Sat Sep 12, 2026 | 09:47 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

प्रेग्नेंसी में कब्ज से हैं परेशान? डाइट में करें ये 3 बदलाव, मिलेगा आराम

प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज की समस्या से बचने के लिए डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन बढ़ाना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा, मैदे से बनी चीजों और जंक फूड से परहेज करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में कब्ज होना काफी आम बात है। इस दौरान कब्ज होने पर बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि उनके खाने-पीने में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण यह परेशान हो रही है। हालांकि, प्रेग्नेंसी में कब्ज होने के पीछे शारीरिक और हार्मोनल बदलाव भी होते हैं। कब्ज से राहत पाने के लिए महिलाएं कोई-न कोई उपाय ढूंढती हैं। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि प्रेग्नेंसी में कब्ज से राहत पाने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट में कुछ बदलाव करने की जरूरत है। हेल्दी डाइट और हाइड्रेशन कब्ज होने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिससे आपकी प्रेग्नेंसी आसान बन सकती है।

प्रेग्नेंसी में कब्ज से बचने के लिए डाइट में क्या बदलाव करें?

साल 2022 में European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology: X में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज से बचाव के लिए डाइट में फाइबर और पर्याप्त मात्रा में लिक्विड एक साथ लेना जरूरी है, क्योंकि कम फाइबर के साथ कम पानी पीने से इसका जोखिम बढ़ जाता है।

Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि कब्ज से निपटने का सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका है कि आप अपनी प्लेट में कुछ हेल्दी बदलाव करें। इसलिए, कब्ज से राहत पाने के लिए आप अपनी डाइट में ये बदलाव कर सकती हैं:

1. घुलनशील और अघुलनशील फाइबर बढ़ाएं

प्रेग्नेंसी में रोजाना कम से कम 28 से 30 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। फाइबर आंतों में मल को भारी और मुलायम बनाता है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल जाता है। इसलिए, आप मैदे, सफेद ब्रेड या पॉलिश किए चावल के बजाय दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस, रागी और मल्टीग्रेन आटे की रोटी शामिल कर सकती हैं।
फाइबर से भरपूर फूड्स खाने के लिए छिलके वाली मूंग दाल, चना, राजना और लोबिया का सेवन भी करें। साथ ही, ताजे फल जैसे सेब, नाशपाती, अमरूद, पपीता, संतरा और अनार खाएं। जूस पीने के स्थान पर साबुत फल खाएं, ताकि शरीर को फाइबर मिले।

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2. पानी और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं

फाइबर आपके शरीर में सभी सही तरीके से काम करता है, जब शरीर में पर्याप्त पानी हो। अगर आप फाइबर खा रही हैं लेकिन पानी कम पी रही हैं तो कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए, आप दिनभर कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पिएं। सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पिएं, ताकि आंतों की गतिविधि बेहतर हो सके। पानी के अलावा आप नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ पी सकती हैं।

3. नेचुरल लैक्सेटिव्स को शामिल करें

कुछ नेचुरल फूड्स पेट को साफ करने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह पर इन उपायों को अपना सकती हैं:

  1. भीगी हुई मुनक्का या अंजीर: रात को 4 से 5 मुनक्का या 2 अंजीर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खाएं और वो पानी भी पी लें। यह पेट साफ करने के लिए एक बेहतरीन और सुरक्षित तरीका है।
  2. ईसबगोल की भूसी: अगर कब्ज के कारण आप ज्यादा परेशान हो रही हैं तो रात को सोने से पहले एक चम्मच ईसबगोल की भूसी गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर खा सकते हैं।

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प्रेग्नेंसी में कब्ज से बचाव के लिए किन गलतियों से बचें?

Dr. Anju Suryapani का कहना है कि कब्ज से बचने के लिए जितना जरूरी सही चीजों को खाना है, उतना ही जरूरी नुकसान करने वाली चीजों से परहेज करना है:

  • प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें: मैदा, बर्गर, पिज्जा, नमकीन, और बिस्किट जैसी फूड्स का सेवन करना बिल्कुल बंद कर दें। इनमें फाइबर की मात्रा न के बराबर होती है और पेट से जुड़ी समस्या का कारण बनती हैं।
  • ज्यादा चाय या कॉफी न पिएं: कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करती है, जिससे मल सख्त हो जाता है। इसलिए, दिन में 1 कप से ज्यादा चाय या कॉफी न पिएं।
  • अधिक मीठे और तले-भुने खाने से बचें: प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा चीनी और तेल-मसाले का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन क्रिया धीमी हो जाती है।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

कई बार प्रेग्नेंसी में महिलाएं कब्ज के कारण परेशान होकर मेडिकल स्टोर से खुद ही पेट साफ करने की दवाएं लेकर खाने लगती हैं। Dr. Anju Suryapani सलाह देती हैं कि प्रेग्नेंसी में बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी जुलाब या दवा लेने से बचना चाहिए। कुछ दवाएं गर्भाशय में संकुचन का कारण बन सकती हैं, जो प्रेग्नेंट महिला और बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है।
इसलिए, अगर आपको आयरन सप्लीमेंट लेने के बाद बहुत ज्यादा कब्ज हो रही है तो अपनी डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर आपके आयरन सप्लीमेंट को बदल सकती हैं या आपके लिए कोई सही स्टूल सॉफ्टनर सिरप के बारे में बता सकती हैं।

निष्कर्ष

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी में कब्ज होना शरीर के प्राकृतिक बदलावों का एक हिस्सा है, इसलिए इस समस्या से परेशान होने की ज्यादा जरूरत नहीं है। जरूरी है कि आप अपनी थाली में फाइबर, हरी सब्जियां, फल और भरपूर मात्रा में पानी शामिल करें। प्रेग्नेंसी में थोड़ा सा खान-पान का ध्यान रखने और एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करने से न सिर्फ कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है, बल्कि आपके भ्रूण को भी सही पोषण मिलता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • कब्ज किसकी कमी से होता है?

    कब्ज की समस्या आमतौर पर शरीर में फाइबर और पानी की कमी के कारण होता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों की कमी, ज्यादा फैट वाला भोजन या तनाव भी कब्ज का कारण बन सकता है।
  • ऐसा क्या खाएं कि तुरंत पेट साफ हो जाए?

    पेट को तुरंत साफ करने और कब्ज से राहत पाने के लिए सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना और पपीता, ईसबगोल की भूसी या अजवाइन के साथ गुड़ का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 12, 2026 19:59 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani

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