Tue Sep 22, 2026 | 12:48 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

बारिश के बाद अचानक एलर्जी और छींक क्यों बढ़ जाती है? डॉक्टर से जानें कारण

बारिश के बाद कुछ लोगों में छींक, नाक बहना और एलर्जी के लक्षण बढ़ सकते हैं। यहां डॉक्टर से जानिए, नमी, फफूंद, धूल और मौसम में बदलाव का एलर्जी पर क्या असर पड़ता है।
बारिश के बाद अचानक एलर्जी और छींक क्यों बढ़ जाती है? डॉक्टर से जानें कारणबारिश के बाद अचानक एलर्जी और छींक क्यों बढ़ जाती है? डॉक्टर से जानें कारण

बारिश के बाद मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन कई लोगों के लिए यही बदलाव छींक, नाक में खुजली, गले में खराश और आंखों से पानी आने जैसी परेशानियां भी बढ़ा देता है। खासकर जिन लोगों को मौसम बदलने पर बार-बार एलर्जी होती है, उनके लिए बारिश के बाद का समय मुश्किल हो सकता है। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से हवा की क्वालिटी और उसमें मौजूद अलग-अलग कणों का असर बदल सकता है।

घर के अंदर और बाहर मौजूद कुछ ऐसे पदार्थ भी एक्टिव हो सकते हैं, जो सेंसिटिव लोगों में एलर्जी के रिएक्शन को बढ़ाते हैं। यही वजह है कि बारिश के बाद कुछ लोगों को सुबह उठते ही लगातार छींक आने लगती है, जबकि कुछ लोगों की परेशानी रात में या घर की सफाई के दौरान बढ़ जाती है।

बारिश के बाद एलर्जी क्यों बढ़ती है?

डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है जो कि धूल के कणों, फंगस जैसे एलर्जेंस के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से एलर्जी की समस्या है, उनमें नाक की अंदरूनी परत इन कणों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो सकती है। इसका असर बार-बार छींक आने, नाक बंद होने या पानी जैसा नाक बहने के रूप में दिखाई दे सकता है।

  • इसके अलावा बारिश के बाद मिट्टी और आस-पास मौजूद पेड़-पौधों से भी छोटे-छोटे कण हवा में फैल सकते हैं। जब ये कण सांस के साथ नाक में पहुंचते हैं, तो सेंसिटिव लोगों में एलर्जिक रिएक्शन शुरू हो सकता है।
  • बारिश के दौरान घर में नमी बढ़ने के कारण कई बार दीवारों, फर्नीचर या गीले कपड़ों में फंगस पनपने लगती है। फंगस के सूक्ष्म कण हवा में फैल सकते हैं और इन्हें सांस के जरिए अंदर लेने पर कुछ लोगों में एलर्जी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
  • इसी तरह लंबे समय तक नमी वाले वातावरण में रहने से डस्ट माइट्स की संख्या भी बढ़ सकती है। ये खासतौर पर गद्दे, तकिए, कालीन और पर्दों जैसी चीजों में ज्यादा पाए जाते हैं।
  • इसलिए बारिश के बाद घर की सफाई और हवा का सही आवागमन यानी वेंटिलेशन बनाए रखना जरूरी है।

क्या हर बार छींक आना एलर्जी का संकेत है?

डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि हर बार छींक आने का मतलब एलर्जी होना जरूरी नहीं है। मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी हवा, वायरल इंफेक्शन या नाक में किसी तरह की जलन के कारण भी छींक आ सकती है।
हालांकि अगर छींक बार-बार आती है, नाक में खुजली होती है, पानी जैसा बहता रहता है और धूल या मौसम बदलने पर समस्या बढ़ती है, तो यह एलर्जिक राइनाइटिस से जुड़ा हो सकता है।
एलर्जी में आमतौर पर आंखों में पानी आना, आंखों या नाक में खुजली और बार-बार छींक आने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

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साल 2013 में Osong Public Health and Research Perspectives जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, तूफान और भारी बारिश के कारण अस्थमा को छोड़कर अन्य एलर्जी, जैसे कि एलर्जिक राइनाइटिस (नाक की एलर्जी) और एटॉपिक डर्मेटाइटिस (स्किन की एलर्जी) के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है। हालांकि, अस्थमा के मरीजों की संख्या में कमी देखी गई, जिसके पीछे के सटीक कारणों को समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।

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बारिश के बाद एलर्जी से बचने के लिए क्या करें?

  • डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि बारिश के बाद घर को बहुत ज्यादा नम होने से बचाना जरूरी है।
  • गीले कपड़े घर के अंदर लंबे समय तक न रखें और जहां संभव हो, वहां धूप आने दें।
  • बिस्तर, तकिए, पर्दे और कालीन की नियमित सफाई करें। बाहर से आने के बाद चेहरे और हाथों को साफ करना भी फायदेमंद हो सकता है।
  • अगर बाहर हवा में नमी बहुत ज्यादा हो या आस-पास धूल-मिट्टी और फंगस की समस्या हो, तो अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
  • जिन लोगों को पहले से एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं या अन्य इलाज का इस्तेमाल करना चाहिए।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि अगर छींक और नाक बहने की समस्या लगातार बनी रहती है, रोजमर्रा के काम या नींद प्रभावित होती है या इसके साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या घरघराहट होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से जांच और सही कारण का पता लगाना जरूरी है।

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निष्कर्ष

बारिश के बाद बढ़ी नमी, फंगस और वातावरण में मौजूद दूसरे एलर्जेंस सेंसिटिव लोगों में छींक और एलर्जी के लक्षण बढ़ा सकते हैं। इसलिए केवल मौसम को जिम्मेदार मानने के बजाय घर की नमी, साफ-सफाई और लक्षणों के पैटर्न पर भी ध्यान देना चाहिए। बार-बार समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण और इलाज का पता लगाना बेहतर रहता है।

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FAQ

  • क्या बारिश में भीगने से एलर्जी हो सकती है?

    बारिश में भीगना अपने आप में एलर्जी का कारण नहीं माना जाता, लेकिन शरीर के तापमान और आस-पास के वातावरण में बदलाव कुछ लोगों में एलर्जी जैसे लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है।
  • सुबह छींक ज्यादा क्यों आती है?

    सुबह के समय नाक की सेंसिटिविटी, कमरे का वातावरण और रातभर जमा हुए धूल-कण कुछ लोगों में छींक को बढ़ा सकते हैं। लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
  • क्या एलर्जी की वजह से सिरदर्द हो सकता है?

    नाक बंद रहने या चेहरे के आस-पास दबाव महसूस होने के कारण कुछ लोगों को सिर में भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है। लगातार या तेज सिरदर्द का कारण अलग भी हो सकता है।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 22, 2026 11:39 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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