Tue Oct 6, 2026 | 09:11 AM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

अचानक पैरों में लकवा क्यों मार सकता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

अक्सर लोग पैरों में अचानक आई कमजोरी, सुन्नपन या चलने-फिरने में परेशानी को सामान्य थकान या नस दबने की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये पैरों में लकवा होने का संकेत हो सकता है।
अचानक पैरों में लकवा क्यों मार सकता है? डॉक्टर से जानें इसके कारणअचानक पैरों में लकवा क्यों मार सकता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

हमारे शरीर में पैरों की ताकत अचानक खत्म हो जाना या एकदम से चलने-फिरने में समस्या होना एक ऐसी स्थिति है, जिसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार लोग इसे थकान, नस दबने या कुछ समय की कमजोरी समझकर घर पर आराम करने लगते हैं, लेकिन यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के मुताबिक यह लक्षण किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। यदि समय रहते इसका सही कारण पता न लगाया जाए और इलाज शुरू न किया जाए, तो यह स्थायी विकलांगता तक का कारण बन सकता है। इसलिए पैरों में अचानक लकवा या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

अचानक पैरों में लकवा क्यों मार सकता है?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, पैरों में अचानक लकवा आने का मतलब हमेशा स्ट्रोक नहीं होता। इसके पीछे मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड, नसों या मांसपेशियों से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सही कारण का पता केवल डॉक्टर की जांच और जरूरी टेस्ट के बाद ही लगाया जा सकता है। इसलिए घर पर इंतजार करने या घरेलू उपाय अपनाने की बजाय तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।

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  • डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि कई गंभीर बीमारियां अचानक पैरों की ताकत खत्म कर सकती हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण स्ट्रोक है, जिसमें मस्तिष्क तक ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है।
  • इसके अलावा स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगना, रीढ़ की नसों पर दबाव पड़ना, स्लिप डिस्क के कारण स्पाइनल कॉर्ड का दब जाना, गिलियन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome), नसों से जुड़ी बीमारियां और कुछ न्यूरोलॉजिकल विकार भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
  • शरीर में पोटैशियम की ज्यादा कमी जैसे गंभीर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी अचानक पैरों को कमजोर बना सकता है। कुछ मामलों में स्पाइनल इंफेक्शन, रीढ़ में ब्लीडिंग या अन्य इंफेक्शन भी इस समस्या की वजह बनते हैं।

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लकवा की पहचान कैसे होती है और इलाज?

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि पैरों में अचानक लकवा आने का वास्तविक कारण जानने के लिए न्यूरोलॉजिकल जांच की जाती है। इसके साथ जरूरत के अनुसार एमआरआई (MRI), सीटी स्कैन (CT Scan), ब्लड टेस्ट और अन्य जांचें कराई जाती हैं। इलाज पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या किस वजह से हुई है। यदि स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव है, तो इमरजेंसी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। वहीं गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसी स्थितियों में इम्यूनोथेरेपी और दवाओं से उपचार किया जाता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर उसे तुरंत ठीक किया जाता है, जबकि कई मरीजों को रिकवरी के लिए फिजियोथेरेपी की भी जरूरत पड़ती है।

निष्कर्ष

पैरों में अचानक लकवा या गंभीर कमजोरी कभी भी सामान्य समस्या नहीं मानी जानी चाहिए। यह शरीर का ऐसा संकेत है जो किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचना, सही जांच कराना और कारण के अनुसार तुरंत इलाज शुरू करना ही मरीज को स्थायी नुकसान और विकलांगता से बचा सकता है। इसलिए यदि पैरों की ताकत अचानक खत्म होने लगे, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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FAQ

  • पैरों में अचानक कमजोरी महसूस होने पर क्या करना चाहिए?

    ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल या इमरजेंसी विभाग में जाना चाहिए। घर पर इंतजार करना या घरेलू इलाज करना नुकसानदायक हो सकता है।
  • क्या पैरों का लकवा पूरी तरह ठीक हो सकता है?

    यदि समय पर सही कारण का पता चल जाए और तुरंत इलाज शुरू हो जाए, तो कई मरीजों में अच्छी रिकवरी संभव होती है।
  • क्या लकवा के इलाज के बाद फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है?

    कई मरीजों में दवाओं या सर्जरी के बाद मांसपेशियों की ताकत और चलने-फिरने की क्षमता वापस लाने के लिए फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन की जरूरत होती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 21:29 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 21:29 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti