Thu Oct 1, 2026 | 07:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

एलर्जी राइनाइटिस क्या नींद को भी प्रभावित करती है? डॉक्टर से जानें कारण

एलर्जी राइनाइटिस की समस्या में आपका नेसल पैसेज प्रभावित जाता है जिससे सोने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में आपको एक्सपर्ट के बताए इन टिप्स को फॉलो करना चाहिए जो कि इस स्थिति में मददगार साबित हो सकते हैं।
एलर्जी राइनाइटिस क्या नींद को भी प्रभावित करती है? डॉक्टर से जानें कारणएलर्जी राइनाइटिस क्या नींद को भी प्रभावित करती है? डॉक्टर से जानें कारण

एलर्जी राइनाइटिस की समस्या मौसम बदलते ही बहुत ज्यादा परेशान करती है। Dr. Koushik.N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital, Bangalore बताते हैं कि ये असल में मौसम बदलने पर हवा में घूम रहे पराग के कणों की वजह से हो सकता है और एक बार जब ये समस्या ट्रिगर कर जाती है तो छींक-छींक कर हालत खराब हो जाती है। यहां तक कि आपकी नींद भी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangalore ने भी विस्तार से बताया कि एलर्जी राइनाइटिस कैसे आपकी नींद को प्रभावित कर सकती है।

एलर्जी राइनाइटिस क्या नींद को भी प्रभावित करती है?

Dr. Koushik.N कहते हैं कि हां, एलर्जिक राइनाइटिस नींद में काफी खलल (Causes of Sleep Disturbance) डाल सकता है, खासकर तब जब रात में नाक बंद होने की समस्या बढ़ जाती है। आगे Dr. Sunil Kumar K बताते हैं कि नाक बंद होने से लेटकर आराम से सांस लेना मुश्किल हो सकता है, जिससे बार-बार नींद खुल सकती है, नींद बेचैन हो सकती है या सोने में परेशानी हो सकती है।

नाक में सूजन और सांस लेने में कठिनाई का संबंध

डॉ. सुनील कहते हैं कि एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित लोगों को छींक आना, खुजली, नाक बहना और नाक से पानी टपकना (Symptoms of Allergic Rhinitis) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ये लक्षण तब और भी कष्टदायक हो सकते हैं जब बेडरूम में धूल के कण, फफूंद या पालतू जानवरों से होने वाली एलर्जी पैदा करने वाले तत्व मौजूद हों। लगातार नाक बंद रहने से मुंह से सांस लेना, मुंह सूखना और गले में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इससे कोशिश करने के बाद भी आपकी नींद बार-बार प्रभावित होती है।

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अनियंत्रित एलर्जिक राइनाइटिस के कारण नींद की कमी से होने वाले नुकसान

आगे डॉ. कौशिक कहते हैं कि अनियंत्रित एलर्जिक राइनाइटिस के कारण नींद की कमी से दिन के समय

  • एकाग्रता से जुड़ी समस्या महसूस होती हैं और काम में मन नहीं लगता है।
  • दिनभर एनर्जी लो रहती है
  • मनोदशा और उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।

यहां तक कि रात के समय लक्षणों को ठीक से नियंत्रित न कर पाने पर बच्चों को भी ध्यान केंद्रित करने या दिन के कामकाज में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा बच्चे बहुत ज्यादा चिड़चिड़े हो सकते हैं।

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एलर्जी राइनाइटिस के मरीजों के लिए बेहतर नींद के उपाय

डॉ. सुनील कहते हैं कि इसलिए, नींद की समस्या को सहन करने की कोशिश करने के बजाय, राइनाइटिस के मूल कारण का प्रबंधन करना अधिक उपयोगी है। जैसे

  • बेडरूम में एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों को कम करना जिसके लिए बिस्तर की चादरें नियमित रूप से धोएं।
  • नमी को नियंत्रित करें और कमरे में दिन के समय थोड़ा धूप आने दें।
  • खारे पानी से नाक साफ करें।
  • नमक के पानी का भाप लें। ये कुछ लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है क्योंकि इस नेलस पैसेज को राहत मिलती है और सांस लेने में आसानी होती है।
  • गंभीरता के आधार पर, डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन या इंट्रानेजल कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स लेने की सलाह दे सकते हैं।

साल 2004 में प्रकाशित Journal of Allergy and Clinical Immunology के अनुसार एलर्जिक राइनाइटिस और नींद की समस्या के बीच संबंध है। इस शोध का मुख्य निष्कर्ष यह है कि नाक बंद होने से नींद बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे दिन भर थकान रहती है और काम या पढ़ाई में क्षमता घट जाती है। इसी शोध में बताया गया है कि एलर्जिक राइनाइटिस (AR) के इलाज के लिए ऐसी दवाओं का उपयोग करना चाहिए जो नाक की रुकावट को ठीक करें, लेकिन जिनसे सुस्ती (sedation) न आए। मोंटेलुकास्ट (Montelukast) जैसी दवाएं नाक का बंद होना कम करती हैं, नींद में सुधार लाती हैं और दिन की थकान को दूर करती हैं।

निष्कर्ष:

अंत में डॉक्टर का सुझाव है कि एलर्जिक राइनाइटिस के कारण अगर आपकी नींद बहुत ज्यादा प्रभावित हो रही है तो डॉक्टर से बात करें और दवा लें। साथ ही डॉक्टर का सुझाव है कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से जोर से खर्राटे लेता है, हांफते हुए या घुटते हुए जागता है, सांस लेने में रुकावट महसूस करता है या पर्याप्त नींद लेने के बावजूद अत्यधिक नींद में रहता है, तो उसे एलर्जिक राइनाइटिस को एकमात्र कारण मानकर ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया की जांच करानी चाहिए। लगातार रात में नाक बंद रहना गंभीर समस्या है, क्योंकि एलर्जिक राइनाइटिस का प्रभावी उपचार करने से नाक संबंधी लक्षणों और नींद की गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकता है।

FAQ

  • एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण क्या है? 

    एलर्जिक राइनाइटिस में लगातार छींक आने के साथ थकान, सिरदर्द, और बार-बार मुंह में बलगम आने की समस्या हो सकती है।
  • एलर्जिक राइनाइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए?

    एलर्जिक राइनाइटिस में ठंडी चीजों से परहेज करें। इसके अलावा तले-भुने और जंक फूड को खाने से बचें। साथ ही फर्मेंटेड फूड्स से भी दूरी बनाएं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 01, 2026 18:23 IST

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