Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Ms Veena V , Clinical Dietician

क्या ज्यादा फल खाने से बढ़ सकता है ब्लड शुगर? एक्सपर्ट से जानें कितना फल खाना है सुरक्षित

फल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, लेकिन  जरूरत से ज्यादा खाने पर ब्लड शुगर बढ़ सकता है खासकर अगर आप किसी तरह की मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे हैं। यहां जानिए, किन फलों की मात्रा कंट्रोल रखनी चाहिए।

फलों में मौजूद विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि शरीर को हेल्दी रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और कई बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट रोजाना अपनी डाइट में मौसमी और ताजे फलों को शामिल करने की सलाह देते हैं। एस्टर व्हाइटफील्ड, बेंगलुरु के क्लिनिकल न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स विभाग की चीफ क्लिनिकल डाइटीशियन और HOD वीणा वी. के अनुसार, फल हेल्दी होते हैं, लेकिन इनमें नेचुरल शुगर यानी फ्रुक्टोज मौजूद होती है। इसलिए फलों का सेवन करते समय मात्रा और समय का ध्यान रखना जरूरी है। खासतौर पर डायबिटीज, प्रीडायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस से जूझ रहे लोगों को यह समझना चाहिए कि कौन-से फल उनके लिए बेहतर हैं और कितनी मात्रा में खाने चाहिए।

क्या ज्यादा फल खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है?

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, किसी भी चीज की ज्यादा मात्रा शरीर पर असर डाल सकती है और यही बात फलों पर भी लागू होती है। यदि एक समय में बहुत ज्यादा मात्रा में फल खाए जाएं, तो उनमें मौजूद नेचुरल शुगर ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फल नुकसानदायक हैं। सही मात्रा में और पूरे फल के रूप में खाए गए फल ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद होते हैं। इसलिए पोर्शन कंट्रोल यानी मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

डाइटीशियन वीणा वी. बताती हैं, ''फल केवल नेचुरल शुगर का सोर्स नहीं हैं, बल्कि इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने, डाइजेशन को बेहतर रखने और कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में फल खाने से हार्ट हेल्थ, स्किन और संपूर्ण स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता है। इसलिए केवल शुगर की वजह से फलों को अपनी डाइट से हटाना सही डिसीजन नहीं माना जाता।''

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क्या पूरा फल जूस से बेहतर है?

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, पूरे फल खाने और उनका जूस पीने में बड़ा अंतर होता है। फलों में मौजूद फाइबर नेचुरल शुगर के अवशोषण की स्पीड को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती है लेकिन जब फल का जूस बनाया जाता है, तो उसमें मौजूद फाइबर कम हो जाता है। इसके कारण शरीर शुगर को तेजी से अवशोषित करता है और ब्लड शुगर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह ड्राई फ्रूट्स में भी पोषक होते हैं, लेकिन उनमें नेचुरल शुगर की मात्रा ज्यादा डेंस होती है, इसलिए उनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

डायबिटीज के मरीज फल कैसे खाएं?

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, डायबिटीज या प्रीडायबिटीज से पीड़ित लोगों को फलों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। वे संतुलित मात्रा में पूरे फल खा सकते हैं। बेहतर होगा कि फल को अकेले बहुत ज्यादा मात्रा में खाने के बजाय उसे प्रोटीन या हेल्दी फैट के साथ शामिल किया जाए। फल के साथ मुट्ठीभर नट्स या बिना चीनी वाला दही लिया जा सकता है, इससे ब्लड शुगर में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

can fruits increase blood sugar

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डायबिटीज में कौन से फल खाने चाहिए?

साल 2025 में Harvard Health Publishing में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए फल खाना बिल्कुल मना नहीं है। वास्तव में, फल फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। बस ध्यान यह रखना है कि सही फल और सही मात्रा का चुनाव किया जाए। कम चीनी और ज्यादा फाइबर वाले फल जैसे बेरीज स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, कीवी, संतरा और मौसमी डायबिटीज में सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी बेरीज और खट्टे फलों को डाइट में शामिल करने की खास सलाह देता है। फाइबर खून में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। इसलिए सही मात्रा में ताजे फल जरूर खाएं।

डाइटीशियन की सलाह

डाइटीशियन वीणा वी. का कहना है कि ब्लड शुगर केवल किसी एक फूड से कंट्रोल या प्रभावित नहीं होती। नियमित फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी वजन बनाए रखना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव को कंट्रोल करना और बैलेंस डाइट अपनाना भी उतना ही जरूरी है।

निष्कर्ष

फलों को केवल उनमें मौजूद नेचुरल शुगर की वजह से नुकसानदायक मानना सही नहीं है। सही मात्रा में, पूरे फल के रूप में और बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाकर खाए गए फल ज्यादातर लोगों, यहां तक कि डायबिटीज या प्रीडायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, फलों से दूरी बनाने के बजाय सही पोर्शन, सही विकल्प और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल रखने का ज्यादा असरदार तरीका है। यदि किसी व्यक्ति को खास मेडिकल कंडीशन है, तो फल खाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या फलों का जूस ब्लड शुगर बढ़ाता है?

    फलों के जूस में फाइबर कम होता है, जिससे शुगर जल्दी अवशोषित हो सकती है। इसलिए साबुत फल खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है।
  • फल खाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

    फल सुबह या दिन के समय खाना बेहतर माना जाता है। इन्हें खाली पेट या भोजन के बीच सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 22, 2026 19:07 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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