Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dt Payal Dutt , Sr. Dietitian – Clinical Nutrition & Therapeutic Diet Planning

शरीर में फाइबर की कमी के हो सकते हैं ये 5 संकेत, समय रहते पहचानना है बेहद जरूरी

बार-बार कब्ज, पेट फूलना या जल्दी भूख लगना फाइबर की कमी के संकेत हो सकते हैं। यहां जानिए, शरीर में फाइबर की कमी के लक्षण और इसे पूरा करने के आसान तरीके क्या हैं?

आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग स्वाद के कारण ऐसी चीजों का सेवन ज्यादा करने लगे हैं जिनमें फाइबर की मात्रा कम होती है। मैदा से बने फूड्स, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन शरीर में फाइबर की कमी का कारण बन सकता है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फाइबर की कमी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं और कई बार लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। बार-बार कब्ज होना, पेट फूलना, जल्दी भूख लगना, वजन बढ़ना या खाने के बाद ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना शरीर में कम फाइबर सेवन के संकेत हो सकते हैं।

शरीर में फाइबर की कमी के संकेत

डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं, ''फाइबर आंतों के फंक्शन को बेहतर बनाता है और डाइजेशन प्रोसेस को सुचारू रखने में मदद करता है। घुलनशील फाइबर ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, जबकि अघुलनशील फाइबर मल को नरम बनाकर कब्ज से राहत दिलाने में सहायक होता है।''

1. बार-बार कब्ज

डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फाइबर की कमी का सबसे आम संकेत कब्ज है। जब डाइट में फाइबर कम होता है, तो मल सख्त हो सकता है और उसे बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। अगर आपको अक्सर कब्ज, पेट साफ न होने या लंबे समय तक टॉयलेट में बैठने की समस्या होती है, तो यह शरीर में फाइबर की कमी का संकेत हो सकता है।

2. जल्दी-जल्दी भूख लगना

फाइबर युक्त भोजन धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। वहीं, कम फाइबर वाले भोजन जल्दी पच जाते हैं और कुछ समय बाद फिर से भूख लग सकती है। डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं कि बार-बार स्नैक खाने की इच्छा होना भी कम फाइबर सेवन का संकेत हो सकता है।

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3. ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव

डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फाइबर भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की स्पीड को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है। अगर डाइट में फाइबर की मात्रा कम है, तो खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। खासकर डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए पर्याप्त फाइबर लेना जरूरी होता है।

4. वजन बढ़ना

डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं कि फाइबर की कमी के कारण बार-बार भूख लग सकती है और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन कर सकता है। फाइबर युक्त भोजन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

5. पेट फूलना और पाचन की दिक्कत

डाइटीशियन पायल दत्त का कहना है कि पेट फूलना कई कारणों से हो सकता है, लेकिन असंतुलित डाइट और कम फाइबर के सेवन से भी पाचन प्रभावित हो सकता है। फाइबर आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जो हेल्दी डाइजेशन के लिए जरूरी होते हैं।

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डाइट में फाइबर कैसे बढ़ाएं?

डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फाइबर बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे अपनी डाइट में बदलाव करें। अचानक ज्यादा फाइबर लेने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, सलाद, साबुत अनाज, ओट्स और मेवे शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि फाइबर पानी के साथ बेहतर तरीके से काम करता है।

Signs Not Eating Enough Fiber

Harvard School of Public Health के The Nutrition Source journal में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, फलों, सब्जियों, साबुत अनाजों, दालों, मेवों और बीजों से भरपूर खान-पान अपनाकर प्रतिदिन 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत को आसानी से पूरा किया जा सकता है। जूस की जगह पूरे फल खाना, सफेद चावल और मैदे की जगह ब्राउन राइस या जौ-बाजरा जैसे मोटे अनाज चुनना और स्नैक्स में चिप्स के बजाय मेवे या कच्ची सब्जियां लेना ऐसे छोटे लेकिन असरदार बदलाव हैं। इसके अलावा, अपने रोजमर्रा के भोजन जैसे दलिया, सूप या सब्जी में अलसी और चिया सीड्स मिलाकर भी फाइबर की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

निष्कर्ष

फाइबर शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसकी कमी पाचन, वजन और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती है। कब्ज, जल्दी भूख लगना, पेट संबंधी परेशानी और वजन कंट्रोल करने में दिक्कत जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, बैलेंस डाइट में पर्याप्त मात्रा में फाइबर शामिल करके शरीर को हेल्दी रखा जा सकता है। डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर होता है।

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FAQ

  • एक दिन में कितनी मात्रा में फाइबर लेना चाहिए?

    फाइबर की जरूरत उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर वयस्कों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां और साबुत अनाज से फाइबर लेना चाहिए।
  • क्या ज्यादा फाइबर खाने से भी नुकसान हो सकता है?

    अचानक बहुत ज्यादा फाइबर लेने से गैस, पेट फूलना या पेट में असहजता हो सकती है। इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 23, 2026 18:06 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dt Payal Dutt

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