Tue Oct 6, 2026 | 03:17 AM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

हेल्‍दी-ग्‍लोइंग त्‍वचा चाह‍िए? डाइट में शाम‍िल करें दही, म‍िलेंगे ये 5 फायदे

क्‍या आप भी ग्‍लोइंग, हेल्‍दी और एक्‍ने फ्री त्‍वचा चाहते हैं? इसके ल‍िए महंगे पार्लर ट्रीटमेंट्स करवाने के बजाय डाइट में एक कटोरी दही को शाम‍िल करें। दही में प्रोबायोट‍िक्‍स और ऐसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो त्‍वचा की सेहत को बेहतर बना सकते हैं। जानते हैं त्‍वचा के ल‍िए दही खाने के फायदे।
हेल्‍दी-ग्‍लोइंग त्‍वचा चाह‍िए? डाइट में शाम‍िल करें दही, म‍िलेंगे ये 5 फायदेहेल्‍दी-ग्‍लोइंग त्‍वचा चाह‍िए? डाइट में शाम‍िल करें दही, म‍िलेंगे ये 5 फायदे

मेरी दादी हर द‍िन दही का सेवन करती थीं। उनका मानना था क‍ि दही एक ऐसी चीज है जि‍से डाइट में जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। एक्‍सपर्ट्स की मानें, तो दादी का कहना गलत नहीं था। दही में प्रोबायोट‍िक्‍स, एंटीऑक्‍सीडेंट्स, व‍िटाम‍िन बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स, कैल्‍श‍ियम, प्रोटीन जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। जो लोग दही को डाइट में शाम‍िल करते हैं उनका न स‍िर्फ पाचन बेहतर होता है बल्‍क‍ि त्‍वचा भी साफ, चमकदार और हेल्‍दी नजर आती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, दही में गुड बैक्‍टीर‍िया मौजूद होते हैं ज‍िससे शरीर में हान‍िकारक तत्‍वों का उत्‍पादन कम होता है। इससे आंतों की सेहत सुधरती है और त्‍वचा की ड्राईनेस में भी सुधार नजर आता है। दही में प्रोबायोट‍िक्‍स होते हैं ज‍िससे आंतों की सेहत बेहतर होती है और लंबे समय में इसका अच्‍छा असर त्‍वचा पर पड़ता है। इस लेख में जानते हैं त्‍वचा के ल‍िए दही खाने के फायदे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. पाचन बेहतर होता है और त्‍वचा में शाइन बढ़ती है- Curd Adds Shine To Skin

खराब पाचन के ल‍िए स्‍क‍िन की समस्‍याएं हो सकती हैं। पाचन खराब होने से त्‍वचा में दाग-धब्‍बे और मुंहासे जैसी समस्‍याएं हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए पाचन तंत्र को मजबूत करना जरूरी है। पाचन को मजबूत करने के ल‍िए डाइट में दही को शाम‍िल करें। दही में प्रोबायोट‍िक्स मौजूद होता है जो गुड बैक्‍टीर‍िया की संख्‍या को बढ़ाकर पाचन को बेहतर बनाता है।

यह भी पढ़ें- क्या वाकई दही खाने से वात दोष बढ़ता है? जानें किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए

2. ड्राई स्‍क‍िन की समस्‍या दूर होती है- It Helps To Get Rid Of Dry Skin

दही में पानी और हेल्‍दी फैट्स की मात्रा कम होती है। इससे त्‍वचा को अंदर से नमी म‍िलती है। दही का न‍ियम‍ित सेवन करने से त्‍वचा मुलायम और स्‍मूद बनती है। अगर शरीर में पानी की कमी रहेगी, तो त्‍वचा में ड्राईनेस नजर आ सकती है।

3. प‍िंपल्‍स से राहत म‍िलती है- It Cures Pimples

dahi-khane-ke-faydedahi-khane-ke-fayde

दही में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं ज‍िससे त्‍वचा में सूजन को दूर करने में मदद म‍िलती है। दही का सेवन करने से शरीर के टॉक्‍स‍िन्‍स बाहर न‍िकल जाते हैं और एक्‍ने कम होते हैं। अगर ऑयली स्‍क‍िन या एक्‍ने-प्रोन स्‍क‍िन है, तो दही का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है।

यह भी पढ़ें- शादी के बाद सृष्टि कांडपाल की स्किन हो गई थी डल, निखार पाने के लिए चावल, दही और विटामिन ई का किया इस्तेमाल

4. एक्‍ने के कारण आई सूजन दूर होती है- It Cures Acne Inflammation

दही में लैक्‍ट‍िक एस‍िड मौजूद होता है जो त्‍वचा की कोश‍िकाओं को र‍िपेयर करता है। दही से डेड स्‍क‍िन सेल्‍स को हटाने में मदद म‍िलती है। दही का सेवन करने से एक्‍ने से आई सूजन भी ठीक हो जाती है। साथ ही दही को डाइट में शाम‍िल करने से त्‍वचा फ्रेश और ब्राइट नजर आती है।

5. फ्री रेड‍िकल्‍स से हुआ डैमेज कम होता है- It Reduces Free Radical Damage

दही में व‍िटाम‍ि‍न्‍स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो फ्री रेड‍िकल्‍स से होने वाले नुकसान को कम करते हैं। इससे झुर्र‍ियां, फाइन लाइन्‍स और एज‍िंग के लक्षण भी कम होते हैं। हालांक‍ि एज‍िंग साइन्‍स को कम करने के ल‍िए हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है लेक‍िन दही का सेवन फायदेमंद माना जाता है।

हेल्‍दी स्‍क‍िन के ल‍िए दही खाने का सही तरीका क्‍या है?- How To Consume Curd For Healthy Skin

  • सुबह या दोपहर के भोजन के साथ दही का सेवन कर सकते हैं।
  • दही को फल, ओट्स और सलाद के साथ खाना फायदेमंद माना जाता है।
  • बहुत ज्‍यादा मीठा या फ्लेवर वाला दही खाने से बचना चाह‍िए।
  • रोज लगभग एक कटोरी दही का सेवन कर सकते हैं।
  • सर्दि‍यों में रात के समय दही खाने से बचें क्‍योंक‍ि इसकी तासीर ठंडी होती है।

न‍िष्‍कर्ष:

दही का सेवन करने से फ्री रेड‍िकल्‍स से हुआ डैमेज कम होता है, एक्‍ने और एक्‍ने से आई सूजन कम होती है, ड्राई स्‍क‍िन की समस्‍या दूर होती है, त्‍वचा मुलायम बनती है और त्‍वचा में शाइन बढ़ती है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

FAQ

  • दही खाने के क्‍या फायदे हैं?

    दही का सेवन करने से हड्ड‍ियों को मजबूती म‍िलती है, शरीर को ठंडक म‍िलती है, इम्‍यून‍िटी मजबूत होती है और पाचन की सेहत बेहतर होती है। दही का न‍ियम‍ित सेवन करने से वजन कंट्रोल होता है, शरीर को एनर्जी म‍िलती है और त्‍वचा हेल्‍दी रहती है। 
  • दही खाने का सही समय क्‍या है?

    सुबह नाश्‍ते के साथ या दोपहर के भोजन के साथ दही का सेवन फायदेमंद होता है। इस दौरान दही आसानी से पच जाता है। रात को दही खाने से सर्दी-जुकाम, कफ या पाचन की समस्‍या हो सकती है।
  • चेहरे पर दही लगाने के क्‍या फायदे हैं?

    चेहरे पर दही को लगाने से त्‍वचा को नमी म‍िलती है और टैन‍िंग दूर होती है। न‍ियम‍ित रूप से दही को चेहरे पर लगाएंगे तो त्‍वचा स्‍मूद और फ्रेश नजर आएगी। दही में मौजूद लैक्‍ट‍िक एस‍िड से त्‍वचा के डेड स्‍क‍ि‍न सेल्‍स को हटाने में मदद म‍िलती है।

Read Next

→ बच्चों की डाइट में फाइबर और प्रोटीन का सही संतुलन कैसे बनाएं? एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 29, 2026 17:14 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 29, 2026 17:14 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha