बच्चों में कब्ज एक आम समस्या है, लेकिन हर बच्चे में इसके होने का कारण अलग हो सकता है। कब्ज होने पर बच्चा सामान्य से कम बार मल त्याग कर सकता है या मल बहुत सख्त और सूखा हो सकता है। कई बार बच्चे को मल त्याग करते समय दर्द या परेशानी होती है और इसी कारण वह टॉयलेट जाने से बचने की कोशिश करने लगता है, जिसके कारण कब्ज की समस्या और बढ़ सकती है। Dr. Gopal Aggarwal, Director - Department of Pediatrics and Neonatology at Cloudnine Group of Hospitals, Gurgaon का कहना है कि बच्चों में कब्ज की समस्या को समझने के लिए उनका मल कितना सख्त हो रहा है या मल त्याग के दौरान दर्द और असुविधा हो रही है या नहीं इस बारे में भी जानना बहुत जरूरी है।
बच्चों में कब्ज के कारण
Dr. Gopal Aggarwal ने बताया कि बच्चों में कब्ज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें खान-पान और टॉयलेट की आदतों से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
World Journal of Clinical Pediatrics के अनुसार, बच्चों में कब्ज का मुख्य कारण मल रोकना है, जो अक्सर दर्द भरे मल त्याग के डर या गलत टॉयलेट ट्रेनिंग के कारण शुरू होता है। इसके अलावा, फाइबर की कमी, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन और शारीरिक गतिविधियों में कमी भी कब्ज के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
1. डाइट में फाइबर की कमी
अगर बच्चे के खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य फाइबर से भरपूर फूड्स कम हैं तो कब्ज की समस्या हो सकती है। फाइबर मल को मुलायम बनाने और पेट की गति को बेहतर रखने में मदद करता है।
2. पर्याप्त पानी न पीना
बच्चों के शरीर में पानी की कमी होने पर मल ज्यादा सूखा और सख्त हो सकता है। इसलिए, बच्चे की उम्र और जरूरत के हिसाब से पानी पीना और समय-समय पर लिक्विड डाइट देना जरूरी है।
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3. टॉयलेट रोकने की आदत
कई बच्चे खेलते समय या स्कूल में टॉयलेट जाने से बचते हैं। बार-बार मल रोकने से मल आंत में ज्यादा समय तक रहता है और धीरे-धीरे सख्त हो सकता है, जो कब्ज का कारण बनता है।
4. टॉयलेट ट्रेनिंग का प्रेशर
टॉयलेट ट्रेनिंग के दौरान बच्चे पर ज्यादा दबाव डालने या डांटने से वह टॉयलेट जाने से डर सकता है। इससे मल रोकने की आदत बढ़ सकती है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
5. रूटीन में बदलाव
ट्रैवल, स्कूल शुरू होना, खान-पान में बदलाव या रोजाना के रूटीन में बदलाव करने से कुछ बच्चों में कब्ज की समस्या हो सकती है।
बच्चों में कब्ज के लक्षण
Dr. Gopal Aggarwal का कहना है कि बच्चों में कब्ज की पहचान सिर्फ कम पेट साफ होना या मल न होना नहीं होता है, बल्कि इसके अन्य कई संकेत भी हो सकते हैं, जैसे-
- मल बहुत ज्यादा सख्त या सूखा होना
- मल त्याग करते समय दर्द महसूस होना
- टॉयलेट जाने से बचना या मल रोकना
- पेट में बहुत ज्यादा दर्द या भारीपन महसूस होना
- ब्लोटिंग की समस्या होना
- मल त्याग करने में बहुत जोर लगाना
- नॉर्मल से कम बार मल त्याग करना
- मल त्याग के बाद भी पेट साफ न होना
- छोटे बच्चों में चिड़चिड़ापन या बेचैनी
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बच्चे को कब्ज होने पर क्या करें?
Dr. Gopal Aggarwal के अनुसार, अगर बच्चे को हल्की कब्ज की समस्या है और वह आसानी से खा-पी रहा है तथा एक्टिव है, तो उसकी रूटीन और खान-पान पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
1. भरपूर मात्रा में पानी पिलाना
बच्चे को उसकी उम्र और जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए दें। छोटे बच्चों और शिशुओं को उम्र के अनुसार दिनभर में कितना पानी देना चाहिए, इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
2. फाइबर से भरपूर फूड्स खिलाएं
बच्चे के भोजन में धीरे-धीरे फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करें। फाइबर की मात्रा बच्चों के खाने में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर होता है। इसलिए, आप इन फूड्स को शामिल कर सकते हैं-
- ताजे फल
- मौसमी सब्जियां
- साबुत अनाज
- फाइबर से भरपूर फूड्स
3. टॉयलेट की नियमित आदत बनाएं
बच्चे को नियमित समय पर, खासकर खाना खाने के बाद, आराम से टॉयलेट पर बैठने की आदत डाली जा सकती है। बच्चे को जल्दबाजी न कराएं और मल त्याग के लिए जोर लगाने को मजबूर न करें। टॉयलेट ट्रेनिंग के दौरान बच्चे पर प्रेशर डालने से बचें।
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4. बच्चे को एक्टिव रखें
शारीरिक गतिविधियां करने से गट हेल्थ को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। बच्चे को उसकी उम्र के अनुसार, खेलने, चलने और एक्टिव रहने के लिए प्रोत्साहित करें। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने या स्क्रीन देखने के बजाय दिन में कुछ समय शारीरिक गतिविधियां करने के लिए प्रेरित करें।
5. कब्ज में खुद से दवा न दें
बच्चे को कब्ज की दवा खुद से देने से बचें। कुछ बच्चों को डॉक्टर की सलाह पर ही दवा देनी चाहिए, क्योंकि सही दवा और उसकी मात्रा बच्चे की उम्र, वजन और कब्ज के कारण पर निर्भर करती है। अगर कब्ज बार-बार हो रहा है और लंबे समय से बना हुआ है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।
कब्ज में मदद करने वाले फूड्स
Dr. Gopal Aggarwal के मुताबिक कब्ज की समस्या में बच्चों को आप ये फूड्स खिला सकते हैं-
- प्रून्स
- आलूबुखारा
- नाशपाती
- मटर
- पपीता
- सेब
- मल्टीग्रेन अनाज
- रागी
- जौ
कब डॉक्टर को तुरंत दिखाएं?
कब्ज की समस्या के साथ बच्चों में नजर आने वाले कुछ लक्षण गंभीर समस्या की ओर संकेत कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द मेडिकल जांच करवानी जरूरी है, खासकर अगर बच्चे को-
- तेज या लगातार पेट में दर्द होना
- बार-बार उल्टी होना
- पेट बहुत ज्यादा फूल रहा हो
- मल में ज्यादा खून आना
- बच्चा बहुत सुस्त या कमजोर दिखाई दे
- खाने-पीने में कमी आना
- वजन कम हो रहा हो
- कब्ज लंबे समय से बनी हुई हो या बार-बार हो
निष्कर्ष
बच्चों में कब्ज की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, लेकिन हर बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी नहीं होती है। कब्ज की समस्या होने पर बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं, संतुलित और फाइबर से भरपूर फूड्स दें, नियमित टॉयलेट रूटीन बनवाएं और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। ध्यान रखें बच्चे को मल रोकने के लिए मजबूर न करें, क्योंकि इससे उन्हें इसकी आदत पड़ सकती है, जो धीरे-धीरे कब्ज का कारण बन सकता है।
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FAQ
बच्चे को कब्ज में क्या खिलाना चाहिए?
कब्ज से पीड़ित बच्चे को फाइबर से भरपूर डाइट और पर्याप्त मात्रा में पानी देना चाहिए, ताकि पाचन बेहतर रहे और कब्ज की समस्या से राहत मिले।बच्चे में कब्ज होने पर क्या नहीं खिलाना चाहिए?
बच्चे को कब्ज होने पर मैदा, फास्ट फूड और ज्यादा मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट देने से बचना चाहिए।
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Sep 20, 2026 17:03 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Agrawal
