आज के समय में ज्यादातर लोग विटामिन बी12 की कमी से परेशान रहते हैं। अक्सर इसको ही पैरों में झनझनाहट के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके कारण लोगों को पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट होने के अलावा, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आने, मूड में बदलाव आने और चलते समय बैलेंस बिगड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन कई बार विटामिन बी12 का स्तर नॉर्मल होने पर व्यक्ति को पैरों में झनझनाहट की समस्या होती है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
विटामिन बी12 के अलावा, पैरों में झनझनाहट होने के कारण
डॉ. अरविंद के अनुसार, हाथों, पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में झुनझुनी, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास तब भी हो सकता है, जब ब्लड टेस्ट में विटामिन B12 का स्तर नॉर्मल हो। हालांकि, विटामिन B12 की कमी नसों से जुड़ी समस्याओं का एक प्रमुख कारण है, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। अगर झुनझुनी लगातार बनी रहती है, तो सिर्फ एक ब्लड टेस्ट पर निर्भर रहने के बजाय इसके असली कारण की जांच करना जरूरी है।
1. विटामिन बी12 की कमी से हुआ नुकसान
पैरों में झनझनाहट की एक संभावना यह है कि पहले हुई विटामिन B12 की कमी के कारण नसों को जो नुकसान पहुंचा था, वह पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। विटामिन B12 नसों के चारों ओर प्रोटेक्टिव लेयर (जिसे माइलिन कहा जाता है) को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। अगर शरीर में लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी रही हो, तो नसों को ठीक होने में महीनों लग सकते हैं। ऐसे में, विटामिन B12 का स्तर सुधरने के बाद भी कुछ न्यूरोलॉजिकल लक्षण बने रह सकते हैं।
साल 2012 में Journal of the American Geriatrics Society में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, विटामिन बी12 की कमी (खराब बी12 स्तर और सीरम में इसकी कम मात्रा) बुजुर्गों में सेंसरी और पेरिफेरल नर्व के खराब कामकाज से जुड़ी होती है। नर्व्स के ठीक से काम न करने के कारण बुजुर्गों में शारीरिक क्षमता कम हो सकती है और वे किसी पर निर्भर या दिव्यांग हो सकते हैं। इससे यह पता चलता है कि बुजुर्गों में विटामिन बी12 के कम स्तर को समय रहते रोकना और उसका इलाज करना कितना जरूरी है।
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2. विटामिन बी12 सप्लीमेंट्स के कारण रिजल्ट गलत आना
एक और संभावना यह है कि ब्लड टेस्ट में आया विटामिन B12 का स्तर, शरीर में वास्तव में काम कर रहे विटामिन B12 की स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखाता है। हाल ही में लिए गए सप्लीमेंट्स से ब्लड टेस्ट के रिजल्ट्स पर असर पड़ सकता है। इसलिए, रिजल्ट को समझने के लिए मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री पर भी ध्यान देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर, डॉक्टर विटामिन B12 की कमी की जांच के लिए कुछ और टेस्ट भी करवा सकते हैं, जैसे कि मिथाइलमेलोनिक एसिड (MMA) टेस्ट।
why might tingling sensations persist even after vitamin b12 levels have returned to normal 01
3. डायबिटीज से जुड़ी समस्या
विटामिन B12 का स्तर सामान्य होने के बाद भी कई अन्य कारणों से भी झुनझुनी हो सकती है। इसका कारण डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की समस्या हो सकती है, जिससे व्यक्ति को पेरिफेरल नसों (शरीर के बाहरी हिस्सों की नसें) को नुकसान पहुंच सकता है और झनझनाहट की समस्या हो सकती है।
4. कार्पल टनल सिंड्रोम के कारण
कार्पल टनल सिंड्रोम या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के कारण नसों पर दबाव पड़ने से शरीर के कुछ खास हिस्सों में झनझनाहट होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
5. मेडिकल कंडीशन्स के कारण
शरीर में थायरॉयड और किडनी की बीमारी जैसी मेडिकल कंडीशन्स के कारण व्यक्ति को हाथों-पैरों में झनझनाहट होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
6. अल्कोहल और कुछ दवाइयों का सेवन करने
कई बार लोग अधिक अल्कोहल का सेवन करने या कुछ खास दवाइयों का सेवन करने के कारण भी हाथोंपैरों में झनझनाहट होने की समस्या हो सकती है।
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7. पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण
शरीर में विटामिन बी12 की कमी के अलावा, फोलेट, विटामिन B1 या अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण या कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर कम या ज्यादा होने पर भी कभी-कभी व्यक्ति को पैरों में झनझनाहट होने जैसे ही लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
लक्षणों के पैटर्न को समझें
डॉ. अरविंद आगे कहते हैं, लक्षणों का पैटर्न भी समस्या को समझने में मददगार हो सकता है। अगर अंगूठे, तर्जनी (पहली उंगली) और मध्यमा (बीच की उंगली) में झुनझुनी हो रही है, तो यह कार्पल टनल सिंड्रोम का संकेत हो सकता है।
वहीं, अगर दोनों पैरों में ऐसे लक्षण हैं, तो यह पेरिफेरल न्यूरोपैथी की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, सिर्फ इन लक्षणों के आधार पर ही किसी बीमारी का पक्का पता नहीं लगाया जा सकता है।
डॉक्टर दे सकते हैं जांच की सलाह
डॉ. अरविंद बताते हैं, डॉक्टर मरीज द्वारा ली जा रही दवाओं की समीक्षा कर सकते हैं, नसों के काम करने की क्षमता की जांच कर सकते हैं और स्थिति के अनुसार, ब्लड ग्लूकोज टेस्ट, थायरॉयड टेस्ट, इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच या नर्व-कंडक्शन स्टडी (नसों की कार्यप्रणाली की जांच) कराने की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें
लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के विटामिन सप्लीमेंट की अधिक खुराक लेने से बचना चाहिए, क्योंकि विटामिन B6 की बहुत अधिक मात्रा नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर झुनझुनी बनी रहती है या बढ़ जाती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। अगर अचानक झुनझुनी के साथ कमजोरी महसूस हो, चेहरे का कोई हिस्सा लटक जाए, बोलने में दिक्कत हो या शरीर का संतुलन बिगड़ जाए, तो तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए।
निष्कर्ष
शरीर में विटामिन बी12 की कमी से हुआ नुकसान, गलत रिपोर्ट, डायबिटीज, कार्पल टनल सिंड्रोम, मेडिकल कंडीशन्स, अल्कोहल या कुछ दवाइयों का सेवन, पोषक तत्वों या इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण व्यक्ति को हाथों-पैरों में झनझनाहट की समस्या हो सकती है।
ध्यान रहे, डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट्स का सेवन करने से बचें। इसके अलावा हाथों-पैरों में झनझनाहट के साथ बोलने में परेशानी, शरीर का बैलेंस बिगड़ने और बोलने में परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
विटामिन बी12 की कमी के क्या लक्षण है?
शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर व्यक्ति को थकान, कमजोरी, हाथों-पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट होने, चक्कर आने, सांस फूलने, मूड में बदलाव आने, चलते समय बैलेंस बिगड़ने, मुंह में छाले और त्वचा में पीलापन आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।पैरों में झनझनाहट से राहत के लिए क्या करें?
पैरों की झनझनाहट से राहत के लिए बैलेंस और पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें, पैरों की तेल मालिश करें, सेंधा नमक के पानी से नहाएं और ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित रखें।
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Oct 28, 2026 12:51 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Aravinda S N
