Tue Oct 6, 2026 | 12:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

मौसम बदलते ही छींक-छींक कर हो गए हैं परेशान? डॉक्टर से जानें एलर्जिक राइनाइटिस के घरेलू उपचार

Allergic Rhinitis Home Remedies: सुबह उठते ही अगर आप छींक-छींककर परेशान हो जाते हैं तो यह एलर्जिक राइनाइटिस हो सकता है। ऐसे में सोंठ और शहद जैसे कुछ घरेलू उपचार आपके लिए कारगर तरीके से काम करते हैं। 
मौसम बदलते ही छींक-छींक कर हो गए हैं परेशान? डॉक्टर से जानें एलर्जिक राइनाइटिस के घरेलू उपचार
मौसम बदलते ही छींक-छींक कर हो गए हैं परेशान? डॉक्टर से जानें एलर्जिक राइनाइटिस के घरेलू उपचार

Allergic Rhinitis Home Remedies: मौसम बदलते ही अक्सर कुछ लोग लगातार आने वाली छींक से परेशान हो जाते हैं। यह असल में एलर्जिक राइनाइटिस है, जो कि सुबह की हवा और आस-पास पराग के कण और फफूंद के कारण ट्रिगर हो जाती है। Dr. Koushik.N बताते हैं कि इस बीमारी में लोग परेशान करने वाले लक्षण महसूस करते हैं जैसे छींक, नाक से पानी आना, सिर दर्द और कई बार बुखार आ जाना। ऐसे में Dr. Sunil Kumar K बताते हैं कि बचाव के लिए आपको कुछ टिगर्स से दूर रहना होगा। इसके अलावा हमने इस बारे में सिरसा हरियाणा के रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा से बात की, जिन्होंने हमें कुछ घरेलू उपचार बताएं जो एलर्जी राइनाइटिस में मददगार साबित हो सकते हैं।

मौसम बदलते ही क्यों शुरू हो जाती है लगातार छींक?

Dr. Koushik.N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital, Bangaluru बताते हैं कि मौसम बदलने पर उन लोगों में एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण ज्यादा साफ तौर पर दिख सकते हैं, जिन्हें पराग, धूल के कणों, फफूंद या दूसरी एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से परेशानी होती है। इसके आम लक्षणों में छींक आना, नाक में खुजली या नाक बंद होना, नाक बहना और आंखों से पानी आना शामिल हैं।

सलाइन नेजल स्प्रे का इस्तेमाल है मददगार

Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहते हैं कि एक आसान तरीका है सलाइन नेजल इरिगेशन या सलाइन नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करना, जिससे नाक के रास्ते से एलर्जन और म्यूकस को धोने में मदद मिल सकती है। अगर नेजल इरिगेशन का इस्तेमाल किया जाता है, तो सिर्फ स्टरलाइज़्ड, डिस्टिल्ड या पहले उबाले और ठंडे किए गए पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए और उपकरण को ठीक से साफ करना चाहिए।

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एलर्जिक राइनाइटिस के घरेलू उपचार

डॉ. सुनील बताते हैं कि एलर्जिक राइनाइटिस में गर्म तरल पदार्थ लेना आराम दे सकता है तो गर्म पानी, काढ़ा और सूप पीना काफी फायदेमंद हो सकता है। यह गले में जलन को कम करने में मददगार है। दरअसल, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से नाक से निकलने वाले स्राव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

अदरक का सेवन है फायदेमंद

BMC Complementary Medicine and Therapies जर्नल में प्रकाशित यह शोध बताती है कि अदरक का अर्क (Ginger extract) एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षणों को कम करने और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में लोराटाडाइन (Loratadine) दवा जितना ही प्रभावी है। यह छींक आना, नाक बहना, और नाक बंद होना जैसे लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

सिरसा हरियाणा के रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि एलर्जिक राइनाइटिस के लिए आप अपनी रसोई में रखे कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे-

  • काली मिर्च को हनी यानी शहद में मिक्स करके ले सकते हैं जो कि जलन कम करने के साथ एलर्जन से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ा सकता है।
  • सोंठ को शहद में मिक्स करके ले सकते हैं।
  • मग यानी पिपली को शहद में मिक्स करके ले सकते हैं।

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ध्यान रखें कि जिन लोगों के शरीर की तासीर ज्यादा गर्म है वह सोंठ का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसकी बहुत ज्यादा ठंडी वह काली मिर्च और पिपली का इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त प्रकृति वाले लोग सोंठ को सहद में मिलाकर ले सकते हैं और जो पित्त प्रकृति के नहीं है, वह काली मिर्च और पिपली को शहद में मिलाकर ले सकते हैं। इसके अलावा एक और अच्छा तरीका है, श्यामा तुलसी यानी काली तुलसी है उसको हम कूट के उसके पत्तों को, उसको भी हनी में मिक्स करके ले सकते हैं। इसके अलावा बहेड़े का छिलका भी कूट के इन तमाम चीजों में मिलाकर ले सकते हैं।

एलर्जिक राइनाइटिस से कैसे करें अपना बचाव?

डॉ. कौशिक कहते हैं कि बेडरूम को अपेक्षाकृत कम धूल-मुक्त रखना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा

  • बिस्तर की चादरें नियमित रूप से धोएं
  • धूल जमा करने वाले अनावश्यक मुलायम फर्नीचर कम करें और नमी या दिखाई देने वाली फफूंद को दूर करें।
  • जब बाहरी एलर्जी कारक अधिक हों, तो उचित समय पर खिड़कियां बंद रखने से एलर्जी के संपर्क में आने का जोखिम कम हो सकता है।

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निष्कर्ष:

डॉ. सुनील बताते हैं कि लगातार लक्षण बने रहने पर केवल घरेलू उपचारों पर निर्भर न रहना महत्वपूर्ण है। लक्षणों की गंभीरता और पैटर्न के आधार पर डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन या इंट्रानेजल कॉर्टिकोस्टेरॉइड स्प्रे की सलाह दे सकते हैं। नाक बंद होने की समस्या के लिए इस्तेमाल होने वाले स्प्रे का लगातार उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक उपयोग से बंद नाक की समस्या दोबारा हो सकती है। अगर लक्षण गंभीर हैं, बार-बार होते हैं या नींद में बाधा डालते हैं, तो डॉक्टर से जांच कराने से एलर्जी के कारणों का पता लगाने और उचित उपचार निर्धारित करने में मदद मिल सकती है।

FAQ

  • एलर्जिक राइनाइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए?

    एलर्जिक राइनाइटिस में आपको बलगम बढ़ाने वाले फूड्स के सेवन से बचना चहिए। इसके अलावा आपको ठंडी चीजों को खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह कफ की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
  • एलर्जी कम करने के लिए क्या खाएं?

    एलर्जी कम करने के लिए गुनगुना पानी पिएं। गर्म पानी का भाप लें और ओमेगा-3 से भरपूर चीजों का सेवन करें।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 06, 2026 11:05 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma