे साइड इफेक्ट हो सकते हैं और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. पूजा बताती हैं, जिन लोगों को बार-बार या बिना किसी साफ कारण के एलर्जी के लक्षण होते हैं, उन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट, फिजिशियन या एलर्जी के डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
वहीं, अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, बहुत ज्यादा दर्द, सांस लेने में परेशानी या तेजी से बिगड़ते लक्षण महसूस हों, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को किसी ऐसी चीज के संपर्क में आने के बाद अचानक सांस लेने में परेशानी, होंठ, जीभ या गले में सूजन, चक्कर आना या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो उन्हें तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए, क्योंकि ये एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) नाम की गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया के लक्षण हो सकते हैं।
निष्कर्ष
एलर्जी और इंफेक्शन के कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ छींक, खांसी, नाक बहने या रेडनेस देखकर कारण तय करना सही नहीं है। एलर्जी में किसी खास एलर्जेन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया होती है, जबकि इंफेक्शन हानिकारक माइक्रोऑर्गेनिज्म्स के कारण होता है। इनमें लक्षणों की ड्यूरेशन, साथ दिखाई देने वाले संकेत और संपर्क या ट्रिगर्स को समझने में मदद कर सकते हैं।
इन दोनों स्थितियों में इलाज भी अलग-अलग होते हैं। सही इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सेफ तरीका है।
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FAQ
शरीर में एलर्जी बढ़ने से क्या होता है?
शरीर में एलर्जी बढ़ने की समस्या होने पर व्यक्ति को स्किन पर रेशैज होने, खुजली, सूजन, नाक बहने, नाक बंद होने, आंखों के लाल होने, आंखों से पानी आने, सांस फूलने और बार-बार छींक आने की समस्या हो सकती है।इंफेक्शन किसकी वजह से होता है?
शरीर में बाहर से आने वाले बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और माइक्रोऑर्गेनिज्म्स और इम्यूनिटी के कमजोर होने के कारण व्यक्ति को इंफेक्शन होने की समस्या हो सकती है।
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Current Version
Aug 16, 2026 23:21 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 16, 2026 23:21 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai
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