Fri Oct 9, 2026 | 11:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

बार-बार पेट फूलना सिर्फ गैस नहीं! डॉक्टर से जानें इसके पीछे छिपे कारण

बार-बार पेट फूलना सिर्फ गैस नहीं, बल्कि पाचन से जुड़ी समस्याओं, हार्मोनल बदलाव या मेडिकल हिस्ट्री जैसे कई अन्य कारणों से हो सकता है। इसके गंभीर लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार पेट फूलना सिर्फ गैस नहीं! डॉक्टर से जानें इसके पीछे छिपे कारणबार-बार पेट फूलना सिर्फ गैस नहीं! डॉक्टर से जानें इसके पीछे छिपे कारण

कई लोगों को बार-बार पेट फूलने की समस्या होती है। जिसके कारण उनको पेट में ऐंठन और दर्द जैसी परेशानियां होती हैं और व्यक्ति के रूटीन के काम प्रभावित होने लगते हैं। इसको अक्सर लोग गैस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये सिर्फ गैस नहीं बल्की अन्य समस्याओं के कारण भी हो सकती है। आइए इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

बार-बार ब्लोटिंग होने के कारण

डॉ. पूजा के अनुसार, पेट फूलना यानी ब्लोटिंग पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसे अक्सर पेट में भरापन, कसाव या सूजन के तौर पर महसूस किया जाता है। हालांकि, ज्यादा गैस से पेट फूल सकता है, लेकिन बार-बार या लगातार पेट फूलने के कई और कारण भी हो सकते हैं।

1. तेज खाने और हवा निगलने के कारण

ज्यादा खाना खाने, बहुत तेजी से खाना, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का अधिक सेवन करना और खाते समय हवा निगलना भी पेट फूलने की वजह बन सकते हैं।

2. फूड्स के कारण

कुछ खास तरह के खाने, जैसे बीन्स, प्याज, कुछ सब्जियां और आर्टिफिशियल स्वीटनर भी पेट में गैस या फर्मेंटेशन बढ़ा सकते हैं। अगर खान-पान में बदलाव के बावजूद पेट फूलने की समस्या बनी रहती है, तो गैस के अलावा दूसरे कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए और डॉक्टर से लक्षणों के बारे में बात करनी चाहिए।

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3. पाचन से जुड़ी समस्याएं

पाचन से जुड़ी समस्याएं भी इसका एक अहम कारण हो सकती हैं। कब्ज की वजह से पेट फूला हुआ लग सकता है, क्योंकि मल और गैस ज्यादा देर तक आंतों में जमा रहते हैं। कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस या कुछ खास कार्बोहाइड्रेट से सेंसिटिविटी हो सकती है, जिससे कुछ खास चीजें खाने के बाद पेट फूल सकता है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की वजह से भी बार-बार पेट फूल सकता है, साथ ही पेट में दर्द और मल त्यागने की आदतों में बदलाव भी हो सकता है।

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4. मेडिकल हिस्ट्री के कारण

कुछ मामलों में, व्यक्ति के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर सीलिएक डिजीज, छोटी आंत में बैक्टीरिया का ज्यादा बढ़ना (SIBO) या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़ी दूसरी बीमारियों पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

5. हार्मोन्स में बदलाव के कारण

महिलाओं को हार्मोनल बदलावों के कारण भी पीरियड्स के दौरान भी पेट फूलने की समस्या हो सकती है। 

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2011 में Gastroenterology & Hepatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बार-बार पेट फूलने और गैस की समस्या मुख्य रूप से गलत खान-पान, पाचन तंत्र की कमजोरी और आंतों में गैस के ठीक से न निकल पाने के कारण होती है। जब कुछ खास चीजें (जैसे दालें, दूध, गेहूं या फाइबर) पेट में पूरी तरह पच नहीं पातीं या खाने के साथ पेट में हवा चली जाती है, तो आंतों में गैस बनने लगती है। इसके अलावा, आंतों के बैक्टीरिया का असंतुलन (जैसे SIBO), कब्ज या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी पाचन से जुड़ी बीमारियां और पेट व डायाफ्राम की मांसपेशियों की गड़बड़ी भी इस समस्या को और बढ़ा देती हैं।

पेट फूलने की समस्या से राहत के लिए क्या करें?

डॉ. पूजा के अनुसार, पेट फूलने की समस्या से बचने के लिए कुछ आदतों में बदलाव लाना जरूरी है। जैसे-

  • धीरे-धीरे खाना खाएं।
  • कम मात्रा में खाना खाएं।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।

पेट फूलने का कारण बनने वाले खास खाने की पहचान करना जैसे आसान उपाय मदद कर सकते हैं। खाने और लक्षणों की डायरी रखने से कभी-कभी पैटर्न का पता लगाने में मदद मिल सकती है, लेकिन खुद से बीमारी का पता लगाने (सेल्फ-डायग्नोसिस) से बचना चाहिए। 

सबसे जरूरी बात यह समझना है कि बार-बार पेट फूलना एक लक्षण है, कोई बीमारी नहीं और बार-बार यह मान लेने के बजाय कि समस्या गैस की है, इसकी असल वजह का इलाज करना ज्यादा फायदेमंद है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. पूजा के अनुसार, कभी-कभार पेट फूलना आमतौर पर चिंता की बात नहीं है, लेकिन लगातार या तेजी से बिगड़ते लक्षणों के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अगर पेट फूलने के साथ-साथ बिना वजह वजन कम होना, मल में खून आना, लगातार उल्टी होना, पेट में तेज दर्द, बुखार, निगलने में परेशानी या मल त्यागने की आदतों में बड़ा बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टर टेस्ट की जरूरत तय करने से पहले व्यक्ति के खान-पान, दवाओं, मल त्यागने के पैटर्न और मेडिकल हिस्ट्री की जांच कर सकते हैं।

निष्कर्ष

बार-बार पेट फूलना यानी ब्लोटिंग सिर्फ नॉर्मल गैस की समस्या नहीं है, बल्कि यह गलत खान-पान, पाचन तंत्र की कमजोरी या कब्ज, IBS और छोटी आंत में बैक्टीरिया का ज्यादा बढ़ना (SIBO) जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। यह कोई बीमारी न होकर शरीर का एक लक्षण है। इससे राहत के लिए खान-पान में सुधार और लाइफस्टाइल में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा, इस समस्या के सही कारणों का पता लगाकर भी इससे राहत पाई जा सकती है।

हालांकि, कभी-कभार ब्लोटिंग आम है, लेकिन लंबे समय तक बने रहने या गंभीर लक्षणों (जैसे वजन कम होना या खून आना) के साथ दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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FAQ

  • ब्लोटिंग के क्या लक्षण हैं?

    ब्लोटिंग की स्थिति में व्यक्ति को पेट में भारीपन, जकड़न, पेट दर्द, ऐंठन, बार-बार डकार आने, गैस निकलने और पेट में गड़गड़ाहट की आवाज आने जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं।
  • ब्लोटिंग में क्या नहीं खाना चाहिए?

    ब्लोटिंग की समस्या से परेशान लोगों को तले-भुने, दूध या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स, दालें, फलियां, मीठी चीजें, रिफाइंड शुगर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, कैफीन और अल्कोहल जैसी चीजों के सेवन से बचना चाहिए।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 21:16 IST

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