प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट का खास ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में महिला को प्रोटीन से भरपूर फूड्स ज्यादा खाने की सलाह दी जाती है, ताकि मां और बच्चे दोनों की सेहत पर अच्छा असर पड़ सके। ऐसे में अक्सर प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा प्रोटीन क्यों खाना चाहिए और ज्यादा प्रोटीन लेने से क्या होता है? इसके साथ ही वह कई बार प्रोटीन इनटेक इसलिए भी बढ़ाती हैं ताकि बच्चे की सेहत पर किसी तरह का बुरा असर न पड़ सके। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि प्रेग्नेंसी में प्रोटीन की मांग सिर्फ मां के लिए नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास के लिए भी बहुत जरूरी होती है।
प्रेग्नेंसी में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत क्यों होती है?
Dr. Anju Suryapani ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का शरीर सिर्फ अपने लिए काम नहीं कर रहा होता है, बल्कि 9 महीने अपने गर्भ में एक बच्चे को बढ़ा रहा होता है। बच्चे के अंग, हड्डियां, मांसपेशियां, खून और नर्वस सिस्टम, बच्चे का सब कुछ मां द्वारा लिए जा रहे पोषण से ही बनते हैं। ऐसे में इन कारणों से प्रेग्नेंसी में प्रोटीन की जरूरत अचानक बढ़ जाती है।
साल 2013 में Food & Nutrition Research में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन भ्रूण के सही विकास और नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। एनर्जी की कमी वाली प्रेग्नेंट महिलाओं में संतुलित प्रोटीन-ऊर्जा सप्लीमेंट देने से शिशु के जन्म के समय वजन में 95 से 324 ग्राम और लंबाई में 4.6 से 6.1 मिमी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही कम वजन वाले शिशुओं के जन्म की संभावना में 6% तक की कमी आती है।
1. भ्रूण का शारीरिक विकास
प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में शिशु का विकास बहुत तेजी से होता है। शिशु के दिमाग, दिल, फेफड़े और मांसपेशियों के सेल्स बनने और सेल डिविजन के लिए प्रोटीन की ज्यादा जरूरत होती है।
2. प्लेसेंटा और एम्नियोटिक द्रव का निर्माण
प्लेसेंटा, महिलाओं के शरीर में वह अंग है जो मां के शरीर से बच्चे तक ऑक्सीजन और पोषण को पहुंचाता है। प्लेसेंटा का निर्माण और उसका सही तरीके से काम करना पूरी तरह प्रोटीन पर निर्भर करता है। इसके अलावा, गर्भाशय और ब्रेस्ट के टिश्यू का आकार बढ़ने के लिए भी प्रोटीन जरूरी है।
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3. खून बढ़ना
प्रेग्नेंसी के दौरान मां के शरीर में खून की मात्रा लगभग 45% से 50% तक बढ़ जाती है ताकि बच्चे को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके। खून में मौजूद रेड ब्लड सेल्स (RBCs) और हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है।
प्रेग्नेंसी में प्रोटीन की कमी होने पर क्या होता है?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि कई बार महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेती हैं और सिर्फ कार्बोहाइड्रेट फूड्स पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में शरीर में प्रोटीन की कमी से मां और बच्चे दोनों को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:
- जन्म के समय बच्चे का कम वजन: प्रेग्नेंसी के दौरान पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर शिशु का विकास धीमा पड़ जाता है, जिससे जन्म के समय बच्चे का वजन सामान्य से कम हो सकता है।
- समय से पहले जन्म: प्रोटीन की कमी होने पर टिश्यू और गर्भाशय कमजोर हो सकते हैं, जिसके कारण समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।
- महिला में एनीमिया और कमजोरी: प्रोटीन की कमी से हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो जाता है, जिससे प्रेग्नेंट महिला में खून की कमी हो सकती है, जो ज्यादा थकान, चक्कर आना और एनीमिया की समस्या को बढ़ा सकता है।
- डिलीवरी के बाद रिकवरी में देरी: डिलीवरी के बाद मां के घावों को भरने और ब्रेस्टफीडिंग के लिए दूध बनने में प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, प्रोटीन की कमी होने पर घाव भरने और दूध बनने में काफी परेशानी हो सकती है।
प्रेग्नेंसी में रोजाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, एक हेल्दी महिला को रोजाना लगभग 45 से 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान यह आवश्यकता बढ़कर 65 से 70 ग्राम या उससे ज्यादा प्रतिदिन हो जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 20 से 25 ग्राम ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है।
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प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?
Dr. Anju Suryapani के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए इन फूड्स का सेवन करना फायदेमंद सकते हैं:
| प्रोटीन सोर्स | विकल्प |
| दाल और बीन्स | मूंग दाल, चने, राजमा, लोबिया, काबुली चने |
| डेयरी प्रोडक्ट्स | दूध, ताजा पनीर, दही और छाछ |
| ड्राई फ्रूट्स और सीड्स | बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और चिया सीड्स |
| सत्तू और बेसन | भुने चने का सत्तू, बेसन का चीला, बेसन की रोटी |
| नॉनवेज फूड्स | अंडे, चिकन, मछली |
प्रोटीन लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- सप्लीमेंट्स खुद से न लें क्योंकि बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर में कई बार आर्टिफिशियल स्वीटनर या प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। कोई भी प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
- भोजन को संतुलित रखें, सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और फाइबर का संतुलन बनाए रखें।
- अधपका भोजन न खाएं, क्योंकि हाफ-वॉइल्ड अंडा या अधपका मीट और मछली खाने से इंफेक्शन का खतरा रहता है। हमेशा खाना अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
- खुद को हाइड्रेटेड रखें, क्योंकि जब आप डाइट में प्रोटीन बढ़ाती हैं तो पाचन को बेहतर रखने और कब्ज से बचने के लिए दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी हो जाता है।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सही पोषण लेना मां और भ्रूण दोनों के लिए बहुत जरूरी है। प्रोटीन आपके बच्चे के स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, आज ही से अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करना शुरू कर दें। अगर आपको डाइट प्लान बनाने में कोई समस्या है तो अपनी डॉक्टर या डाइटिशियन से कंसल्ट कर सकते हैं।
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FAQ
प्रेग्नेंसी में प्रोटीन पाउडर कब से लेना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में प्रोटीन पाउडर लेने का कोई तय समय नहीं होता है और इसे लेने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। अगर आपको रोजाना के प्रोटीन इनटेक को पूरा करना है तो इसकी जरूरत हो सकती है।1 दिन में कितना प्रोटीन पाउडर पीना चाहिए?
एक दिन में आमतौर पर 1 से 2 स्कूप प्रोटीन पाउडर का सेवन करना काफी माना जाता है, लेकिन इसकी सही मात्रा आपके डेली प्रोटीन इनटेक और खान-पान पर निर्भर करती है।
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Sep 11, 2026 12:32 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani