Sun Oct 11, 2026 | 02:54 PM IST

Medically Reviewed by Dt Payal Dutt , Sr. Dietitian – Clinical Nutrition & Therapeutic Diet Planning

प्लांट प्रोटीन Vs एनिमल प्रोटीन: किडनी मरीजों के लिए क्या बेहतर

किडनी एक अहम अंग है और जिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्याएं होती हैं उन्हें खानपान का खास ख्याल रखना होता है। किडनी मरीजों के लिए प्लांट प्रोटीन अक्सर बेहतर माना जाता है क्योंकि यह किडनी पर कम दबाव डालता है।
प्लांट प्रोटीन Vs एनिमल प्रोटीन: किडनी मरीजों के लिए क्या बेहतर
प्लांट प्रोटीन Vs एनिमल प्रोटीन: किडनी मरीजों के लिए क्या बेहतर

किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए सही खानपान दवा जितना ही जरूरी माना जाता है। कई मरीजों के मन में सवाल रहता है कि आखिर किडनी के लिए प्लांट प्रोटीन (Plant Protein) बेहतर है या एनिमल प्रोटीन (Animal Protein)? कुछ लोग मानते हैं कि किडनी की बीमारी में प्रोटीन का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, जबकि कुछ केवल दाल, सोया और अन्य पौधों से मिलने वाले प्रोटीन को ही सुरक्षित मानते हैं लेकिन क्या सच में ऐसा है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन पायल दत्त से बात की।

प्लांट प्रोटीन Vs एनिमल प्रोटीन: किडनी मरीजों के लिए कौन-सा बेहतर?

डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं कि हर किडनी मरीज की स्थिति अलग होती है। प्रोटीन की सही मात्रा और उसका सोर्स CKD के स्टेज, ब्लड रिपोर्ट और डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय किया जाना चाहिए। बिना सलाह के अपनी डाइट में बड़ा बदलाव न करें।

तुलना के आधार प्लांट प्रोटीन एनिमल प्रोटीन
सोर्स दालें, बीन्स, चना, राजमा, सोया, टोफू, मटर, क्विनोआ, नट्स और बीज अंडा, चिकन, मछली, दूध, दही, पनीर, मटन आदि
किडनी पर असर आमतौर पर किडनी पर कम दबाव डालता है और CKD की प्रोग्रेस को धीमा करने में मदद कर सकता है। ज्यादा मात्रा में लेने पर किडनी को अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
एसिड लोड शरीर में कम एसिड लोड बनाता है, इसलिए किडनी के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है। शरीर में एसिड लोड ज्यादा पैदा कर सकता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
फाइबर फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और कुछ अपशिष्ट पदार्थों के बनने को कम करने में मदद करता है। इसमें फाइबर नहीं होता, इसलिए यह फायदा नहीं मिलता।
दिल की सेहत हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है और हार्ट डिजीज का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है। ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले सोर्सों का ज्यादा सेवन हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
पोषण विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भी प्रदान करता है। हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन और सभी जरूरी अमीनो एसिड देता है।
किसे चुनें? CKD मरीजों को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह को फॉलो करना चाहिए।

पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती, लेकिन मात्रा और प्रकार का चुनाव एक्सपर्ट की सलाह से करना चाहिए।

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साल 2023 में Journals of Clinical Medicine में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, प्लांट-बेस्ड डाइट क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से बचाने और किडनी को हेल्दी रखने में बहुत मददगार है। यह डाइट हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और मोटापे को कंट्रोल करती है, जो किडनी खराब होने के मुख्य कारण हैं। किडनी की गंभीर बीमारियों में कम प्रोटीन वाली प्लांट-बेस्ड डाइट (LPD/VLPD) यूरिक टॉक्सिन को कम करने में असरदार पाई गई है। हालांकि, पोषक तत्वों की कमी और पोटैशियम के संतुलन के लिए डाइटीशियन की सलाह जरूरी है।

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क्या किडनी मरीजों को एनिमल प्रोटीन पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?

डाइटीशियन पायल दत्त का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। एनिमल प्रोटीन जैसे दूध, दही, अंडा, मछली और चिकन हाई क्वालिटी प्रोटीन के सोर्स होते हैं। इनमें शरीर के लिए जरूरी सभी एसेंशियल अमीनो एसिड मौजूद होते हैं। यदि किसी मरीज में कुपोषण का खतरा है या शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है, तो सीमित मात्रा में एनिमल प्रोटीन भी जरूरी हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर या रीनल डाइटीशियन की सलाह के एनिमल प्रोटीन पूरी तरह बंद करना सही फैसला नहीं है।

डाइटीशियन की सलाह

डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, किडनी रोगियों के लिए सबसे जरूरी बात यह नहीं है कि वे केवल प्लांट प्रोटीन या केवल एनिमल प्रोटीन लें, बल्कि यह है कि वे सही मात्रा और सही संतुलन में प्रोटीन का सेवन करें। हर मरीज की जरूरत उसकी किडनी की बीमारी के स्टेज, पोषण की स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार अलग होती है। इसलिए डाइट प्लान हमेशा डॉक्टर या रीनल डाइटीशियन की सलाह के अनुसार ही बनाना चाहिए। इससे किडनी पर अनावश्यक दबाव कम पड़ता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता रहता है।

निष्कर्ष

किडनी की बीमारी में प्रोटीन का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी है। डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, अधिकांश मामलों में प्लांट प्रोटीन किडनी के लिए ज्यादा अनुकूल माना जाता है क्योंकि यह कम एसिड लोड पैदा करता है, फाइबर से भरपूर होता है और किडनी पर अपेक्षाकृत कम दबाव डालता है। वहीं, एनिमल प्रोटीन में भी शरीर के लिए जरूरी पोषक होते हैं और इसे पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है। सबसे बेहतर तरीका यही है कि किडनी की बीमारी के स्टेज और मरीज की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर या रीनल डाइटीशियन की सलाह से बैलेंस डाइट अपनाई जाए।

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FAQ

  • क्या किडनी की बीमारी में प्रोटीन कम लेना चाहिए?

    यह मरीज की बीमारी के स्टेज और शरीर की जरूरत पर निर्भर करता है। बिना डॉक्टर की सलाह के प्रोटीन कम या ज्यादा नहीं करना चाहिए।
  • प्लांट प्रोटीन के अच्छे स्रोत कौन-कौन से हैं?

    दालें, राजमा, चना, सोया और अन्य पौधों से मिलने वाले फूड्स प्लांट प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं।
  • क्या किडनी के मरीज चिकन खा सकते हैं?

    किडनी के मरीज चिकन खा सकते हैं लेकिन डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 26, 2026 15:56 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dt Payal Dutt