Mon Oct 12, 2026 | 09:07 AM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

चिकन या पोर्क, प्रोटीन के लिए कौन है बेस्ट? एक्सपर्ट से जानें

चिकन और पोर्क दोनों में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है लेकिन चिकन को आमतौर पर कम फैट और कम कैलोरी वाला विकल्प माना जाता है।
चिकन या पोर्क, प्रोटीन के लिए कौन है बेस्ट? एक्सपर्ट से जानेंचिकन या पोर्क, प्रोटीन के लिए कौन है बेस्ट? एक्सपर्ट से जानें

आज की फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने वाले लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। खासकर नॉन-वेज खाने वाले लोगों के बीच चिकन और पोर्क दो ऐसे विकल्प हैं, जिन्हें प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स के रूप में देखा जाता है। जिम जाने वाले लोग, मसल्स गेन करने वाले और वजन कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि प्रोटीन के लिए चिकन बेहतर है या पोर्क? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

चिकन या पोर्क, हाई प्रोटीन के लिए क्या खाएं?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि भारत में आमतौर पर पोर्क का सेवन ज्यादा नहीं होता है, बात करें प्रोटीन की तो 100 ग्राम स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट में लगभग 30 से 31 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। वहीं, 100 ग्राम पोर्क में लगभग 25 से 27 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। इस आधार पर देखा जाए तो चिकन में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, खासकर चिकन ब्रेस्ट में। केवल प्रोटीन की मात्रा देखकर किसी फूड को बेहतर नहीं कहा जा सकता। इसके साथ फैट, कैलोरी और अन्य पोषक तत्वों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: ऑमलेट या उबला अंडा? जानिए प्रोटीन के लिए कौन है ज्यादा फायदेमंद और हेल्दी विकल्प

  • चिकन, खासतौर से स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट, कम फैट और कम कैलोरी वाला विकल्प माना जाता है। यही कारण है कि जिम ट्रेनर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अक्सर वजन कम करने या लीन मसल्स बनाने वाले लोगों को चिकन खाने की सलाह देते हैं।
  • दूसरी ओर, पोर्क के कुछ हिस्सों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। हालांकि, पोर्क के लीन कट्स कम फैट वाले भी होते हैं। इसलिए पोर्क का चुनाव करते समय उसके हिस्से और पकाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है।
  • प्रोटीन के अलावा पोर्क कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स है। इसमें विटामिन बी12, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं, चिकन में भी B-विटामिन्स, फॉस्फोरस और सेलेनियम मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं।

इसे भी पढ़ें: दिनभर थकान का कारण हो सकती है नाश्ते में प्रोटीन की कमी, जानें ब्रेकफास्ट का सही नियम

chicken or pork which is better for proteinchicken or pork which is better for protein

डाइटिशियन की सलाह

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना या कम फैट के साथ मसल्स बनाना है, तो चिकन ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसकी वजह इसमें मौजूद हाई प्रोटीन और कम फैट है। सबसे जरूरी बात यह है कि मांस को डीप फ्राई करने के बजाय ग्रिल, बेक या उबालकर खाया जाए, ताकि ज्यादा कैलोरी और अनहेल्दी फैट से बचा जा सके।

निष्कर्ष

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, प्रोटीन के लिहाज से चिकन और पोर्क दोनों ही अच्छे विकल्प हैं, लेकिन चिकन में आमतौर पर ज्यादा प्रोटीन और कम फैट पाया जाता है। यही कारण है कि फिटनेस और वजन घटाने वाले लोगों के लिए चिकन को अक्सर बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि, संतुलित मात्रा और सही तरीके से पकाए गए पोर्क से भी शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसलिए चुनाव करते समय केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि अपने शरीर की जरूरतों को भी देखें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या पोर्क हेल्दी होता है?

    अगर लीन कट और सही तरीके से पकाया जाए तो पोर्क भी हेल्दी हो सकता है।
  • क्या पोर्क खाने से वजन बढ़ता है?

    अगर ज्यादा फैट वाला या फ्राइड पोर्क खाया जाए तो वजन बढ़ सकता है।
  • क्या रोज चिकन खाना सुरक्षित है?

    सीमित मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाना सुरक्षित माना जाता है।

Read Next

→ ओट्स vs पोहा: हेल्दी ब्रेकफास्ट का बेहतर विकल्प कौन सा है? एक्‍सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 04, 2026 17:38 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 04, 2026 17:38 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 04, 2026 17:38 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain