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Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

चिकन या अंडा - प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर? जानिए दोनों में कौन देता है ज्यादा न्यूट्रिशन

चिकन और अंडा दोनों प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स हैं। चिकन में प्रति 100 ग्राम ज्यादा प्रोटीन होता है, जबकि अंडा एक किफायती विकल्प है। फिटनेस और मसल्स बनाने वाले लोगों के लिए दोनों के फायदे अलग-अलग हो सकते हैं।
चिकन या अंडा - प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर? जानिए दोनों में कौन देता है ज्यादा न्यूट्रिशनचिकन या अंडा - प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर? जानिए दोनों में कौन देता है ज्यादा न्यूट्रिशन

मसल्स बिल्डिंग, वजन घटाने और शरीर की रिकवरी के लिए लोग अपनी डाइट में हाई-प्रोटीन फूड्स को शामिल करते हैं। ऐसे में चिकन और अंडा दो ऐसे नॉन-वेज विकल्प हैं, जिन्हें दुनिया भर में सबसे अच्छे प्रोटीन सोर्स में गिना जाता है लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि प्रोटीन के लिए चिकन बेहतर है या अंडा? दोनों ही फूड्स में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है। हालांकि, इनके पोषण प्रोफाइल, कैलोरी, फैट कंटेंट और शरीर पर असर में कुछ अंतर देखने को मिलता है। यही कारण है कि एक ही जवाब हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से समझेंगे कि प्रोटीन के लिए चिकन और अंडे में क्या अंतर है और आपके लिए कौन सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर- चिकन या अंडा?

डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि चिकन और अंडा दोनों में हाई क्वालिटी प्रोटीन पाया जाता है, जिसे शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है। 100 ग्राम स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट में लगभग 30 से 31 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि एक मीडियम साइज के अंडे में लगभग 6 से 7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इस आधार पर देखा जाए तो चिकन में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन अंडा भी अच्छा विकल्प है।

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1. वजन घटाने के लिए क्या बेहतर है?

यदि आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो अंडा एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है। उबला अंडा, जिसमें एक्स्ट्रा तेल या फैट नहीं होता, कम कैलोरी में अच्छा प्रोटीन प्रदान करता है। वहीं चिकन भी वजन घटाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे ग्रिल या उबालकर खाना चाहिए। डीप फ्राइड चिकन या ज्यादा तेल में पकाया गया चिकन वजन घटाने की प्रोसेस को प्रभावित कर सकता है।

2. मसल्स बनाने के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है?

मसल्स बिल्डिंग के लिए चिकन को ज्यादा प्रभावी माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। जिम जाने वाले लोगों के लिए चिकन एक मेन डाइट फूड है। हालांकि अंडा भी मसल्स रिकवरी और ग्रोथ में भूमिका निभाता है, क्योंकि इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं।

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chicken vs egg for proteinchicken vs egg for protein

एक्सपर्ट की सलाह

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, अंडा आमतौर पर हल्का और जल्दी पचने वाला माना जाता है, जबकि चिकन थोड़ी देर में पचता है लेकिन लंबे समय तक एनर्जी प्रदान करता है। इसलिए शरीर की जरूरत और एक्टिविटी लेवल के अनुसार दोनों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

निष्कर्ष

चिकन और अंडा दोनों ही प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं। चिकन में जहां प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, वहीं अंडा ज्यादा बैलेंस और आसान विकल्प माना जाता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, सबसे अच्छा तरीका यह है कि दोनों को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जाए ताकि शरीर को पूरा पोषण मिल सके और फिटनेस गोल भी आसानी से पूरे हो जाएं।

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FAQ

  • 100 ग्राम चिकन में कितना प्रोटीन होता है?

    100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 30 से 31 ग्राम प्रोटीन होता है।
  • क्या चिकन रोज खाना सुरक्षित है?

    सीमित मात्रा में हेल्दी तरीके से बनाया गया चिकन रोजाना खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है।
  • क्या चिकन पचने में भारी होता है?

    चिकन थोड़ा देर से पचता है लेकिन यह लंबे समय तक एनर्जी देता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 03, 2026 19:06 IST

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