Fri Sep 18, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

कब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए? डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स, जल्द मिलेगी राहत

कब्ज की समस्या में आप फल, हरी सब्जियां और दाल जैसी फाइबर युक्त अलग-अलग चीजों को शामिल कर सकते हैं। इस लेख में जानें, सही विकल्प क्या हैं और उनसे आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं।
कब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए? डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स, जल्द मिलेगी राहतकब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए? डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स, जल्द मिलेगी राहत

कब्ज की समस्या किसी को भी हो सकती है। आमतौर पर फाइबर की कमी के कारण कब्ज होता है। यही कारण है कि अक्सर एक्सपर्ट यह सलाह देते हैं कि डाइट में फाइबर जैसी चीजों को शामिल करके आप इससे राहत पा सकते हैं। हालांकि, इसके बावजूद लोगों में यह कंफ्यूजन रहती है कि उन्हें किस-किस तरह की चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए। अगर आप भी जानना चाहते हैं, तो इस लेख को पूरा पढ़ें। इस बारे में Delhi स्थित Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की।

कब्ज की समस्या में क्या खाएं?

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1. खाएं फल

अगर आप कब्ज से अक्सर परेशान रहते हैं, तो डाइट में फलों को जरूर शामिल करें। इसमें सेब, कीवी, नाशपाती, आलूबुखार जैसे फल शामिल होते हैं। इनमें न सिर्फ पर्याप्त मात्रा में पानी पाया जाता है, बल्कि ज्यादातर फल फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं। U.S. Department of Agriculture के अनुसार, एक मिडियम साइज के सेब में 4.8 ग्राम फाइबर होता है। 

विशेषज्ञ बताते हैं कि फलों का सेवन करने से मल त्याग प्रक्रिया आसान हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे कब्ज की समस्या से राहत मिलने लगती है।

2. अंजीर है फायदेमंद

कब्ज से राहत पाना चाहते हैं, तो आप अपनी रेगुलर डाइट में अंजीर भी शामिल कर सकते हैं। साल 2019 में EXPLORE में प्रकाशित एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है कि कब्ज की समस्या में अंजीर बहुत फायदेमंद है। यही नहीं, ब्लोटिंग और पेट में गैस बनने जैसी पेट से जुड़ी समस्या में भी अंजीर को लाभकारी माना जाता है।

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3. खट्टे फल

आमतौर पर हम खट्टे फलों को विटामिन सी से जोड़कर देखते हैं, जो कि इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए अधिक प्रचलित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक संतरे यानी लगभग 154 ग्राम में लगभग 3.7 ग्राम फाइबर होता है। और एक ग्रेपफ्रूट यानी 308 ग्राम में लगभग 5 ग्राम फाइबर मिलता है। बहरहाल, खट्टे फलों के छिलकों में पेक्टिन (Pectin- एक प्रकार का घुलनशील फाइबर) और नारिंगेनिन (Naringenin-एक शक्तिशाली फ्लेवोनॉइड) नाम का तत्व होता है, जो कब्ज को कम करने में मदद कर सकता है।

4. हरी सब्जियां

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कहने की जरूरत नहीं है कि हरी सब्जियां, जैसे पालक, ब्रोकली, स्प्राउट आदि फाइबर का बहुत अच्छा स्रोत होते हैं। कब्ज के मरीजों को खास सलाह दी जाती है कि वे अपनी डाइट में हरी सब्जियां जरूर शामिल करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि हरी सब्जियों का सेवन करने से बाउल मूवमेंट में सुधार होता है और मल त्याग प्रक्रिया भी सहज हो जाती है।

5. दाल का सेवन करें

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कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए आप कई तरह की दालों को भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। दाल में डाइट्री फाइबर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह पेट को साफ करने और मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बेहतर पाचन के लिए आप मूंग और मसूर जैसी दालों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।

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6. लाभकारी चिया सीड्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि चिया सीड्स में सबसे ज्यादा फाइबर पाया जाता है। चिया सीड्स के वजन का लगभग 28 फीसदी हिस्सा सिर्फ फाइबर का होता है। बहरहाल, कब्ज से परेशान लोग चिया सीड्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर अपनी समस्या से राहत पा सकते हैं। हालांकि, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि चिया सीड्स को कैसे खाया जाए? 

विशेषज्ञ बताते हैं कि एक से दो बड़े चम्मच चिया सीड्स को एक बड़े गिलास पानी में आधे घंटे के लिए भिगो लें। भीगने पर चिया सीड्स जेल जैसे नजर आते हैं। अच्छी तरह भीगने के बाद चिया सीड्स का सेवन करें। धीरे-धीरे कब्ज की समस्या कम हो जाएगी।

7. ओट्स का सेवन करें

ओट्स एक पौष्टिक अनाज है, जो सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। फाइबर का अच्छा स्रोत होने के कारण कब्ज की समस्या में इसका सेवन किया जाता है। आप चाहें, तो नाश्ते में इसे जगह दे सकते हैं। इससे पेट आसानी से साफ होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जो लोग एक हफ्ते में महज तीन बार शौच के लिए जाते हैं, वे सही मायनों में कब्ज की समस्या से परेशान हैं। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो समस्या धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। इसे मैनेज करने के लिए ओट्स खाना फायदेमंद है।

एक्सपर्ट की राय

लंबे समय तक कब्ज की समस्या बने रहना सही नहीं है। इससे राहत के लिए आप डाइट में कई तरह की चीजों को शामिल करते हैं, जिनका जिक्र हमने इस लेख में ऊपर किया है। ये सभी खाने की चीजें फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। हां, अगर डाइट में बदलाव करने के बावजूद कब्ज से राहत न मिले, तो बेहतर है कि आप डॉक्टर से मिलें। कई बार जीवनशैली से जुड़े बदलाव भी कब्ज से राहत के लिए आवश्यक होते हैं।

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, फाइबर को सही तरीके से काम करने में मदद के लिए आपको पर्याप्त पानी भी पीना चाहिए। असल में, पानी सहित अन्य तरल पदार्थ पीने से आपका मल नरम होगा और पेट आसानी से साफ हो जाएगा। तरल पदार्थ में मीठे फलों और सब्जियों के जूस या पतला सूप शामिल कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

कब्ज कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता है। कब्ज का मतलब है कि आप एक हफ्ते में महज 3 बार शौच के लिए जाते हैं। ऐसे में पेट में गैस, ब्लोटिंग और पेट से जुड़ी कई अन्य समस्याएं बनी रहती हैं। इनसे राहत के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में फाइबर युक्त चीजों को शामिल करें।

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FAQ

  • क्या ईसबगोल को रात में दूध के साथ लेने से पुराना कब्ज ठीक हो सकता है?

    हां, ईसबगोल को रात में दूध के साथ पीना काफी फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट बताते हैं, ईसबगोल एक बल्क-फॉर्मिंग लैक्सेटिव है, जो आंतों में पानी को सोखकर मल को नरम और भारी बनाता है। इसे लेने से बाउल मूवमेंट नियमित करने में मदद मिलती है।
  • क्या अधिक मात्रा में फाइबर खाने से पेट में गैस और ऐंठन बढ़ सकती है?

    अगर आप अचानक अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ाते हैं, तो आंतों के बैक्टीरिया उसका फर्मेंटेशन करके अत्यधिक गैस और ब्लोटिंग पैदा कर सकते हैं। ऐसे में ऐंठन भी हो सकती है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 18, 2026 16:55 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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