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प्रोटीन पाउडर या प्रोटीन वाले फूड्स: मसल्स बनाने के लिए ज्यादा बेहतर क्या है? एक्सपर्ट से जानें

मांसपेशियां बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर और नेचुरल सोर्स में से क्या बेहतर है, यह एक आम सवाल है। प्रोटीन पाउडर आपकी सेहत को तुरंत फायदा पहुंचाता है, वहीं नेचुरल सोर्स लंबे समय तक आपके लिए फायदेमंद होता है। 

वर्तमान समय में फिटनेस और मांसपेशियों को बनाने में लोगों का फोकस काफी ज्यादा बढ़ गया है। खासकर जिम जाने वाले लोगों में, खेलकूद से जुड़े लोग और हेल्दी बॉडी पाने वाले लोगों में प्रोटीन का सेवन काफी ज्यादा देखने को मिलता है। इतना ही नहीं, इन लोगों के मन में अक्सर यह सवाल भी रहता है कि मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर या नेचुरल सोर्स क्या बेहतर होता है। दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि मांसपेशियों को बनाने के लिए प्रोटीन के नेचुरल सोर्स काफी नहीं होते हैं और सप्लीमेंट्स लेने ही पड़ते हैं। लेकिन, क्या वाकई में मसल्स गेन के लिए प्रोटीन पाउडर लेना जरूरी है या इसके नेचुरल सोर्स भी काफी होते हैं? आइए इस लेख में हम दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं इसके बारे में:

मसल्स के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के लिए मुख्य पोषक तत्व है। जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो मांसपेशियों में सूक्ष्म टूट-फूट होती हैं। प्रोटीन का सेवन उन्हें दोबारा बनाने और मजबूत करने का काम करता है। इसलिए, मसल्स गेन करने के लिए किसी भी व्यक्ति के लिए प्रोटीन जरूरी पोषक तत्व होता है।

प्रोटीन पाउडर क्या है?

प्रोटीन पाउडर एक सप्लीमेंट है, जिसका सेवन दूध, मट्ठा, सोया, मटर या चावल जैसे सोर्स से तैयार किया जाता है। इसे अक्सर पानी या दूध में मिलाकर पिया जाता है। जिम जाकर मसल्स गेन करने वाले और बॉडी बनाने वाले लोग अक्सर प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। मार्केट में कई तरह के प्रोटीन पाउडर मिलते हैं, जैसे व्हे प्रोटीन, कैसिइन प्रोटीन, सोया प्रोटीन, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन आदि। यह प्रोटीन पाउडर जल्दी पचने वाले होते हैं और आसानी से पानी या आसानी से मिलने वाला प्रोटीन सोर्स माना जाता है।

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प्रोटीन पाउडर के फायदे

प्रोटीन पाउडर के सेवन के कई फायदे हो सकते हैं, जैसे:

  • जल्दी और आसानी से प्रोटीन की कमी पूरी होती है
  • वर्कआउट के बाद तुरंत लेना फायदेमंद और सुविधाजनक
  • कैलोरी को कंट्रोल करना आसान
  • बिजी लाइफस्टाइल वालों के लिए काफी उपयोगी

प्रोटीन पाउडर ज्यादा लेने के नुकसान

प्रोटीन पाउडर का सेवन आपके शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने में मदद कर सकता है। हालांकि, ज्यादा सेवन से किडनी और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। सभी पाउडर शुद्ध नहीं होते हैं, कुछ में मिलावट भी होती है। इसलिए, लंबे समय तक सप्लीमेंट पर निर्भर रहना सही नहीं। इसके साथ ही इसे ज्यादा लेने से आपके शरीर में नेचुरल पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसलिए, बिना डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।

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प्रोटीन के नेचुरल सोर्स

प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए नेचुरल फूड्स का सेवन न सिर्फ आपके शरीर को प्रोटीन नहीं देता है, बल्कि विटामिन, मिनरल और फाइबर भी देता है। इसलिए आप प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए इन नेचुरल सोर्स का सेवन कर सकते हैं, जिसमें:

  • अंडे
  • सोया और टोफू
  • मूंगफली, बादाम, बीज
  • दालें, चना, राजमा
  • दूध, दही, पनीर

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प्रोटीन के नेचुरल सोर्स के फायदे

प्रोटीन के नेचुरल सोर्स लेने से आपको ये फायदे मिल सकते हैं:

  • संतुलित और सुरक्षित पोषण देता है
  • लंबे समय तक स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाता है
  • पाचन तंत्र के लिए बेहतर माना जाता है
  • साइड इफेक्ट की संभावना कम होती है
  • आसानी से मिल जाता है

प्रोटीन पाउडर या नेचुरल सोर्स: मांसपेशियों के लिए क्या चुनें?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, मांसपेशियों को बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर या नेचुरल सोर्स में से क्या बेहतर है इस बारे में अक्सर लोग जानने की कोशिश करते हैं। बता दें कि इस सवाल का जवाब व्यक्ति की उम्र, लक्ष्य, लाइफस्टाइल और हेल्थ पर निर्भर करता है। नॉर्मल फिटनेस और शुरुआती लोगों के लिए प्रोटीन का नेचुरल सोर्स लेना सही होता है। वहीं, रेगुलर जिम जाने वाले और एथलीट्स के लिए नेचुरल सोर्स के साथ-साथ सीमित मात्रा में प्रोटीन पाउडर लेना भी सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है। किसी भी व्यक्ति के लिए सिर्फ प्रोटीन पाउडर पर निर्भर रहना सही नहीं है। आप दोनों को संतुलित मात्रा में ले सकते हैं।

प्रोटीन लेने की सही मात्रा और समय क्या है?

शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए जरूरी है की आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन करें। शरीर के प्रति किलो वजन के हिसाब से 1 से 1.5 ग्राम प्रोटीन हमारे शरीर के लिए पर्याप्त होता है। वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बहुत जरूरी होता है।  

निष्कर्ष

मांसपेशियां बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर और नेचुरल फूड्स दोनों के अपने अलग-अलग फायदे और सीमाएं हैं। अगर सही तरीके से प्रोटीन पाउडर या नेचुरल सोर्स लिया जाए तो सबसे सुरक्षित और स्थायी विकल्प माना जाता है। प्रोटीन पाउडर सिर्फ एक सप्लीमेंट होता है, फूड का विकल्प नहीं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • सबसे ज्यादा प्रोटीन वाला खाना कौन सा है?

    सबसे ज्यादा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों में सोयाबीन, पनीर, दालें, अंडे, मछली और चिकन होता है। सोयाबीन में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है।
  • प्रोटीन की कमी से शरीर में क्या होता है?

    शरीर में प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों का कमजोर होना, थकान, बाल झड़ना, कमजोर इम्यून सिस्टम, सूजन, बच्चों का विकास रुकना और भूख बढ़ना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं, क्योंकि प्रोटीन शरीर के टिशू के निर्माण, रिपेयर, एंजाइम और हार्मोन बनाने के लिए बहुत जरूरी होते हैं।
  • सुबह-सुबह प्रोटीन में क्या खाना चाहिए?

    सुबह-सुबह हाई प्रोटीन नाश्ता शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है और मांसपेशियों को भी रिपेयर करने के लिए जरूरी होता है। इसलिए, आप सुबह नाश्ते में अंडे, पनीर, मूंग स्प्राउट्स, दही, सोयाबीन आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 31, 2026 19:10 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 31, 2026 19:10 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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