Fri Sep 18, 2026 | 04:00 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

ग्रीक योगर्ट और दही में क्या अंतर है और कौन-सा है बेहतर? जानें डाइट एक्सपर्ट से

ग्रीक योगर्ट को ज्यादा हेल्दी मानकर लोग आजकल डाइट में शामिल करने लगे हैं, लेकिन देसी दही भी कम फायदेमंद नहीं है। जानते हैं इन दोनों के बीच अंतर क्या है?

अगर आप ज्यादा प्रोटीन का सेवन करना चाहते हैं तो आपको योगर्ट खाना चाहिए। दरअसल, Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं आजकल लोग सामान्य दही की तुलना योगर्ट को ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि ये ज्यादा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर है। इसके अलावा जो लोग बॉडी बिल्डिंग कर रहे हैं या अपनी फिटनेस को लेकर ज्यादा सतर्क हैं उनके लिए योगर्ट एक बेहतर ऑप्शन है। हालांकि, जानने वाली बात ये है कि क्या दही का सेवन योगर्ट की तुलना कम फायदेमंद है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

ग्रीक योगर्ट और रेगुलर दही में क्या फर्क है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ग्रीक योगर्ट और रेगुलर दही, दोनों ही फर्मेंटेड दूध से बनते हैं और इनमें प्रोटीन, कैल्शियम और दूसरे फायदेमंद न्यूट्रिएंट्स होते हैं। ग्रीक योगर्ट को ज्यादा अच्छी तरह से छाना जाता है, जिससे उसका कुछ लिक्विड वे (whey) निकल जाता है और वह ज्यादा गाढ़ा और क्रीमी हो जाता है। साथ ही, इसमें आमतौर पर हर सर्विंग में ज्यादा प्रोटीन होता है।

रेगुलर दही का टेक्सचर आमतौर पर ज्यादा मुलायम और पतला होता है और प्रोडक्ट के आधार पर इसमें ज्यादा कार्बोहाइड्रेट हो सकता है तो आसान शब्दों में समझें तो ग्रीक योगर्ट में प्रोटीन ज्यादा होता है और दही में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है।

ग्रीक योगर्ट        दही
योगर्ट में है ज्यादा प्रोटीन        कम प्रोटीन वाला
वेट लॉस में मददगार   वेट बैलेंस रखने के लिए खा सकते हैं
दिल के लिए फायदेमंद    पेट के लिए फायदेमंद 
लो कैलोरी से भरपूर   हाई कैलोरी वाला

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difference between Greek yogurt and curd 1 (13)

किन लोगों के लिए फायदेमंद है ग्रीक योगर्ट?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ग्रीक योगर्ट उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो ज्यादा प्रोटीन वाला नाश्ता या स्नैक चाहते हैं, क्योंकि इसमें ज्यादा प्रोटीन होने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और मसल्स को बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा

  • -फिटनेस और जिम जाने वाले लोगों के लिए दही की तुलना योगर्ट ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। इसके हर 6-औंस सर्विंग में 15–20 ग्राम प्रोटीन होता है, जो वर्कआउट के बाद मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।
  • -वजन घटाने वाले लोगों को ग्रीक योगर्ट खाना चाहिए। इसमें प्रोटीन ज्यादा होता है जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, क्रेविंग कंट्रोल होती है और वेट लॉस में मदद मिलती है।
  • -65 साल के ऊपर की आयु वाले लोगों को दही की जगह योगर्ट खाना चाहिए। यह कैल्शियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन देता है जो हड्डियों की डेंसिटी बनाए रखने, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करने में मदद करते हैं।
  • -लैक्टोज सेंसिटिविटी वाले लोगों को योगर्ट खाना चाहिए क्योंकि छानने की प्रक्रिया में ज्यादातर लिक्विड व्हे (whey) और नैचुरल शुगर यानी लैक्टोज निकल जाती है।
  • -पाचन से जुड़ी समस्या वाले लोगों को योगर्ट खाना चाहिए। योगर्ट दही की तुलना में पेट के लिए ज्यादा हल्का और पचाने में आसान होता है। साथ ही इनमें प्रोबायोटिक कल्चर होते हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं।
  • - हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए योगर्ट का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। British Heart Association के अनुसार योगर्ट लो-फैट दही है जिसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है, जो आपका कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।

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किन लोगों को खानी चाहिए दही?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि अलग-अलग ब्रांड के दही में न्यूट्रिशन की मात्रा काफी अलग-अलग हो सकती है, चाहे दही प्लेन हो या फ्लेवर्ड और चाहे वह होल मिल्क, लो-फैट मिल्क या स्किम्ड मिल्क से बना हो।रेगुलर दही भी एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है और इसमें भी जरूरी न्यूट्रिएंट्स की अच्छी-खासी मात्रा मिल सकती है जैसे

  • -जिन लोगों के शरीर की गर्मी बढ़ी हुई है या जिन्हें पित्त की समस्या है उन्हें दही खाना चाहिए। दही, पेट की अंदरूनी परत को आराम देते हैं, पेट की गड़बड़ी को ठीक करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं।
  • - हड्डियों और नसों की सेहत के लिए कैल्शियम और B-विटामिन से भरपूर दही का सेवन बहुत फायदेमंद है।
  • -कम कैलोरी का सेवन करना चाह रहे हैं तब भी आप दही खा सकते हैं।

क्या है ज्यादा बेहतर विकल्प?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि कौन सा दही बेहतर है ये तय करना आसान नहीं है। ये व्यक्ति की खान-पान की जरूरतों, स्वाद, सहनशीलता और बाकी खाने पर निर्भर करता है, न कि इस बात पर कि कोई एक तरह का दही हर किसी के लिए अपने आप ज्यादा हेल्दी होगा।

निष्कर्ष:

ज्यादातर लोगों के लिए, बिना चीनी वाला प्लेन दही एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें ज्यादा चीनी नहीं होती। ग्रीक या रेगुलर दही को फल, नट्स, बीज, ओट्स या दूसरी पौष्टिक चीजों के साथ मिलाकर एक बैलेंस्ड मील बनाया जा सकता है। जिन लोगों को लैक्टोज से परेशानी है या जिन्हें दूध से एलर्जी है, उन्हें कोई दूसरा सही विकल्प चुनना चाहिए। प्रोडक्ट्स की तुलना करते समय, सिर्फ पैकेज पर लिखे नाम या हेल्थ से जुड़े दावों पर भरोसा करने के बजाय, न्यूट्रिशन लेबल पर प्रोटीन, एडेड शुगर, कैलोरी, फैट और सर्विंग साइज की जानकारी देखना फायदेमंद होता है।

FAQ

  • दही या योगर्ट, दोनों में से कौन सा पाचन के लिए अधिक लाभकारी है?

    योगर्ट को अक्सर दही की तुलना में पेट के लिए हल्का और पचाने में आसान माना जाता है, खासकर क्योंकि छानने की प्रक्रिया में लैक्टोज कम हो जाता है और इसमें प्रोबायोटिक कल्चर होते हैं जो पाचन में सुधार करते हैं।
  • लैक्टोज सेंसिटिविटी वाले लोग दही या योगर्ट में से किसका सेवन कर सकते हैं?

    लैक्टोज सेंसिटिविटी वाले लोगों के लिए ग्रीक योगर्ट बेहतर हो सकता है क्योंकि इसे छानने की प्रक्रिया में अधिकांश लैक्टोज निकल जाता है, जिससे यह पचाने में आसान होता है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 18, 2026 14:02 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

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