Thu Oct 15, 2026 | 12:47 AM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन होने लगता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन नसों पर दबाव, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, विटामिन B12 की कमी या अन्य कारणों से हो सकता है। जानें इसके संभावित कारण और किन लक्षणों के होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन होने लगता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण
कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन होने लगता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

क्या कभी लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने के बाद खड़े होते ही आपके पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास हुआ है? ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि कुछ सेकंड या मिनट बाद यह अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या हर दिन महसूस हो, तो यह शरीर का एक ऐसा संकेत हो सकता है जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि यदि झुनझुनी के साथ पैरों में कमजोरी, बार-बार सुन्नपन, बैलेंस बिगड़ना या चलने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे सामान्य मानने की गलती नहीं करनी चाहिए।

कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन क्यों महसूस होता है?

डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, पैरों में झुनझुनी (Leg Tingling) तब होती है जब नसों पर दबाव पड़ता है, ब्लड सर्कुलेशन कुछ समय के लिए प्रभावित होता है या नसों के फंक्शन में बदलाव आता है। अधिकतर मामलों में यह अस्थायी होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह विटामिन की कमी, डायबिटीज या नसों से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती है।

1. नस पर दबाव पड़ना

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि कभी-कभी बैठने का तरीका ऐसा होता है कि किसी नस पर लगातार दबाव पड़ता रहता है। उदाहरण के लिए, पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना या बहुत देर तक घुटने मोड़कर बैठना, इससे नस अस्थायी रूप से दब सकती है और उठते समय झुनझुनी महसूस हो सकती है।

2. विटामिन B12 की कमी

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि विटामिन B12 नसों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है। विटामिन B12 की कमी होने पर हाथों और पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी या बैलेंस बनाने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि झुनझुनी बार-बार हो रही है, तो विटामिन B12 की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह अनुसार उचित इलाज फॉलो करें।

3. डायबिटीज से नसों को नुकसान

डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर रहने पर नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसमें पैरों में झुनझुनी, जलन, सुन्नपन या चुभन जैसी शिकायत हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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साल 2024 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पेरिफेरल न्यूरोपैथी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के पेरिफेरल नर्वस सिस्टम में खराबी आ जाती है। इसके कारण नसों का सही काम न करना मरीज को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करता है। इसके मुख्य लक्षणों में हाथ-पैरों का सुन्न पड़ना, झुनझुनी होना, जलन, लगातार दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना शामिल है। कई मामलों में मरीजों की स्किन इतनी सेंसिटिव हो जाती है कि हल्की सी छुअन या सामान्य तापमान में भी तेज दर्द होने लगता है।

Legs feel Tingle After Standing UpLegs feel Tingle After Standing Up

4. शरीर में मिनरल्स की कमी

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि डिहाइड्रेशन या पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स की कमी भी नसों और मांसपेशियों के फंक्शन को प्रभावित कर सकती है। इससे झुनझुनी, ऐंठन या मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है।

5. कुछ दवाओं और बीमारियों का असर

डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, कुछ दवाएं, हार्मोनल इंबैलेंस, किडनी डिजीज या अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियां भी पैरों में झुनझुनी का कारण बन सकती हैं। यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसका कारण जानने के लिए मेडिकल चेकअप जरूरी हो सकता है।

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पैरों में झुनझुनी से बचने के लिए क्या करें?

  • हर 30-40 मिनट बाद कुर्सी से उठकर थोड़ा टहलें।
  • लंबे समय तक पैर पर पैर चढ़ाकर न बैठें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • बैलेंस डाइट लें, जिसमें विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्व शामिल हों।
  • डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें।
  • नियमित हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें।

कब डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए?

अगर पैरों की झुनझुनी के साथ पैरों में कमजोरी या चलने में कठिनाई हो, झुनझुनी कई मिनट तक बनी रहे, कमर से पैर तक तेज दर्द हो, पेशाब या मल पर कंट्रोल में बदलाव आए या डायबिटीज के साथ पैरों में सुन्नपन बढ़ती जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

कुर्सी से उठते ही पैरों में झुनझुनी होना कई बार लंबे समय तक बैठने या नस पर दबाव के कारण सामान्य हो सकता है लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ कमजोरी, दर्द या सुन्नपन भी हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर कारण की पहचान और डॉक्टर की सलाह से गंभीर समस्याओं का पता लगाया जा सकता है और इलाज शुरू किया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी में पैरों में झुनझुनी होती है?

    प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव, वजन बढ़ना और नसों पर दबाव बढ़ने के कारण कुछ महिलाओं को यह समस्या हो सकती है।
  • क्या रोज वॉक करने से पैरों की झुनझुनी कम हो सकती है?

    यदि झुनझुनी लंबे समय तक बैठे रहने या ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी है, तो नियमित वॉक और हल्की स्ट्रेचिंग से फायदा मिल सकता है लेकिन लगातार समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 05, 2026 19:02 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh