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Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

सोयाबीन या चिकन: किस चीज में ज्यादा प्रोटीन होता है? एक्सपर्ट दे रहे हैं सलाह

प्रोटीन के लिए आप सोयाबीन या चिकन, किसी भी विकल्प को चुन सकते हैं। हालांकि, यह जान लेना जरूरी है कि प्रोटीन के लिए बेहतर विकल्प क्या है?
सोयाबीन या चिकन: किस चीज में ज्यादा प्रोटीन होता है? एक्सपर्ट दे रहे हैं सलाहसोयाबीन या चिकन: किस चीज में ज्यादा प्रोटीन होता है? एक्सपर्ट दे रहे हैं सलाह

प्रोटीन के लिए हम तरह-तरह की चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं। इसमें दूध और दूध से बने प्रोडक्ट को अधिक महत्व देते हैं। कई लोग प्रोटीन के लिए सोयाबीन को अच्छा विकल्प मानते हैं, तो नॉन-वेजिटेरियन लोग चिकन प्रोटीन के स्रोत के रूप में चिकन खाना पसंद करते हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर प्रोटीन के लिए इनमें से बेहतर स्रोत क्या है? इस बारे में तमाम जरूरी बातें जानने के लिए हमने Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की है। इन बातों को आप इग्नोर न करें।

सोयाबीन या चिकनः किसमें है ज्यादा प्रोटीन?

विशेषज्ञों की मानें, तो नॉन-वेज खाने वाले प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए चिकन खा सकते हैं, वहीं वेजिटेरियन लोग सोयाबीन के विकल्प को चुन सकते हैं। जहां तक सवाल इस बात का है कि प्रोटीन के लिए इनमें से बेहतर विकल्प क्या है? इस बारे में दिव्या गांधी बताती हैं, "सोयाबीन के कुछ प्रोडक्ट्स में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जैसे सोया चंक्स। 100 ग्राम पके हुए चिकन में 31 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम सोया चंक्स में 52 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इससे स्पष्ट है कि प्रोटीन के लिए बेहतर विकल्प के रूप में आप सोया चंक्स का सेवन कर सकते हैं।"

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प्रोटीन के लिए किसे चुनें?

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चिकन के फायदे

जैसा कि पहले ही बताया गया है कि चिकन प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। इसमें कार्ब्स बिल्कुल नहीं होते हैं और हमारे शरीर के लिए इसे पचाना भी आसान होता है। हालांकि, प्रोटीन के लिए आपको लीन ब्रेस्ट और स्किनलेस चिकन चुनना चाहिए। इसमें कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जैसे विटामिन बी12, आयरन और जिंक। यह मसल्स ग्रोथ के लिए अच्छा ऑप्शन और वजन घटाने वाले भी इसका सेवन कर सकते हैं।

सोया चंक्स के फायदे

अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो प्रोटीन के लिए सोया चंक्स को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। यह फाइबर का भी अच्छा स्रोत है। विशेषज्ञों की मानें, तो इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है और इसमें आइसोफ्लेवोन जैसे अनोखे एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो सेहत में सुधार के लिए जाने जाते हैं।

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एक्सपर्ट की राय

दिव्या गांधी कहती हैं, वैसे तो दोनों ही प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत माने जाते सकते हैं, लेकिन आप अपनी शरीर की जरूरत और सुविधा के अनुसार इसे चुन सकते हैं-

  1. मसल ग्रोथ के लिए चिकन और सोया चंक्स दोनों अच्छे हैं, लेकिन चिकन हमारे शरीर में तेजी से एब्जॉर्ब हो जाता है।
  2. चिकन आसानी से पच जाता है, जबकि सोया फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  3. आप प्रोटीन के लिए जिसका भी सेवन कर रहे हैं, उसे सीमित मात्रा में ही खाएं। किसी भी चीज की अति सही नहीं है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि अगर आप दोनों चीजें खाते हैं, तो दोनों को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। प्रोटीन के अलावा भी इनमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत में सुधार करते हैं। हां, अगर वेजिटेरियन हैं, तो प्रोटीन के लिए सोया पर निर्भर न रहें। अन्य प्रोडक्ट जैसे दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन भी कर सकते हैं। इन्हें अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, तो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं।

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FAQ

  • सबसे ताकतवर प्रोटीन कौन सा होता है?

    व्हे प्रोटीन को सबसे ताकतवर प्रोटीन माना जाता है। एनसीबीआई के एक लेख से इसकी पुष्टि होती है कि व्हे प्रोटीन आइसोलेट्स में प्रोटीन की मात्रा 90 फीसदी या उससे अधिक होती है। व्हे प्रोटीन आइसोलेट को प्रोसेस्ड करने के दौरान फैट और लैक्टोज को काफी हद तक हटा दिया जाता है।
  • क्या सोया खाना मांस खाने से बेहतर है?

    हमें हमेशा बैलेंस्ड डाइट लेना चाहिए। सोया या मांस दोनों ही अच्छे विकल्प हैं। अगर आपकी सेहत सही है और कोई बीमारी नहीं है तथा नॉन-वेज खाते हैं, तो मांस को भी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। हां, अगर किसी को हार्ट संबंधी बीमारी है, तो बेहतर होगा कि आप लाल मांस न खाएं।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 26, 2026 11:46 IST

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