प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अक्सर हल्की वॉक करने की सलाह दी जाती है। वॉक करना आमतौर पर सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, जिससे वजन कंट्रोल करने, गेस्टेशनल डायबिटीज से बचाव और मूड स्विंग्स को मैनेज करने में मदद मिलती है। महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि प्रेग्नेंसी में उन्हें कितनी देर वॉक करना चाहिए? Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको किसी तरह की मेडिकल कॉम्प्लिकेशन नहीं है तो आराम से ज्यादा चलना-फिरना आपके और होने वाले बच्चे की सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
प्रेग्नेंसी में रोजाना कितना चलना सुरक्षित है?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि हर महिला की शारीरिक क्षमता और प्रेग्नेंसी की स्थिति अलग होती है। एक हेल्दी प्रेग्नेंट महिला के लिए रोजाना 20 से 30 मिनट की हल्की या मध्यम गति की वॉक पूरी तरह से सुरक्षित मानी जाती है। अगर आप इसे हफ्ते में 5 दिन भी हल्की वॉक करती हैं तो यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। त्रिमाही के अनुसार आपके वॉक करने की अवधि कम या ज्यादा हो सकती है।
पहली तिमाही
अगर आप प्रेग्नेंसी से पहले ज्यादा एक्टिव नहीं थीं तो शुरुआत में 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक से शुरुआत कर सकती हैं। धीरे-धीरे अपने शरीर की क्षमता के अनुसार समय को बढ़ा सकते हैं।
दूसरी तिमाही
यह प्रेग्नेंसी का सबसे आरामदायक और सुरक्षित समय माना जाता है। इस दौरान मॉर्निंग सिकनेस कम हो जाती है और एनर्जी बनी रहती है। आप रोजाना 30 मिनट आराम से टहल सकती हैं।
इसे भी पढ़ें: ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग और रनिंग: सेहत के लिए इनमें से क्या है ज्यादा फायदेमंद? खुद एक्सपर्ट से जानें
तीसरी तिमाही
प्रेग्नेंसी की इस अवधि में पेट का आकार बड़ा हो जाता है और शरीर का सेंटर ऑफ ग्रेविटी बदल जाती है। इस दौरान 15 से 20 मिनट की धीमी वॉक करें। एक बार में बहुत ज्यादा चलने के बजाय दिन में 10-10 मिनट के 2-3 बार वॉक करें।
Dr. Anju Suryapani सलाह देती हैं कि वॉक की गति ऐसी होनी चाहिए कि आप चलते-चलते आराम से बात कर सकें। अगर चलते समय आपकी सांस फूल रही है तो अपने चलने की गति को धीमा करें।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2025 में European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology में प्रकाशित स्टडी में प्रेग्नेंसी के दौरान टहलने और तेज चलने के समय को लेकर अलग-अलग सोर्स की गाइडलाइन भी अलग है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के मुताबिक, अगर महिला को कोई मेडिकल समस्या न हो तो प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादातर दिनों में रोजाना कम से कम 30 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करना सही माना जाता है।

प्रेग्नेंसी में वॉक करने के फायदे
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी में रोजाना टहलने से आपके शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं, जैसे-
- वॉक करने से पेल्विक एरिया की मांसपेशियां लचीली और मजबूत बनती हैं। तीसरी तिमाही में वॉक करने से शिशु का सिर नीचे होने में मदद मिलती है, जिससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है।
- प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या से रहता मिलती है। टहलने से खाना आसानी से पचता है और कब्ज नहीं होता है।
- सही मुद्रा में वॉक करने से रीढ़ की हड्डी और पेल्विक की मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।
- टहलने से शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, जिससे पैरों और टखनों में फ्लूड रिटेंशन कम होता है।
- वॉक करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, जिससे गेस्टेशनल डायबिटीज होने का खतरा काफी कम हो सकता है।
- नियमित वॉक करने से शरीर में हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले मूड स्विंग्स, एंग्जायटी और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
टहलते समय किन सावधानियों का ध्यान रखें?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान टहलते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
- सही जूते पहनें: कभी भी चप्पल या हील्स पहनकर वॉक न करें। हमेशा आरामदायक, अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स शूज पहनें, ताकि फिसलने की संभावना कम हो।
- हाइड्रेटेड रहें: वॉक पर जाने से पहले और आने के बाद पानी जरूर पिएं। शरीर में पानी की कमी से गर्भाशय में संकुचन शुरू हो सकते हैं।
- सही जगह पर वॉक करें: हमेशा साफ, समतल और बिना गड्ढों वाली जगह या पार्क में ही टहलें। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने से गिरने का खतरा रहता है।
- समय का ध्यान रखें: बहुत ज्यादा गर्मी या धूप में घर के बाहर वॉक करने से बचें। हमेशा सुबह जल्दी या शाम के ठंडे माहौल में ही टहलना सबसे अच्छा होता है।
प्रेग्नेंसी में कब वॉक नहीं करना चाहिए?
Dr. Anju Suryapani के मुताबिक, अगर आपकी प्रेग्नेंसी में हाई-रिस्क कंडीशंस जैसे, प्लासेंटा प्रीविया, कमजोर गर्भाशय ग्रीवा, बार-बार मिसकैरेज का इतिहास या जुड़वां बच्चे हैं, तो डॉक्टर आपको पूरी तरह आराम करने की सलाह दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के वॉक करने से बचना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: हेल्दी रहने के लिए रोज करते हैं वॉक? न करें ये 6 गलतियां, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर वॉक करते समय आपके शरीर में ये लक्षण नजर आए तो तुरंत वॉक करना बंद कर देना चाहिए और अपनी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
- योनि से खून आना या डिस्चार्ज
- पेट के निचले हिस्से में तेज ऐंठन या मरोड़
- बहुत ज्यादा चक्कर आना या सिर घूमना
- धुंधला दिखाई देना
- सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होना
- पैरों में अचानक तेज दर्द या सूजन आना
निष्कर्ष
Dr. Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी में रोजाना 20 से 30 मिनट टहलना सुरक्षित माना जाता है। इतनी देर टहलने से मां और बच्चे दोनों को हेल्दी रखता है। यह न सिर्फ आपके शरीर की एनर्जी को बनाए रखता है, बल्कि आने वाली डिलीवरी के लिए भी स्टैमिना बढ़ाता है। इसलिए, आप अपनी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद हल्की वॉक करना शुरू कर सकती हैं।
Image Credit: Freepik
FAQ
प्रेग्नेंसी में कौन सी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान पेट के बल लेटने वाली एक्सरसाइज, बहुत ज्यादा कूदने वाले या हाई-इम्पैक्ट वर्कआउट और ऐसे योगासन या स्ट्रेच नहीं करने चाहिए, जिनसे आपके शरीर का संतुलन बिगड़ें।प्रेग्नेंसी के कौन से महीने में एक्सरसाइज करनी चाहिए?
प्रेग्नेंसी की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाहियों में ऐसी एक्सरसाइज की जा सकती हैं, जो आपके शरीर पर किसी तरह का दबाव न डाले और शरीर का संतुलन भी न बिगड़ने दे।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 11, 2026 16:51 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani