शरीर में सूजन (Inflammation) का कारण सिर्फ डाइट नहीं होती, बल्कि इसके पीछे खराब जीवनशैली, खराब मानसिक स्थिति, सोने-जागने की गलत आदतें और भोजन के गलत नियम भी इसकी वजह बन सकते हैं। जब शरीर में दोषों, विशेष रूप से पित्त दोष, का असंतुलन बढ़ता है, तो शरीर में गर्मी, जलन और सूजन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर इन कारणों पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो शरीर में लगातार सूजन बनी रह सकती है। आइए जानते हैं कि खराब डाइट के अलावा कौन-से वो पांच कारण हैं जो शरीर में लगातार सूजन बढ़ा सकते हैं? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
1. तनाव, गुस्सा और बढ़ता पित्त

आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़ा माना गया है। लगातार तनाव, चिंता और गुस्सा पित्त दोष को बढ़ा सकते हैं। जो लोग लगातार तनाव में रहते हैं या बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं, उनमें सूजन की समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है।
जब पित्त बढ़ता है, तो शरीर में-
- गर्मी बढ़ सकती है।
- जलन महसूस हो सकती है।
- सूजन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
Mayo Clinic के मुताबिक, क्रॉनिक सूजन के कारण टाइप 2 डायबिटीज और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी हो सकता है।
यह भी पढ़ें- क्या सिरदर्द से राहत में अजवाइन तेल फायदेमंद है? जानें आयुर्वेदाचार्य से
2. रात में देर तक जागना
आधुनिक जीवनशैली में देर रात तक मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर काम करना या पर्याप्त नींद न लेना आम बात हो गई है। आयुर्वेद के अनुसार रात में जागने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित होती है। इस वजह से-
- स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं।
- शरीर की रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
- पित्त असंतुलित हो सकता है।
- सूजन की समस्या बढ़ सकती है।
- नियमित और पर्याप्त नींद शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।
यह भी पढ़ें- मोटापा शरीर में सूजन कैसे बढ़ाता है? एक्सपर्ट से समझें
3. कम पानी पीना और ज्यादा देर धूप में रहना
गर्मी के मौसम में शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। जब व्यक्ति कम पानी पीता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और पित्त असंतुलित हो सकता है। इसके अलावा ये कारण भी हो सकते हैं-
- लंबे समय तक धूप में रहना
- खुले वातावरण में लगातार काम करना
- तेज गर्मी के संपर्क में रहना
ये सभी स्थितियां शरीर में गर्मी और सूजन को बढ़ा सकती हैं। इसलिए गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
यह भी पढ़ें- हार्ट की सूजन (कार्डिटिस): लक्षण, कारण और बचाव के उपाय जानें डॉक्टर से
4. जेनेटिक कारण
आयुर्वेद के अनुसार कुछ लोगों की प्रकृति जन्म से ही पित्त प्रधान होती है। ऐसे लोगों में शरीर की गर्मी, सेंसिटिविटी और सूजन की प्रवृत्ति ज्यादा हो सकती है। इसलिए उन्हें अपने खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
5. गलत खानपान और दूषी विष का बनना
आयुर्वेद के अनुसार जब व्यक्ति लंबे समय तक गलत समय पर भोजन करता है या ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करता है जो एक-दूसरे के साथ अनुकूल नहीं हैं, तो शरीर में दूषी विष बनने लगता है। इसका अर्थ है ऐसा विष या हानिकारक तत्व जो धीरे-धीरे शरीर को दूषित करता रहता है। जैसे-
- दूध और नमक का एक साथ सेवन
- दूध और मछली का सेवन
- बार-बार भारी भोजन करना
- भूख न होने पर भी खाना
ऐसी आदतें पाचन तंत्र पर ज्यादा डाल सकती हैं और शरीर में सूजन संबंधित समस्याओं को बढ़ावा दे सकती हैं।
निष्कर्ष:
अगर शरीर में लगातार सूजन है, तो उसका कारण स्ट्रेस, गुस्सा, बढ़ता पित्त, रात में देर तक जागना, कम पानी पीना और ज्यादा देर धूप में रहना, जेनेटिक कारण, गलत खानपान और दूषी विष बनने जैसे कारण हो सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
May 31, 2026 23:01 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 31, 2026 23:01 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma