फास्टिंग यानी उपवास या व्रत के दौरान खान-पान का खास ध्यान रखना पाचन क्रिया के लिए बहुत जरूरी है। व्रत के दौरान खान-पान में कई तरह के बदलाव होने के कारण कब्ज की समस्या हो सकती है। खासकर नवरात्रि के व्रत के दौरान लोग 9 दिनों तक उपवास रखते हैं और सिर्फ फलाहार पर और व्रत के खान-पान पर ही निर्भर रहते हैं। उपवास के दौरान भोजन की मात्रा कम होने, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने और फाइबर की कमी के कारण पाचन क्रिया प्रभावित होती है, जो कब्ज का कारण बन सकता है। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से विस्तार से जानते हैं कि व्रत के दौरान कब्ज की समस्या क्यों होती है?
फास्टिंग के दौरान कब्ज के कारण
साल 2024 में Journal of Nutrition and Food Security में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, उपवास के दौरान सही डाइट न लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है। इसका कारण खान-पान में फाइबर की कमी है, जो पाचन तंत्र की सूक्ष्मजीवी गतिविधियों को बनाए रखने और आंतों की स्वाभाविक गतिशीलता में सुधार करने के लिए जरूरी होते हैं।
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, व्रत के दौरान खान-पान में बदलाव के कारण अक्सर लोगों में कब्ज की समस्या होने लगती है, जिसके कारण मल त्याग में परेशानी, पेट में भारीपन, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। फास्टिंग के दौरान कब्ज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं-
1. पानी की कमी
उपवास के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे बड़ी आंत मल से ज्यादा पानी अवशोषित कर लेती है और मल सख्त हो जाता है। इसके कारण मल त्याग करना काफी मुश्किल हो सकता है।
2. फाइबर का कम सेवन
आम दिनों की तुलना में व्रत के दौरान लोग अक्सर फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों का सेवन कम कर देते हैं। व्रत में साबूदाना, आलू या तली हुई चीजों का सेवन बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है। इससे मल त्याग की नियमितता प्रभावित होती है।
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3. रूटीन में बदलाव
खाना खाने के समय में बदलाव से शरीर की नेचुरल पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक भूखे रहने और अनियमित समय पर भोजन करने से कुछ लोगों को कब्ज की समस्या होती है।
4. शारीरिक गतिविधि में कमी
उपवास रखने के दौरान अक्सर लोग थकान और कमजोरी से बचने के लिए शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। नियमित गतिविधि की कमी से आंतों की गति धीमी पड़ सकती है।
5. ज्यादा तला-भुना भोजन करना
व्रत में पकौड़े, चिप्स और अन्य तली हुई चीजें ज्यादा खाने से डाइट में फाइबर कम और फैट ज्यादा हो सकता है, जिससे पाचन से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है।
व्रत में कब्ज से राहत पाने के घरेलू उपाय
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, फास्टिंग के दौरान कब्ज से राहत पाने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं-
- पर्याप्त पानी पिएं- व्रत के दौरान दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। व्रत खोलने के बाद भी पानी पीते रहें।
- भीगे हुए मुनक्के या किशमिश खाएं- व्रत के नियमों के अनुसार भीगी हुई किशमिश या मुनक्का खाने से फाइबर शरीर में मिलता है, जो मल त्याग में मदद कर सकता है।
- पपीता या नाशपाती खाएं- इन फलों में फाइबर और पानी होता है, जो मल को नरम रखने और आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
- गुनगुना पानी पिएं- उपवास खोलने के बाद गुनगुना पानी पीना शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करने का आसान तरीका है। हालांकि, इसका कब्ज पर सीधा असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता है।
- हल्की सैर करें- भोजन के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की सैर करना पाचन और आंतों की गतिविधि को बढ़ावा दे सकती है।
- मल त्याग की इच्छा न रोकें- जब भी शौच जाने की इच्छा हो तो उसे टालने से बचें। नियमित समय पर शौचालय जाने की आदत भी मददगार हो सकती है।
Constipation-During-Vrat
फास्टिंग के दौरान पाचन को बेहतर रखने के लिए डाइट टिप्स
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि व्रत में सही फूड्स चुनना कब्ज से बचने का सबसे जरूरी तरीका है। इसके लिए आप-
- सेब, नाशपाती, पपीता और अन्य फाइबर से भरपूर फलों का सेवन करें। फलों को जूस की जगह साबुत करना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें फाइबर बना रहता है।
- लौकी, कद्दू और अन्य व्रत में खाने वाली सब्जियां भोजन में शामिल करें। इन्हें कम तेल में पकाएं, ताकि भोजन हल्का और पचने में आसान रहे।
- साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च से भरपूर होता है और इसमें फाइबर बहुत कम होता है। इसलिए, इसे फल, सब्जियों, दही या अन्य पौष्टिक फूड्स के साथ खाएं।
- व्रत के दौरान या इसे खोलते समय एक साथ बहुत ज्यादा, हैवी और ऑयली फूड्स खाने के बजाय थोड़ी मात्रा में भोजन करें। धीरे-धीरे खाएं और शरीर की भूख के संकेतों पर ध्यान दें।
- ज्यादा चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों में पेट की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए, इन्हें सीमित मात्रा में पिएं या पीने से बचने की कोशिश करें।
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किन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि कभी-कभी कब्ज सामान्य खान-पान में बदलाव के कारण होती है और सही डाइट लेने से ठीक हो जाती है। हालांकि, कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
- कब्ज कई दिनों तक बनी रहे या घरेलू उपायों से राहत न मिले।
- मल त्याग के दौरान बार-बार दर्द हो या मल में खून दिखाई दे।
- पेट में लगातार दर्द, असामान्य सूजन या बार-बार उल्टी होना।
- बिना किसी साफ कारण के वजन कम होने लगे।
- कब्ज के साथ गैस और मल दोनों बिल्कुल न निकलना।
निष्कर्ष
व्रत के दौरान कब्ज होना आम समस्या है, लेकिन सही खान-पान और रूटीन से इससे बचा जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां खाना, हल्की शारीरिक गतिविधियां करना और तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित रखने से पाचन बेहतर रहता है और कब्ज से राहत मिल सकती है।
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FAQ
रात में ऐसा क्या खाएं जिससे सुबह पेट साफ हो जाए?
सुबह पेट पूरी तरह साफ करने के लिए और कब्ज से राहत पाने के लिए रात में सोने से पहले ईसबगोल और दूध, अजवाइन और गुड़ या पपीता का सेवन करना चाहिए।कब्ज में दूध पीना चाहिए कि नहीं?
कब्ज की समस्या होने पर नॉर्मल दूध का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें फाइबर नहीं होता है और कुछ लोगों में यह पाचन को धीमा कर सकता है।
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Oct 10, 2026 21:04 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
