Fri Oct 9, 2026 | 12:23 AM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

शरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है? इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

शरीर में अचानक झुनझुनी नसों पर दबाव, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, विटामिन B12 की कमी, तनाव या कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण हो सकती है।
शरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है? इन बीमारियों का हो सकता है संकेतशरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है? इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

शरीर में अचानक झुनझुनी महसूस होना एक आम समस्या है। कई लोग इसे सामान्य स्थिति मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब यह हाथों, पैरों या शरीर के किसी हिस्से में कुछ सेकंड या मिनटों के लिए महसूस होती है लेकिन यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, बार-बार होने वाली झुनझुनी केवल एक साधारण समस्या नहीं होती, बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब नसों (nerves) पर दबाव पड़ता है या ब्लड सर्कुलेशन अस्थायी रूप से बाधित हो जाता है, जिससे प्रभावित हिस्से में सुई चुभने या झुनझुनी जैसा एहसास होता है।

शरीर में अचानक झुनझुनी क्यों होती है?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना या सोना, पैरों को मोड़कर रखना या हाथों पर दबाव डालना नसों में अस्थायी दबाव पैदा करता है, जिससे झुनझुनी महसूस होती है। इसके अलावा, शरीर में विटामिन B12 की कमी भी इसका एक प्रमुख कारण मानी जाती है। यह विटामिन नसों के सही कामकाज के लिए जरूरी होता है। डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि खराब खानपान और पोषण की कमी के कारण भी यह समस्या बढ़ सकती है। यदि झुनझुनी बार-बार हो रही हो, लंबे समय तक बनी रहे, या इसके साथ कमजोरी, चक्कर आना, बोलने में कठिनाई या चलने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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  • कुछ मामलों में झुनझुनी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। जैसे डायबिटीज में नसों को नुकसान (Diabetic neuropathy) होने पर हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • इसके अलावा, थायराइड असंतुलन, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या या नसों पर दबाव भी इसका कारण बन सकता है।
  • कभी-कभी स्ट्रोक या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के शुरुआती संकेतों में भी झुनझुनी शामिल हो सकती है, खासकर अगर यह शरीर के एक ही हिस्से में बार-बार हो।

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शरीर में झनझनाहट से बचाव के उपाय

शरीर में अचानक होने वाली झनझनाहट से बचने के लिए नियमित एक्सरसाइज करना, सही पोश्चर में बैठना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहना जरूरी है। विटामिन B12 से भरपूर डाइट लेना फायदेमंद हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना भी जरूरी है। यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि सही कारण का पता लगाकर इलाज किया जा सके।

निष्कर्ष

शरीर में अचानक होने वाली झुनझुनी को हमेशा सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि यह अक्सर गलत पोश्चर या ब्लड सर्कुलेशन रुकने से होती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। यदि झुनझुनी के साथ कमजोरी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सही समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।

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FAQ

  • क्या डायबिटीज में झुनझुनी होती है?

    डायबिटीज में नसों को नुकसान होने से झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • किस विटामिन की कमी से हाथों और पैरों में झुनझुनी होती है?

    विटामिन B12 की कमी नसों को प्रभावित कर सकती है, जिसके कारण झुनझुनी महसूस हो सकती है।
  • B12 की कमी कितने दिन में पूरी हो जाती है?

    विटामिन B12 की कमी को पूरा होने में कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कमी कितनी है और आप किस तरीके से इलाज ले रहे।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 01, 2026 18:53 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 01, 2026 18:53 IST

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