Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

चिकन या पोर्क, प्रोटीन के लिए कौन है बेस्ट? एक्सपर्ट से जानें

चिकन और पोर्क दोनों में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है लेकिन चिकन को आमतौर पर कम फैट और कम कैलोरी वाला विकल्प माना जाता है।

आज की फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने वाले लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। खासकर नॉन-वेज खाने वाले लोगों के बीच चिकन और पोर्क दो ऐसे विकल्प हैं, जिन्हें प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स के रूप में देखा जाता है। जिम जाने वाले लोग, मसल्स गेन करने वाले और वजन कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि प्रोटीन के लिए चिकन बेहतर है या पोर्क? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

चिकन या पोर्क, हाई प्रोटीन के लिए क्या खाएं?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि भारत में आमतौर पर पोर्क का सेवन ज्यादा नहीं होता है, बात करें प्रोटीन की तो 100 ग्राम स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट में लगभग 30 से 31 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। वहीं, 100 ग्राम पोर्क में लगभग 25 से 27 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। इस आधार पर देखा जाए तो चिकन में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, खासकर चिकन ब्रेस्ट में। केवल प्रोटीन की मात्रा देखकर किसी फूड को बेहतर नहीं कहा जा सकता। इसके साथ फैट, कैलोरी और अन्य पोषक तत्वों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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  • चिकन, खासतौर से स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट, कम फैट और कम कैलोरी वाला विकल्प माना जाता है। यही कारण है कि जिम ट्रेनर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अक्सर वजन कम करने या लीन मसल्स बनाने वाले लोगों को चिकन खाने की सलाह देते हैं।
  • दूसरी ओर, पोर्क के कुछ हिस्सों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। हालांकि, पोर्क के लीन कट्स कम फैट वाले भी होते हैं। इसलिए पोर्क का चुनाव करते समय उसके हिस्से और पकाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है।
  • प्रोटीन के अलावा पोर्क कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स है। इसमें विटामिन बी12, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं, चिकन में भी B-विटामिन्स, फॉस्फोरस और सेलेनियम मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं।

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chicken or pork which is better for protein

डाइटिशियन की सलाह

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना या कम फैट के साथ मसल्स बनाना है, तो चिकन ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसकी वजह इसमें मौजूद हाई प्रोटीन और कम फैट है। सबसे जरूरी बात यह है कि मांस को डीप फ्राई करने के बजाय ग्रिल, बेक या उबालकर खाया जाए, ताकि ज्यादा कैलोरी और अनहेल्दी फैट से बचा जा सके।

निष्कर्ष

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, प्रोटीन के लिहाज से चिकन और पोर्क दोनों ही अच्छे विकल्प हैं, लेकिन चिकन में आमतौर पर ज्यादा प्रोटीन और कम फैट पाया जाता है। यही कारण है कि फिटनेस और वजन घटाने वाले लोगों के लिए चिकन को अक्सर बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि, संतुलित मात्रा और सही तरीके से पकाए गए पोर्क से भी शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसलिए चुनाव करते समय केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि अपने शरीर की जरूरतों को भी देखें।

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FAQ

  • क्या पोर्क हेल्दी होता है?

    अगर लीन कट और सही तरीके से पकाया जाए तो पोर्क भी हेल्दी हो सकता है।
  • क्या पोर्क खाने से वजन बढ़ता है?

    अगर ज्यादा फैट वाला या फ्राइड पोर्क खाया जाए तो वजन बढ़ सकता है।
  • क्या रोज चिकन खाना सुरक्षित है?

    सीमित मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाना सुरक्षित माना जाता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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