Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

हंग कर्ड या सामान्य दही: पाचन के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें दोनों के बीच का अंतर

दही न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है, लेकिन आजकल हेल्थ कॉन्शियस लोग सामान्य दही के साथ-साथ हंग कर्ड (Hung Curd) का भी खूब इस्तेमाल करने लगे हैं। यहां जानिए, सामान्य दही और हंग कर्ड में पाचन के लिए कौन ज्यादा बेहतर है?

भारतीय भोजन में दाल-चावल हो, पराठा हो या फिर खिचड़ी, दही के साथ खाने का स्वाद ही अलग हो जाता है। यही वजह है कि लगभग हर घर में दही रोजाना अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है। दही न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसे पाचन के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं लेकिन पिछले कुछ समय में हेल्दी खाने का ट्रेंड बढ़ने के साथ हंग कर्ड (Hung Curd) का सेवन भी बढ़ा है। सलाद, डिप्स, सैंडविच और हेल्दी स्नैक्स में इसका इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। कई लोग इसे सामान्य दही से ज्यादा हेल्दी मानते हैं, क्योंकि यह गाढ़ा, क्रीमी और प्रोटीन से भरपूर माना जाता है। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, सामान्य दही और हंग कर्ड में पाचन के लिए कौन ज्यादा बेहतर है?

हंग कर्ड या सामान्य दही: पाचन के लिए क्या है ज्यादा बेहतर?

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, दोनों ही चीजें दूध से बनती हैं और पोषण से भरपूर होती हैं। हालांकि उनकी बनावट, पानी की मात्रा और पोषक तत्वों में थोड़ा अंतर होता है, जिससे पाचन और शरीर पर उनका प्रभाव भी थोड़ा अलग हो सकता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि पाचन के लिहाज से दोनों ही विकल्प अच्छे हो सकते हैं, लेकिन यह व्यक्ति की पाचन क्षमता और जरूरत पर निर्भर करता है। सामान्य दही हल्का होता है और इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को भारी चीजें पचाने में परेशानी होती है या जिनका पाचन कमजोर है, उनके लिए सामान्य दही ज्यादा अच्छा विकल्प हो सकता है।

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Hung curd vs normal curd

वहीं हंग कर्ड गाढ़ा होता है और इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह थोड़ा भारी महसूस हो सकता है। हालांकि जिन लोगों को हाई प्रोटीन डाइट चाहिए, उनके लिए हंग कर्ड एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

हंग कर्ड

डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि हंग कर्ड सामान्य दही से ही बनाया जाता है। इसे तैयार करने के लिए दही को एक सूती कपड़े में बांधकर कुछ घंटों के लिए टांग दिया जाता है, जिससे उसका पानी यानी व्हे (Whey) निकल जाता है। इस प्रक्रिया के बाद हंग कर्ड में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा और पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसलिए यह गाढ़ा और ज्यादा क्रीमी महसूस होता है।

सामान्य दही

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, सामान्य दही पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और पेट की कई समस्याओं जैसे गैस, एसिडिटी और कब्ज में राहत दे सकता है। इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए यह शरीर को हाइड्रेशन भी देता है और गर्मियों में ठंडक पहुंचाने में मदद करता है।

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डाइटिशियन की सलाह

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, दही को हमेशा ताजा और सही मात्रा में ही खाना चाहिए। बहुत ज्यादा खट्टा दही पेट के लिए सही नहीं माना जाता। दही को दिन के समय खाना ज्यादा अच्छा माना जाता है क्योंकि रात में कुछ लोगों को इसे पचाने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा दही में ज्यादा नमक या चीनी मिलाने से बचना चाहिए। अगर दही को फल, सलाद या हेल्दी मसालों के साथ लिया जाए तो यह और भी पौष्टिक बन सकता है।

निष्कर्ष

हंग कर्ड और सामान्य दही दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन पाचन के लिहाज से सामान्य दही हल्का और जल्दी पचने वाला माना जाता है। वहीं हंग कर्ड प्रोटीन से भरपूर और गाढ़ा होता है, जो खास जरूरतों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। इसलिए यह कहना सही होगा कि दोनों में से कौन बेहतर है, यह व्यक्ति की डाइट, पाचन क्षमता और स्वास्थ्य जरूरतों पर निर्भर करता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 07, 2026 15:07 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
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