Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

शरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है? इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

शरीर में अचानक झुनझुनी नसों पर दबाव, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, विटामिन B12 की कमी, तनाव या कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण हो सकती है।

शरीर में अचानक झुनझुनी महसूस होना एक आम समस्या है। कई लोग इसे सामान्य स्थिति मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब यह हाथों, पैरों या शरीर के किसी हिस्से में कुछ सेकंड या मिनटों के लिए महसूस होती है लेकिन यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, बार-बार होने वाली झुनझुनी केवल एक साधारण समस्या नहीं होती, बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब नसों (nerves) पर दबाव पड़ता है या ब्लड सर्कुलेशन अस्थायी रूप से बाधित हो जाता है, जिससे प्रभावित हिस्से में सुई चुभने या झुनझुनी जैसा एहसास होता है।

शरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना या सोना, पैरों को मोड़कर रखना या हाथों पर दबाव डालना नसों में अस्थायी दबाव पैदा करता है, जिससे झुनझुनी महसूस होती है। इसके अलावा, शरीर में विटामिन B12 की कमी भी इसका एक प्रमुख कारण मानी जाती है। यह विटामिन नसों के सही कामकाज के लिए जरूरी होता है। डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि खराब खानपान और पोषण की कमी के कारण भी यह समस्या बढ़ सकती है। यदि झुनझुनी बार-बार हो रही हो, लंबे समय तक बनी रहे, या इसके साथ कमजोरी, चक्कर आना, बोलने में कठिनाई या चलने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: विटामिन B12 की कमी और नसों के दर्द में क्या कनेक्शन है? डॉक्टर से जानें

  • कुछ मामलों में झुनझुनी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। जैसे डायबिटीज में नसों को नुकसान (Diabetic neuropathy) होने पर हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • इसके अलावा, थायराइड असंतुलन, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या या नसों पर दबाव भी इसका कारण बन सकता है।
  • कभी-कभी स्ट्रोक या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के शुरुआती संकेतों में भी झुनझुनी शामिल हो सकती है, खासकर अगर यह शरीर के एक ही हिस्से में बार-बार हो।

इसे भी पढ़ें: क्या बच्चों में भी हो सकती है विटामिन B12 की कमी? डॉक्टर से जानें इसके कारण

sudden body tingling causes

शरीर में झनझनाहट से बचाव के उपाय

शरीर में अचानक होने वाली झनझनाहट से बचने के लिए नियमित एक्सरसाइज करना, सही पोश्चर में बैठना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहना जरूरी है। विटामिन B12 से भरपूर डाइट लेना फायदेमंद हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना भी जरूरी है। यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि सही कारण का पता लगाकर इलाज किया जा सके।

निष्कर्ष

शरीर में अचानक होने वाली झुनझुनी को हमेशा सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि यह अक्सर गलत पोश्चर या ब्लड सर्कुलेशन रुकने से होती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। यदि झुनझुनी के साथ कमजोरी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सही समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या डायबिटीज में झुनझुनी होती है?

    डायबिटीज में नसों को नुकसान होने से झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • किस विटामिन की कमी से हाथों और पैरों में झुनझुनी होती है?

    विटामिन B12 की कमी नसों को प्रभावित कर सकती है, जिसके कारण झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • B12 की कमी कितने दिन में पूरी हो जाती है?

    विटामिन B12 की कमी को पूरा होने में कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कमी कितनी है और आप किस तरीके से इलाज ले रहे।

Read Next

सिर्फ खराब डाइट ही नहीं, शरीर में लगातार सूजन रहने के पीछे हो सकते हैं ये 5 कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 01, 2026 18:53 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 01, 2026 18:53 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 01, 2026 18:53 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 01, 2026 18:53 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content