आज के समय में कई लोगों को एलर्जी की समस्या हो जाती है। एलर्जी अक्सर धूल, मिट्टी, पालतू जानवर, फूड्स, कीडे़ या दवाइयों का सेवन करने जैसी चीजों से हो सकती हैं। इसके कारण लोगों को छींक आने, नाक में खुजली होने, नाक बहने, त्वचा में दाने होने और कई बार सांस लेने में परेशानी होती है। ऐसे में कई बार लोग एलर्जी को दो दिन की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार लोगों के मन में सवाल आता है कि एलर्जी का टेस्ट कब कराना चाहिए और कैसे समझे की एलर्जी टेस्ट की जरूरत है या नहीं? आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानें।
एलर्जी टेस्ट कब करवाना चाहिए?
Dr. Shireen Furtadoके अनुसार, एलर्जी टेस्ट आमतौर पर तब करवाने के बारे में सोचा जाता है, जब किसी व्यक्ति को बार-बार ऐसे लक्षण होते हैं, जिनका कोई साफ कारण समझ में नहीं आता है या हर बार किसी खास चीज के संपर्क में आने के बाद समस्या शुरू होती है, तो डॉक्टर एलर्जी टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जैसे धूल या पराग के संपर्क में आने पर बार-बार छींक आना, नाक बहना, त्वचा पर बार-बार रैशेज या पित्ती (hives) होना, सूजन आना, किसी खास एलर्जन से जुड़ी सांस की समस्या, कोई खास खाना खाने, दवा लेने या कीड़े के काटने के बाद नियमित रूप से लक्षण दिखना।
ध्यान रहे, अगर लक्षण रोज के कामों पर असर करते हैं, बार-बार लौट रहे हैं या नॉर्मल इलाज से नियंत्रित नहीं हो रहे हैं, तो डॉक्टर से एलर्जी की जांच के बारे में सलाह ली जा सकती है।
हर व्यक्ति को एलर्जी टेस्ट की जरूरत नहीं
Dr. Shiree कहती हैं, सिर्फ खुजली, छींक या स्किन पर रैशेज होने वाले हर व्यक्ति को एलर्जी टेस्ट की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि कई लक्षणों के दूसरे कारण भी हो सकते हैं। आमतौर पर डॉक्टर टेस्ट जरूरी है या नहीं, यह तय करने से पहले वे मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री लेंगे और समझेंगे कि लक्षण कब होते हैं, संभावित कारणों या ट्रिगर्स की पहचान करेंगे और मरीज की जांच करेंगे। इससे गैर-जरूरी टेस्ट और ऐसे रिजल्ट से होने वाली उलझन से बचा जा सकता है, जिनका कोई क्लिनिकल महत्व नहीं होता है।
इसे भी पढ़ें: क्या विटामिन्स की कमी से त्वचा का रंग बदल सकता है? डॉक्टर से जानें
when should an allergy test be done know from doctor 1 (4)
एलर्जी की कौन-कौन से टेस्ट होते हैं?
Dr. Shiree के अनुसार, एलर्जी का टेस्ट व्यक्ति के लक्षण और एलर्जेन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। सबसे आम एलर्जी टेस्ट में स्किन-प्रिक टेस्ट (skin-prick test) और ब्लड टेस्ट शामिल हैं, जो एलर्जन-स्पेसिफिक IgE एंटीबॉडी को मापते हैं। इसके अलावा, oral food challenge और पैच टेस्ट भी किया जा सकता है।
Cleveland Clinic के अनुसार, एलर्जी होने पर इनके लक्षण और उम्र के आधार पर कुछ टेस्ट किए जाते हैं, जिससे एलर्जी का पता लगाया जा सके।
- स्किन-प्रिक टेस्ट।
- ओरल चैलेंज टेस्ट।
- ब्लड (IgE) टेस्ट।
- इंट्राडर्मल स्किन टेस्ट।
- पैच टेस्ट।
फूड एलर्जी में कब होता है टेस्ट?
Dr. Shiree आगे बताती हैं, कुछ खास मामलों में, डॉक्टर यह पता करने के लिए कि क्या किसी खास फूड को खाने से बाद बार-बार कुछ समय के लिए एलर्जी जैसे लक्षण या एलर्जिक रिएक्शन दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर सुपरवाइज्ड फूड चैलेंज यानी oral food challenge की सलाह देते हैं और उस फूड को पॉसिबल ट्रिगर मानकर टेस्ट कर सकते हैं।
ऐसे में एलर्जी टेस्ट पॉजिटिव आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता है कि उस चीज के संपर्क में आने पर व्यक्ति में हर बार लक्षण दिखेंगे ही, क्योंकि टेस्ट से असल क्लिनिकल एलर्जी के बजाय सिर्फ सेंसिटाइजेशन (sensitisation) का पता चल सकता है। इसलिए टेस्ट की रिपोर्ट को लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के साथ समझना जरूरी है।
डॉक्टर से सलाह लेना है जरूरी
ऐसे में बिना किसी साफ कारण के बड़े टेस्टिंग पैनल का इस्तेमाल करने के बजाय, व्यक्ति के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर एलर्जी टेस्ट का चुनाव किया जाना चाहिए। साथ ही, लोगों को डॉक्टर या एलर्जिस्ट से चर्चा किए बिना सिर्फ टेस्ट के रिजल्ट के आधार पर खान-पान में बड़े बदलाव करने या कुछ खास तरह के खाने से पूरी तरह परहेज करने से बचना चाहिए।
एलर्जी टेस्टिंग कब फायदेमंद है?
Dr. Shiree के अनुसार, एलर्जी टेस्टिंग तब खासतौर पर फायदेमंद हो सकती है, जब लक्षण बार-बार हों, रोज के कामों पर असर पड़ता हो और उनको कंट्रोल करना मुश्किल हो या किसी खास खाने, दवा, जानवर कीड़े या पर्यावरण से जुड़े कारण के संपर्क में आने पर बार-बार हों।
वहीं, जिन लोगों में कभी-कभार हल्के लक्षण दिखते हैं, उन्हें टेस्टिंग की जरूरत नहीं हो सकती है, अगर कारण पहले से ही साफ हो और लक्षणों को आसानी से कंट्रोल किया जा सके। डर्मेटोलॉजिस्ट, एलर्जिस्ट या फिजिशियन यह तय कर सकते हैं कि कौन सा टेस्ट सही रहेगा और रिजल्ट का क्या मतलब है, यह समझा सकते हैं।
गंभीर लक्षण हों तो टेस्ट का इंतजार न करें
अगर किसी संभावित एलर्जेन के संपर्क में आने के बाद सांस लेने में परेशानी, होंठ या जीभ में सूजन, गले में कसाव, चक्कर, बेहोशी, स्किन एलर्जी या तेजी से फैलती पित्ती जैसे लक्षण दिखाई दें, तो केवल एलर्जी टेस्ट कराने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण गंभीर एलर्जिक रिएक्शन, जिसमें anaphylaxis भी शामिल हो सकता है, के संकेत हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
एलर्जी टेस्ट मुख्य रूप से संभावित ट्रिगर को पहचानने और आगे की देखभाल की योजना बनाने में मदद करता है। यह किसी गंभीर प्रतिक्रिया के समय तत्काल इलाज का विकल्प नहीं है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
Dr. Shiree कहती हैं, सबसे जरूरी बात यह है कि अगर किसी को संभावित एलर्जन के संपर्क में आने के बाद सांस लेने में परेशानी, होंठ या जीभ में सूजन, गले में जकड़न, चक्कर आना, बेहोशी या तेजी से फैलने वाले चकत्ते जैसी समस्याएं हों, तो उन्हें एलर्जी टेस्ट का इंतजार नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) के वॉर्निंग देने वाले संकेत हो सकते हैं, जो एक जानलेवा एलर्जिक रिएक्शन है। वहीं, टेस्ट का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रिगर्स की पहचान करने और तुरंत मेडिकल समस्या का इलाज होने के बाद लंबे समय के लिए मैनेजमेंट की प्लानिंग बनाने में किया जाता है।
निष्कर्ष
एलर्जी टेस्ट कब करवाना है, इसका फैसला सिर्फ लक्षणों को देखकर नहीं किया जाता है। बार-बार होने वाले, किसी खास चीज से जुड़े या जीवन को प्रभावित करने वाले लक्षणों में डॉक्टर एलर्जी की जांच पर विचार कर सकते हैं। स्किन प्रिक टेस्ट और specific IgE ब्लड टेस्ट आम ऑप्शन हैं, जबकि कुछ फूड एलर्जी के मामलों में एक्सपर्ट की निगरानी सुपरवाइज्ड फूड चैलेंज की सलाह दी जाती है। इन टेस्ट के रिजल्ट को खुद देखकर फैसला न करें। कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी समस्या से बचा जा सके।
All Images Credit- Freepik
FAQ
एलर्जी के लक्षण क्या हैं?
एलर्जी होने पर व्यक्ति को बार-बार छींक आने, नाक बहने, नाक बंद होने, आंखों में खुजली होने, पानी आने, स्किन पर रेशैज होने, सूखी खांसी होने और गले में खराश या खुजली होने की समस्या हो सकती है।एलर्जी में कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?
एलर्जी की जांच के लिए स्किन प्रिक टेस्ट और IgE ब्लड टेस्ट कराए जाते हैं। इसके अलावा, किसी भी नए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले अक्सर लोगों को पैच टेस्ट करने की सलाह भी दी जाती है, ताकि किसी भी एलर्जी से समय रहते बचा जा सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 15, 2026 23:40 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 15, 2026 23:40 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado
-1786816902213.webp)