Wed Oct 14, 2026 | 06:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhinav Gupta , Consultant Neurologist & Director - Neurology Bhav Neuro Centre, Ghaziabad

हाथ-पैरों में जलन क्यों होती है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और जलन से राहत पाने के तरीके

कई लोगों को हाथों और पैरों में जलन महसूस होने लगती है। इसका कारण स्पाइन या नसों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है। अगर किसी को लगातार हाथ और पैरों में जलन होती है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी होता है, क्योंकि ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं।
हाथ-पैरों में जलन क्यों होती है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और जलन से राहत पाने के तरीकेहाथ-पैरों में जलन क्यों होती है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और जलन से राहत पाने के तरीके

क्या आपके हाथों या पैरों में अक्सर जलन होती है? कई बार ऐसा लगता है कि जैसे सुइयां चुभ रही हों, कभी झनझनाहट महसूस होती है, तो कभी हाथ-पैर सुन्न पड़ने लगते हैं। कुछ लोगों को यह परेशानी रात में ज्यादा होती है और इसकी वजह से नींद भी टूट जाती है। कई बार लंबे समय तक एक ही पॉजीशन में बैठने या किसी नस पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय तक हाथों या पैरों पर जलन-खुजली होती रहे, तो डॉक्टर से चेक कराना चाहिए। इस बारे में ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Neurology विभाग के Director Dr. Abhinav Gupta कहते हैं कि इसका कारण डायबिटीज, विटामिन B12 की कमी या नसों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है।

हाथ-पैरों में जलन होने के 5 कारण

Dr. Abhinav Gupta का कहना है, “हाथों और पैरों की जलन को बर्निंग फीट सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मरीज को हाथ और पैरों के तलवों पर गर्माहट या आग निकलने जैसा महसूस होने लगता है, सुई जैसी चुभन और सुन्नपन हो सकता है। कई मामलों में देखा गया है कि दर्द और जलन रात के समय ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे लक्षण दिखने का कारण डायबिटीज और विटामिन B12 जैसी कमियां हो सकती हैं।”

1. डायबिटीज से नसों को नुकसान

Dr. Abhinav Gupta कहते हैं, “जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है, अगर उनका ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो शरीर की नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इस कंडीशन को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसकी शुरुआत अक्सर पैरों में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन से होती है। डायबिटीज के कई मरीजों को गर्म या ठंडी चीजों का एहसास भी कम होने लगता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को शुरुआत में हल्का दर्द रह सकता है, लेकिन अगर हाथ और पैरों में बार-बार जलन या सुन्नपन महसूस हो, तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।”

NIDDK के अनुसार, डायबिटिक न्यूरोपैथी में मरीजों को पैर के निचले हिस्से में जलन और दर्द हो सकता है। इसका कारण होता है कि नसों का बहुत लंबे समय तक डैमेज होना और कई बार डायबिटीज मरीज इस ओर ध्यान ही नहीं देते। इसलिए पैरों में झुनझनी या जलन होने पर डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

2. विटामिन B12 की कमी

Dr. Abhinav Gupta का कहना है, “विटामिन B12 शरीर में नसों के नॉर्मल फंक्शन के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट, जलन और सुन्नपन महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को कमजोरी, चलने में परेशानी या शरीर का संतुलन बनाए रखने में भी दिक्कत होती है। सबसे जरूरी है कि विटामिन B12 की कमी में हमेशा खून की कमी यानी एनीमिया के लक्षण दिखाई देना जरूरी नहीं है। इसलिए कई बार नसों से जुड़ी समस्या पहले सामने आ सकती है। अगर ये लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन सप्लीमेंट न लें।”

NIH के मुताबिक, विटामिन B 12 सप्लीमेंट के लिए बीफ लिवर, सेलमोन, दही, चीज, अंडे, पालक, केला, राजमा और दूध लिया जा सकता है।

3. नस पर दबाव पड़ना

Dr. Abhinav Gupta कहते हैं, “कभी-कभी हाथ-पैरों में जलन या झनझनाहट की वजह नस पर पड़ने वाला दबाव भी हो सकता है। कई बार काम करते हुए कार्पल टनल सिंड्रोम में कलाई की नस दबने लगती है और इससे हाथ और उंगलियों में झनझनाहट, दर्द या सुन्नपन महसूस हो सकता है। कई बार नसों के दबाव के कारण गर्दन की हड्डियों से जुड़ी समस्या या रीढ़ की डिस्क में बदलाव भी हो सकता है। अगर हाथों में कमजोरी या चलने में दिक्कत हो रही है, तो डॉक्टर से चेकअपर कराना जरूरी है।”

Burning sensation in hands and feetBurning sensation in hands and feet

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4. पेरिफेरल न्यूरोपैथी

Dr. Abhinav Gupta ने बताया कि पेरिफेरल न्यूरोपैथी में दिमाग और रीढ़ की हड्डी के बाहर मौजूद नसें प्रभावित हो सकती हैं। ये नसें शरीर के अलग-अलग हिस्सों को जानकारी देती हैं और मांसपेशियों की एक्टिविटीज में मदद करता है। पेरिफेरल न्यूोपैथी की समस्या में पैरों से शुरुआत होने वाली जलन, दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ सकता है। इसका कारण डायबिटीज के अलावा, इंफेक्शन, थायराइड या किडनी से जुड़ी बीमारियां, ऑटोइम्यून समस्याएं, शराब बहुत ज्यादा पीना और कुछ दवाएं भी हो सकती हैं।

NIH के मुताबिक, पेरिफेरल न्यूरोपैथी के कारण हाथ और पैरों में जलन और झुनझुनी महसूस हो सकती है। इसके लिए डॉक्टर कई तरह के टेस्ट जैसे अल्ट्रासाउंड, बॉडी फ्लूड टेस्ट और जेनेटिक टेस्ट करा सकते हैं।

5. ब्लड फ्लो कम होना

Dr. Abhinav Gupta के मुताबिक, कई मामलों में हाथ-पैरौं तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता और ब्लड सर्कुलेशन के कारण पैरों में दर्द, ठंडापन, सुन्नपन या भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को चलते समय पैरों में दर्द होता है, जो आराम करने पर कम हो जाता है। स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों में फैटी फ्लूड जमा होने से ब्लड फ्लो पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हाथ-पैरों में जलन होने का मतलब हमेशा ब्लड सर्कुलेशन की समस्या नहीं होती। इसके साथ अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

हाथों में जलन की समस्‍या को कैसे दूर करें?

Dr. Abhinav Gupta सलाह देते हैं कि हाथ और पैरों में लगातार जलन होने पर इसे घरेलू तरीकों से ठीक करना सही नहीं है। जलन के कारणों को जानने के बाद उसका इलाज करना जरूरी है।

  • ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहिए। अगर किसी को डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उन्हें रेगुलर चेकअप कराना चाहिए।
  • विटामिन B12 से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए।
  • रेगुलर वॉक या दूसरी हल्की-फुल्की एक्टिविटीज करके ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाया जा सकता है।
  • स्मोकिंग और शराब से परहेज रखना चाहिए। ये आदते नसों को प्रभावित कर सकती हैं।
  • वजन को कंट्रोल करके रखना चाहिए। जंक फूड और स्ट्रीट फूड से बचना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Abhinav Gupta कहते हैं कि अगर लोगों को हाथ और पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन रहता है और जलन काफी दिनों तक रहती है, तो न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह लेना महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर किसी को चलने में दिक्क्त होती है या डायबिटीज के मरीजों को ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। किसी भी तरह के घरेलू उपाय अपनाने की सलाह नहीं दी जाती है।

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निष्कर्ष
अगर अचानक पैरों या हाथों में जलन महसूस हो, तो इसका कारण नसों के दबने के कारण ब्लड सर्कुलेशन कम होने से झनझनाहट हो सकती है। इसके अलावा, विटामिन B12 और ब्लड शुगर के कारण भी हो सकती है। इसलिए समय पर लक्षणों की पहचान करके इलाज कराने से गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।

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FAQ

  • क्या यूरिक एसिड बढ़ने से भी हाथ-पैरों के तलवों में जलन हो सकती है?

    जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, तो इसके क्रिस्टल्स जोड़ों और पैरों की नसों के आसपास जमने लगते हैं। इससे गाउट की समस्या होती है, जिससे तलवों और उंगलियों में तेज जलन, दर्द और लालिमा महसूस होती है।
  • क्या प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में जलन होना सामान्य है?

    प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव, शरीर का वजन बढ़ने से पैरों पर दबाव, और शरीर में फ्लूड जमा होने के कारण पैरों की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे जलन हो सकती है।
  • क्या हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं या एंटीबायोटिक्स लेने से भी जलन की शिकायत हो सकती है?

    ब्लड प्रेशर, टीबी, लंबे समय तक पेनकिलर्स और कीमोथेरेपी की दवाएं नसों पर असर डाल सकती है। इसके साइड इफेक्ट के रूप में हाथ-पैरों में जलन हो सकती है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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