सुबह के समय लगातार छींक आना एक बहुत ही आम, लेकिन परेशान करने वाला समस्या है। यह समस्या न सिर्फ सुबह के सुकून को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे दिन की शुरुआत को भी असहज बना सकती है। सुबह बिस्तर से उठते ही कई लोगों को अचानक छींकें आने लगती हैं, जिसके साथ अक्सर नाक बहना, नाक बंद होना या आंखों में जलन जैसी दिक्कतें भी होने लगती हैं। ऐसे में आइए इस लेख में Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से जानते हैं कि सुबह के समय छींकें आने के पीछे क्या कारण हैं?
सुबह उठते ही छींक आने का कारण
Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि सुबह उठते ही लगातार छींक आना कई लोगों के लिए एक आम समस्या है। कुछ लोगों को बिस्तर से उठते ही कई बार छींक आती है, जबकि कुछ को इस समस्या के साथ नाक बहने, नाक बंद होने या आंखों में खुजली की समस्या होने की परेशानी भी होने लगती है। सुबह उठने के बाद छींक आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
- एलर्जिक राइनाइटिस- शरीर का इम्यून सिस्टम धूल, परागकण या अन्य एलर्जेंस के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है, जिससे छींकें आने लगती हैं।
- डस्ट माइट्स का असर- रातभर बिस्तर पर रहने के दौरान तकिए, चादर और गद्दे में मौजूद धूल के कणों के संपर्क में आने से सुबह के समय एलर्जी के लक्षण बढ़ जाते हैं।
- अन्य एलर्जेंस- पालतू जानवरों के बालों या स्किन के कण और कमरे में जमा धूल भी सुबह की छींकों का कारण बनते हैं।
- वातावरण में बदलाव- ठंडी हवा और तापमान में अचानक होने वाले बदलाव के कारण भी सुबह के समय नाक की संवेदनशीलता काफी बढ़ जाती है, जिससे छींक आने की समस्या बढ़ जाती है।
साल 2025 में Frontiers in Neuroscience में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, छींक आने के मुख्य कारणों में धूल के कण, जानवरों का डैंड्रफ और पराग कण जैसे एलर्जेंस शामिल हैं, जो हिस्टामाइन के जरिए एलर्जिक राइनाइटिस और सूजन पैदा करते हैं।
सुबह छींक आने के अन्य कारण
Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि रातभर बिस्तर पर रहने के दौरान तकिए, चादर और गद्दे में मौजूद डस्ट माइट्स यानी धूल के कणों के संपर्क में आने से सुबह के समय लक्षण बढ़ जाते हैं, जिससे बार-बार छींक आने की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा, पालतू जानवरों के बालों या स्किन के कण, कमरे में जमा धूल, ठंडी हवा और तापमान में अचानक बदलाव भी छींक आने का कारण बन सकते हैं। कुछ लोगों में सुबह के समय नाक की सेंसिटिविटी ज्यादा महसूस होती है, जिससे उठते समय छींकें आना शुरू हो जाती हैं।
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एलर्जी के लक्षण
Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, सुबह के समय छींक आने के साथ अगर नाक में खुजली, नाक से पानी बहना और आंखों से पानी आने की समस्या होती है तो यह एलर्जी या इंफेक्शन का संकेत हो सकती है। हालांकि, सिर्फ छींक आने के आधार पर एलर्जी का पता नहीं लगाया जा सकता है। वायरल इंफेक्शन और नाक से जुड़ी अन्य समस्याएं भी इसके पीछे का कारण हो सकती हैं।
बचाव के उपाय और डॉक्टर से कब सलाह लें?
Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि सुबह के समय छींकें आने की समस्या बार-बार होने से अगर आप परेशान हैं तो बचाव के लिए आप इन टिप्स को फॉलो करें-
- बिस्तर की चादर और तकिए के कवर को नियमित रूप से धोएं
- कमरे में धूल जमा होने से बचाएं और अच्छी तरह साफ-सफाई करें
- एलर्जेंस से बचने की कोशिश करें
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर सुबह उठते ही लगातार छींक आने की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है या इसके कारण आपके रोजाना की रूटीन और कामकाज पर बुरा असर पड़ने लगता है तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर छींकों के साथ-साथ सांस लेने में गंभीर समस्या, सीने में जकड़न या लगातार तेज सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हों तो तुरंत किसी ईएनटी स्पेशलिस्ट या एलर्जिस्ट से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है।
निष्कर्ष
सुबह के समय लगातार छींक आने की समस्या एलर्जी या वातावरण में बदलाव जैसे कारणों से जुड़े हो सकते हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं और समस्या गंभीर महसूस होने पर बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
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FAQ
ज्यादा छींक आने से क्या दिक्कत होती है?
बहुत ज्यादा छींक आने से थकान, सिरदर्द, नाक और आंख से पानी बहना, इंफेक्शन फैलना और शारीरिक दबाव से परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।ज्यादा छींक आने पर क्या खाना चाहिए?
ज्यादा छींक आने या एलर्जी की समस्या में शरीर को राहत दिलाने के लिए आप अदरक, गुड़, शहद, हल्दी वाला दूध या काढ़ा पी सकते हैं।
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Oct 10, 2026 22:19 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj
